Falgun 2025 Month Rules: हिंदू धर्म में पड़ने वाले अलग-अलग माह का अपना विशेष महत्व होता है। फाल्गुन या फागुन हिंदू कैलेंडर का आखरी महीना होता है, क्योंकि इसके बाद चैत्र माह की शुरुआत होती हो जाती है जिसे हिंदू नववर्ष का पहला महीना कहा जाता है। फाल्गुन महीने को पुराणों में धर्म-कर्म के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है। साथ ही आयुर्वेद में भी इस महीने को लाभकारी बताते हुए इसे रोग मुक्ति का महीना कहा गया है। इस महीने बसंत ऋतु की शुरुआत होने के साथ ही कई पर्व त्योहार पड़ते हैं जिन्हें उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। फाल्गुन महीने में वैसे तो कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं। लेकिन इस माह भगवान शिव की पूजा का महत्व काफी बढ़ जाता है। इसी के साथ फाल्गुन में श्रीकृष्ण की पूजा का भी महत्व है।
फाल्गुन महीना कब से कब तक रहेगा

हिंदू पंचांग के मुताबिक माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन महीने की शुरुआत हो जाती है। कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी फाल्गुन महीने की शुरुआत 13 फरवरी 2025 गुरुवार से होगी और इसका समापन होली के दिन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 14 मार्च 2025 शुक्रवार को हो जाएगा। धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होने के कारण फाल्गुन माह से जुड़े कई नियम भी शास्त्रों में बताए गए हैं। इस दौरान जहां कुछ कार्यों को करना शुभ माना जाता है तो वहीं कुछ कार्य वर्जित भी होते हैं। आइए जानते हैं फाल्गुन महीने में किन नियमों का करना चाहिए पालन।
किन कामों के लिए फाल्गुन महीना शुभ

- फाल्गुन महीने में भगवान शिव की पूजा करना और नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाना बहुत ही फलदायी माना जाता है। इस महीने आप शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ ही भगवान शिव के मंत्रों का भी जाप करें। इससे महादेव की कृपा आप पर बरसेगी।
- शिवजी के साथ ही यह महीना भगवान श्रीकृष्ण और चंद्रदेव की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
- फाल्गुन महीने में पीपल वृक्ष की पूजा करनी चाहिए और पीपल वृक्ष में जल चढ़ाना चाहिए। इससे नकारात्मकता दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है।
- दान आदि को भी लेकर फाल्गुन का महीना बहुत ही पुण्यकारी माना गया है। अपनी क्षमतानुसार इस महीने दान-दक्षिणा जरूर करें। फागुन में आप देसी घी, तेल, सरसों तेल, अन्न और मौसमी फलों का दान कर सकते हैं।
फाल्गुन में किन कामों को नहीं करना चाहिए
फाल्गुन का महीना जहां कुछ कामों के लिए शुभ होता है तो वहीं इस माह कुछ कार्य वर्जित भी होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन माह में किसी को भी अपशब्द कहने से बचें, मांस-मदिरा और शराब आदि के सेवन से बचें, किसी के भी प्रति मन में गलत विचार या भावना न लाएं, इस माह कोई भी आपके घर आए तो उसका तिरस्कार न करें, घर को गंदा नहीं रखें और खासकर पूजाघर की साफ-सफाई जरूर करें।
फाल्गुन के इन 8 दिनों में नहीं करें कोई शुभ काम

फाल्गुन महीने में होली से पहले आठ दिनों का होलाष्टक होता है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। इस समय किसी नए काम की शुरुआत, मंडन, गृह प्रवेश, शादी-विवाह भी नहीं होते हैं। होलाष्टक पर शुभ काम न करने से कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं। मान्यता है कि भगवान शिव एक बार जब तपस्या कर रहे थे, तब कामदेव ने उनकी तपस्या भंग की थी, जिस कारण फाल्गुन अष्टमी पर शिवजी ने कामदेव को भस्म कर दिया था। एक अन्य कथा के अनुसार, राजा हिरण्यकश्यप ने पुत्र प्रहृलाद को भगवान विष्णु की भक्ति करने के कारण 8 दिनों तक यातनाएं दी थी और अपनी बहन होलिका के साथ अग्नि में बैठा दिया था। बता दें कि, फाल्गुन महीने में होलाष्टक 7 मार्च से 13 मार्च 2025 तक रहेगा।
