कौन हैं गौर गोपाल दास, जो भारत के 10 प्रेरक वक्ताओं की सूची में शामिल हैं: Gaur Gopal Das
Gaur Gopal Das

Gaur Gopal Das: गौर गोपाल दास एक भारतीय आध्यात्मिक मार्गदर्शक और प्रेरक वक्ता हैं। वह 1996 से एक संन्यासी और इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) का हिस्सा हैं। वह पूर्व इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं, जिन्होंने हेवलेट-पैकर्ड (एचपी) के लिए काम किया था। वह अपने काम से संतुष्ट नहीं थे। फलस्वरूप उन्होंने अपनी भौतिक महत्वाकांक्षाओं को त्यागने और आध्यात्मिकता व आत्म-साक्षात्कार के मार्ग का अनुसरण करने का निर्णय लिया। देश के सबसे लोकप्रिय प्रेरक वक्ताओं में से एक, गौर गोपाल दास एक राधानाथ स्वामी शिष्य हैं, जिन्होंने गूगल के मुख्यालय और ब्रिटिश संसद में व्याख्यान दिए हैं। गोपाल दास जी ने प्रेरणादायक भाषण और आध्यात्मिकता वार्ता देने के लिए वर्षों से दुनिया भर में यात्रा की है। बतौर एक रोल मॉडल के रूप में उन्होंने युवाओं को अपने उद्धरणों से प्रेरित किया है, जैसे “अपने विश्वास को खिलाओ और आपके सभी संदेह मौत के घाट उतर जाएंगे।”

Gaur Gopal Das:देश-दुनिया में प्रवचन

एक प्रेरक वक्ता होने के नाते वे इस्कॉन (चौपाटी शाखा) के सदस्य के रूप में भारत और विदेशों के अनेक संस्थानों में व्याख्यान देते हैं। उनके पाठ्यक्रम में संतोष, उपलब्धि और रिश्ते जैसे विषय शामिल हैं। गौर गोपाल दास ने एक बार लंदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पेशेवर सेवा कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग में प्रवचन दिया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बार्कलेज, इंफोसिस, बैंक ऑफ अमेरिका, मैकिंटोश, फोर्ड और ईवाई सहित कई कंपनियों में व्याख्यान दिया है।

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व्यक्तिगत जीवन

Gaur Gopal Das
Gaur Gopal Das Journey

गौर गोपाल दास का जन्म 24 दिसंबर, 1973 को महाराष्ट्र में हुआ था। पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उनके पिता का 2009 में पार्किंसंस रोग से निधन हो गया था। एक वीडियो में गौर गोपाल दास ने अपने प्रशंसकों के सामने स्वीकार किया कि कुछ असहमतियों के कारण उन्होंने दो साल तक अपने पिता से बात नहीं की थी। अपनी मां के आग्रह पर उन्होंने फिर से बातचीत शुरू की थी।

कितनी है नेट वर्थ

गौर गोपाल दास की नेट वर्थ 11.21 करोड़ भारतीय रुपये है। इन दिनों वह सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध साधुओं में से हैं।

कहां से प्राप्त की शिक्षा

गौर गोपाल दास ने सेंट जूड हाई स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने कुस्रो वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।

कितनी पुस्तकें लिखी हैं

गौर गोपाल दास ने दो पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से पहली का शीर्षक लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स है। यह किताब इस बात पर केंद्रित है कि जीवन में संतुलन और उद्देश्य कैसे प्राप्त करें। 2020 की पुस्तक द वे ऑफ द मॉन्क में उन्होंने चार मुख्य विषयों शांति, उद्देश्य, खुशी और स्वयं का जीवन की चर्चा की। उन्होंने अपने जीवन में “चेकमेट,” “विजय,” और “पुनरुद्धार” सहित कई उपन्यास और किताबें भी लिखी हैं।