व्रत और उपवास शरीर और मन को बैलेंस में रखने के लिए किया जाता है और यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है। इन्हीं व्रतों में एक व्रत है एकादशी का। हर महीने में दो बार पड़ने वाली एकादशी का बहुत महत्व है। एकादशी व्रत के मुख्य देवता भगवान विष्णु, कृष्ण या उनके अवतार होते हैं, जिनकी पूजा इस दिन की जाती है। चैत्र मास में एकादशी उपवास का विशेष महत्व है, जिससे मन और शरीर दोनों ही संतुलित रहते हैं, ख़ास तौर से गंभीर रोगों से रक्षा होती है। जो लोग कृष्ण भक्त हैं, उनके लिए अप्रैल महीने की कामदा एकादशी का विशेष महत्व है। 
 
कामदा एकादशी पर कैसे करें पूजा-उपासना?
 
हर व्रत और पर्व का संबंध किसी विशेष देवी या देवता से होता है। कामदा एकादशी पर वासुदेव कृष्ण की उपासना का विधान है। ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस दिन श्रीकृष्ण की विधिवत उपासना करके इंसान अपने सभी पापों से मुक्ति पा सकता है। 
– इस दिन सुबह नहाकर पहले सूर्य को अर्घ्य दें, फिर भगवान कृष्ण की आराधना करें। 
– कृष्ण भगवान को पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। 
– इसके बाद भगवान कृष्ण का ध्यान करें और उनके मन्त्रों का जाप करें। 
– इस दिन पूरी तरह फलाहार या लिक्विड डाइट लें तो इस व्रत के उत्तम परिणाम मिलेंगे। 
– अगले दिन सुबह किसी निर्धन को भोजन या अन्न दान करें। 
– इस दिन मन को ईश्वर में लगाएं, क्रोध ना करें और झूठ ना बोलें। 
 
आर्थिक लाभ के लिए क्या करें?
 
– भगवान कृष्ण को पीले फूलों की माला अर्पित करें। 
– इसके बाद “ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः” का कम से कम 11 माला जाप करें।
– फिर भगवान कृष्ण से आर्थिक लाभ की प्रार्थना करें। 
– ये प्रयोग वर्ष में एक बार जरूर करें।