Summary: क्या आप भी कहते हैं ये डायलॉग? जानिए क्यों हैं ये बच्चों के लिए नुकसानदायक
पेरेंट्स के बोले गए शब्द बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं, इसलिए तुलना, धमकी या हतोत्साहित करने वाली बातें बिल्कुल नहीं कहनी चाहिए।
सकारात्मक भाषा और समझदारी भरा व्यवहार ही बच्चे को भावनात्मक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बनाता है।
Impact of Anger on Children: कई बार ऐसा देखा जाता है कि पेरेंट्स कुछ कारणों से इतने ज्यादा परेशान हो जाते हैं कि उन्हें समझ ही नहीं आता है कि वे अपने बच्चों से क्या कह रहे हैं और उनकी बातों का बच्चों के कोमल मन पर क्या प्रभाव पड़ेगाI वे गुस्से में अपने बच्चों को कुछ ऐसी बातें भी कह देते हैं, जिसकी वजह से बच्चा अपने पेरेंट्स को अपना दुश्मन समझने लगता है और मानसिक रूप से परेशान रहने लगता हैI इसलिए एक अच्छे पेरेंट्स के रूप में यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने बच्चों से ये 5 बातें कभी गलती से भी ना कहेंI
तुमसे अच्छे तो दूसरे बच्चे हैं

पेरेंट्स को यह बात समझनी होगी कि हर बच्चा दूसरे बच्चों से अलग और खास होता है, इसलिए कभी भी अपने बच्चों की तुलना दूसरों बच्चों से ना करेंI तुलना करके आप अपने बच्चे को प्रोत्साहित नहीं करती हैं बल्कि उसे हतोत्साहित करती हैंI उसे यह बताती हैं कि बाकि बच्चे अच्छे हैं और वह बाकि बच्चों से कमजोर हैI आपके ऐसे शब्दों से उसे सच में ऐसा लगने लगता है कि वह कमजोर है और कभी सफल नहीं हो पाएगा, इसलिए आज से ही अपने बच्चे को यह कहना छोड़ देंI
तुम्हारी उम्र में मैं कितना काम करती थी

अक्सर पेरेंट्स हर बात में अपने बच्चों के बचपन से अपने ज़माने की तुलना किया करते हैंI आपका ऐसा करना गलत है क्योंकि पहले और आज के समय में काफी बदलाव आ गया हैI आज बच्चों के ऊपर पढ़ाई और बाकि चीजों का काफी ज्यादा बोझ हैI ऐसे में आप उनसे उम्मीद करती हैं कि वे घर के काम भी करेंगे तो ऐसा नहीं हो सकता हैI
तुम जीवन में कुछ नहीं कर पाओगे

बच्चे अगर किसी एक चीज़ में सफल नहीं होते हैं तो पेरेंट्स उनके बारे में निगेटिव बातें करने लगते हैंI उन्हें यहाँ तक कह देते हैं कि तुम जीवन में कुछ नहीं कर पाओगेI आपको यह बात पता नहीं होगी लेकिन ऐसा कह कर आप अपने बच्चे को आगे बढ़ने से रोकती हैंI अगर आप ही उसे ऐसी बातें कहेंगी तो वह जीवन में कैसे आगे बढ़ पाएगाI आप उसे आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करें ताकि उसके अन्दर कुछ अच्छा करने का जोश आए और वह जीवन में सफल हो सकेI
तुम बिना मार खाए नहीं मानोगे
जब बच्चे थोड़ी बदमाशी करते हैं या पेरेंट्स की कोई बात नहीं समझते हैं, तो पेरेंट्स गुस्से में बच्चे को कहने लगते हैं कि तुम बिना मार खाए नहीं मानोगेI बच्चे को इस तरह की बातें कहने से वह जिद्दी स्वभाव का बनने लगता है और पेरेंट्स की बात सुनना भी बंद कर देता हैI बेहतर यही होगा कि आप अपने गुस्से पर कंट्रोल रखें और बच्चों को कुछ भी ऐसा ना कहेंI
मुझसे बात मत करो
कभी भी आप गुस्से में अपने बच्चे को आपसे बात करने के लिए मना ना करें, क्योंकि अगर आप ऐसा करेंगी तो जब बच्चा भी आपसे नाराज होगा तो ऐसे ही शब्द आपसे कहेगा, जो आपको सुनकर बिलकुल भी अच्छा नहीं लगेगाI
