Default Parent: डिफॉल्ट पेरेंट् होना क्यों सही नहीं है? क्या सवाल का जवाब तलाश रहे हैं आप?बच्चे की अपब्रिंगइंग में माता-पिता दोनों का ही रोल इम्पौरटैंट होता है l असल में अलग-अलग समय पर बच्चों को दोनों की ही जरूरत होती है l जब दोनों मिलकर अपने बच्चे की पेरेंटिंग करते हैं तो बच्चे का फिजिकल मेंटल या यूं कह सकते हैं ओवरऑल डेवलपमेंट होता है और आप भी थके हुए फील नही करते हैं l
लेकिन मदद और गाइडेंस के लिए बच्चा आपके पास ही आता है और अन्य दूसरे की बात को उतनी इम्पोरटैंस नहीं देता है तो आप उनके Default Parent हैं l यह सिचुएशन पेरेंट्स और बच्चों दोनों के लिए ही सही नहीं है l अगर आप यह जानना चाहते हैं कि डिफॉल्ट पेरेंट् होना क्यों सही नहीं है और कितना थकान वाला है तो आइये जानते हैं इसके कुछ नुकसान-
बच्चा केवल आप पर ही डिपेन्डन्ट है

चाहे आपका बच्चा छोटा हो या कितना भी बड़ा हो जाए उसको हमेशा आपकी ही जरूरत पड़ेगी चाहे उसका स्कूल कॉलेज या जॉब से रिलेटेड कुछ काम होगा या कोई पर्सनल हेल्प उसका कोई सामान नहीं मिल रहा होगा या कुछ भी वह हमेशा आपको ही बुलायेगा हो सकता है सारे टाइम उसके लिए आप अवेलेबिल न हो पाए या आप भी किसी अन्य काम में बिजी हों ऐसे मैं आपको दिक्कत लगेगी और आपका बच्चा भी परेशान होगा |
जब आपका बच्चा छोटा होता है और हमेशा आपके पास ही आपसे हग करने के लिए हर किसी से आगे निकल जाता है यकीनन आपको बहुत अच्छा लगता है आप स्पेशल फील करते हो पर जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, वह बड़ा हो जाता है और फिर भी उसकी डिपेंडेंसी केवल आप पर ही बढ़ती जाती है आप ओवरबर्डनड फील कर सकते हो l
आप कितने भी कैपेबिल हो पर आखिर आप एक इंसान ही हो और अन्य कामों के साथ डिफाल्ट पेरेंट बनना आपको आगे चलकर थका सकता है l यही कारण है कि बच्चे के लिए दोनों पेरेंट का होना बहुत जरूरी है अगर आप ही अपने बच्चे के सारे काम करेंगे तो आप उस पर इर्रिटेट हो सकते हैं और उसके लिए आपकी नाराजगी की भावना भी हो सकती है l
किसी और पर भरोसा नहीं करता

हर बच्चे को यह पता होना चाहिए कि वह अपने माता-पिता दोनों पर ही उसकी देखभाल और किसी भी तरह की गाइडेंस पर भरोसा कर सकता है लेकिन अगर आप अकेले हैं जिसके पास वे लगातार आ रहा है तो इसका मतलब कि उसे ऐसा नहीं लगता l शायद यह इसलिए है कि आपके पार्टनर बहुत बिजी रहते हैं या इसलिए कि वह अपने बच्चों के साथ बातचीत करने के लिए समय नहीं निकाल पाते या इसलिए क्योंकि वह बच्चे से इतना इमोशनली अटैच नहीं है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाता l
हमेशा ऐसा होना चाहिए कि जब भी आपका बच्चा जरूरत महसूस करें तो वह अपने माता-पिता दोनों के पास ही जा सकें और दोनों पर ही भरोसा कर सके l इस तरह जब आपका बच्चा मुसीबत में होगा तो उसके बाद उसकी मदद के लिए एक से अधिक हाथ होंगे और आपकी जिम्मेदारी भी बट जाएगीl अगर आपको पहला ख्याल ये आए जब आपका बच्चा आपके पास आए “ अरे अब इसे क्या चाहिए “ तो समझ जाइए यह वो समय है जब आप अपना कदम पीछे उठाइए और डिफाल्ट पेरेंट बनना बंद कर दीजिए |
आप ही उसकी प्राइऑरिटी हैं

- कभी-कभी जब आप आसपास नहीं होते तो हो सकता है आपका बच्चा आपके पार्टनर के पास चला जाता होl पर इसका यह मतलब नहीं है कि वह खाली आपके ऊपर ही डिपेंडेंट नहीं है क्योंकि वह अपने 90% काम के लिए आपके पास ही आता है l दरअसल यह एक आदत है जिसे तोड़ने की जरूरत है
- असल में ज्यादातर घरों में मम्मीयों को ही उनकी जरूरतों को पूरा करने का काम सौंपा जाता है, इसलिए वे आमतौर पर पूरी लाइफ इसी आदत से चलते हैं l
- जब आप बाथरूम में होते हैं तो आपके बच्चे वहां आ जाते हैं, केवल आपको अपनी ड्राइंग दिखाने के लिए या अपना पैंट पहनने के लिए उनको उस टाइम भी आपकी जरूरत होती हैl
- अपने फादर की प्रेजेंस में भी आपको ही अपने स्कूल फ्रेंड्स की स्टोरीस सुनाते हैं या उनके नाम बताते हैं l जब आप घर से बाहर किसी काम में व्यस्त होते हैं तो आपका इंतजार कर रहे होते हैं यह बताने के लिए कि टीचर ने आज उन्हें क्यों डांटा l
- आपको अपने पार्टनर के साथ मिलकर यह समझना चाहिए कि असल में यह एक समस्या है और इसका नेगेटिव असर कहीं ना कहीं पूरे परिवार पर ही पड़ता है l आप अपने पार्टनर के साथ मिलकर एक परिवार के रूप में बैठे और अपने बच्चे को बताएं कि आप और आपका पार्टनर दोनों के ही लिए वह कितना इंपॉर्टेंट है l
- अपने पार्टनर को भी गाइड करें कि वह भी बच्चे को ध्यान दे, उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताये उसके कामों में इंटरेस्ट लेl
- उसकी हर छोटी और बड़ी बात को बिना थके मजे से सुने l आपके आसपास होने का मतलब यह ना हो कि उसे आपके पास ही आना है l वो आपके पार्टनर के पास जाने के लिए भी उतना ही कंफर्टेबल फील करें I
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- माता पिता होने के नाते जब आपका बच्चा हर चीज के लिए आपके पास ही आता है तो यह अच्छा तो बहुत लगता है लेकिन यह रियलिटी में प्रैक्टिकल और ठीक नहीं है l
- सच्चाई यह है कि जब आपके बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरा परिवार प्रेसेंट होता है तो यह ठीक पेरेंटिंग है l
- यह देखा जाता है संयुक्त परिवारों में बच्चे कितने आराम से बड़े हो जाते हैं पता भी नहीं चलता ना ही माता-पिता को और ना ही बच्चे को क्योंकि वहां हर समय कोई ना कोई बच्चे के लिए प्रेजेंट होता है l
- सुनिश्चित करें कि आप एक डिफॉल्ट पेरेंट नहीं हैं और अपने बच्चे को अपने पार्टनर के साथ भी भरोसे का रिश्ता बनाने के लिए एनकरेज करते हैं l
