आमतौर पर व्रत  दो तरह से रखा जाता है एक तो निर्जला और दूसरा फलाहारी।  निर्जला व्रत वो होता है जिसमें पूजा करने तक पानी भी नहीं पिया जाता है और फलाहारी जिसमें व्रत के दौरान फल, दूध , दही आदि का सेवन किया जा सकता है। लेकिन अगर आप प्रेगनेंट  हैं तो आपके लिए निर्जला व्रत रखना मुश्किल तो है ही साथ ही बच्चे की सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है।  यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान करवाचौथ का व्रत रखने जा रही हैं तो इन टिप्स को आजमाकर अपने और बच्चे दोनों की सेहत का ध्यान रख सकती हैं।

डॉक्टर की सलाह लें
मान्यता के अनुसार करवाचौथ के व्रत के  दौरान पानी भी नहीं पिया जाता है और यदि प्रेगनेंट महिला दिनभर बिना पानी के व्रत रखे तो  उसे डिहाइड्रेशन हो सकता है। जिससे शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है । साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे को भी डेली न्यूट्रिशन की जरूरत होती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अपनी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करवाचौथ का व्रत करें ।

अलग  तरीके से करें व्रत
यदि  डॉक्टर और परिवार के लोगों को आपके प्रेगनेंसी के दौरान भी व्रत रखने से कोई आपत्ति नहीं है तो इस बार कुछ अलग ढंग से व्रत करें।  जैसे सरगी के समय एक बड़ा गिलास दूध पिएं जिससे आपको पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिल सके। इसके अलावा पूरे दिन फलाहार लेते रहें। हो सके तो लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लें जैसे दिनभर पानी पीते रहें, नारियल पानी और फ्रूट जूस का सेवन करें।

जितना हो सके आराम करें
प्रेगनेंसी में यदि आप खुद को  हैल्दी रखना चाहती हैं तो कोशिश करें कि जितना हो सके आराम करें। दिनभर किसी भी तरह का भारी काम न करें बल्कि धीरे -धीरे काम करते हुए बीच में आराम करते रहें। दिन के वक्त कुछ घंटे ज़रूर सोएं, अपना ध्यान बंटाने के लिए लाइट म्यूजिक सुनें जिससे आपका माइंड डिस्ट्रैक्ट रहेगा, आपको भूख कम  लगेगी और आराम करते हुए व्रत कैसे निकल जाएगा पता भी नहीं चलेगा।

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