Overview: मां दुर्गा के आगमन से पहले घर से निकालें नेगेटिव एनर्जी, तभी मिलेगा पूजा का फल
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर घर से ऐसी चीजों को हटा देना चाहिए जिसका बरसों से उपयोग न किया गया हो। ताकि मां दुर्गा का आगमन शुभ हो।
Remove Negative Energy Before Navratri: शारदीय नवरात्रि 2025 का आगमन अब करीब है। पंचांग के अनुसार, यह पर्व 22 सितंबर से आरंभ होगा। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा धरती पर अवतरित होती हैं। प्रतिपदा से नवमी तक मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि सकारात्मक ऊर्जा और आनंद का प्रतीक है। घरों से लेकर मंदिरों तक भव्य पूजा का आयोजन होता है। लेकिन मां के स्वागत से पहले घर की नेगेटिव एनर्जी को साफ करना भी जरूरी है। अगर ऐसा न किया जाए, तो पूजा का फल अधूरा रह जाता है। तो चलिए जानतें हैं किन चीजों को घर से निकालना जरूरी है ताकि घर को नवरात्रि से पहले पवित्र और साफ-सुधरा बनाया जा सके।
टूटे बर्तन नकारात्मकता का संकेत

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नवरात्रि से पहले टूटे-फूटे सामान घर से हटा दिए जाने चाहिए। जैसे बर्तन, खिलौने या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो खराब हैं। खासकर कांच के बर्तनों या आईने में दरार हो, तो तुरंत निकाल फेंकें। ये अशुभ संकेत देते हैं और नकारात्मकता फैलाते हैं। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता बनी रहेगी। पुराने टूटे सामान रखने से वातावरण भारी हो जाता है, जो मां की कृपा में बाधा डालता है।
टूटी व खंडित मूर्तियां
घर के मंदिर में रखी देवी-देवताओं की टूटी या क्षतिग्रस्त मूर्तियां भी हटा दें। इनका नकारात्मक प्रभाव पूरे घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है। अगर मूर्ति में चटक या खंडन हो, तो वह पूजा स्थल को अपवित्र बनाती है। इसकी जगह नई मूर्ति स्थापित करें या दान कर दें। इससे पूजा का प्रभाव दोगुना हो जाता है। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि टूटा हुआ सामान घर के सौभाग्य को नष्ट करता है।
पुराना व टूटा फर्नीचर
पुराने डिब्बे और जंग लगे बर्तन घर से बाहर करें। ये वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाती हैं। अलमारी में पड़े अनुपयोगी सामान या रसोई में जंग खाए बर्तन वित्तीय हानि का कारण बन सकते हैं। इन्हें साफ करके दान करें या फेंक दें। इससे घर हल्का और प्रकाशमय हो जाएगा। मां दुर्गा सकारात्मकता की प्रतीक हैं, इसलिए ऐसी चीजें रखना उनके आगमन में विघ्न पैदा कर सकता है।
बंद घड़ी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि से पहले पुरानी रुकी हुई घड़ियां घर से हटा दें। ये कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं। घड़ी समय का प्रतीक है, अगर ये रुक जाए, तो जीवन में रुकावटें आती हैं। नई घड़ी लगाएं जो सही समय दिखाए। इससे भाग्य चमकता है और पूजा फल प्राप्ति आसान हो जाती है। पुरानी घड़ी रखने से मानसिक तनाव बढ़ता है, जो उत्सव के आनंद को कम कर देता है।
फटे-पुराने कपड़े
घर में रखे फटे-पुराने कपड़े भी घर में नकारात्मकता फैलाते हैं। इन्हें घर से निकालें। वास्तु में इन्हें गरीबी का कारण माना गया है। अलमारी में पड़े अनुपयोगी वस्त्र नकारात्मकता जमा करते हैं। इन्हें धोकर दान कर दें। नए कपड़े पहनकर पूजा करें, इससे समृद्धि आकर्षित होती है। फटे कपड़े रखने से आर्थिक संकट गहरा सकता है। नवरात्रि के नौ रंगों के अनुसार वस्त्र धारण करने से मां प्रसन्न होती हैं।
सफाई का रखें विशेष ध्यान
– इनके अलावा, घर की सफाई पर विशेष ध्यान दें। कोनों में जमा धूल, पुरानी किताबें या अनावश्यक कागजात हटाएं।
– पौधों को पानी दें, लेकिन मुरझाए हुए हटा दें।
– रसोई को साफ रखें, क्योंकि वह घर की ऊर्जा का स्रोत है।
– नवरात्रि में कलश स्थापना से पहले मन की सफाई भी जरूरी है। नकारात्मक विचारों को त्यागें, परिवार के साथ मिलकर तैयारी करें।
