30 अप्रैल को मनाया जाने वाला है आयुष्मान भारत दिवस, जानिए क्या है इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य
आयुष्मान भारत दिवस हर साल 30 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
Ayushman Bharat Diwas: हर साल 30 अप्रैल को आयुष्मान भारत दिवस के रूप में मनाया जाता है। पूरे देश में यह ग्राम स्वराज अभियान के रूप में भी सेलेब्रेट किया जाता है। इस दिन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी। आयुष्मान भारत स्कीम को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के नाम से भी जाना जाता है। यह देश के सभी रिमोट एरियाज में चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और देश के प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के अभियान के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। आइए जानें 30 अप्रैल को मनाया जाने वाले आयुष्मान भारत दिवस के बारे में विस्तार से।
क्या है आयुष्मान भारत स्कीम
आयुष्मान भारत स्कीम की शुरुआत सबसे पहले 2018 में की गई थी। इस प्लान का उद्देश्य सुविधाओं से वंचित लोगों को बेस्ट मेडिकल फैसिलिटीज प्रदान करना है। यही नहीं, बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए मोदी जी ने आयुष्मान मित्रा जॉब की भी शुरुआत की हैं। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक कमजोर और गरीब परिवारों यानी लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। यह योजना उन्हें टर्शियरी और सेकेंडरी अस्पताल में भर्ती होने के कवर का लाभ उठाने में मदद करेगी। यह स्कीम राष्ट्रीय स्वस्थ्य बीमा योजना और सीनियर सिटीजन हेल्थ इंशोरेंस स्कीम के मिश्रण है।
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आयुष्मान भारत स्कीम के फायदे
आयुष्मान भारत स्कीम के देश में जरूरतमंद लोगों के लिए कई लाभ हैं। इसके मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:
- फाइनेंशियल प्रोटेक्शन- आयुष्मान भारत स्कीम देश के दस करोड़ से अधिक परिवारों को फाइनेंशियल प्रोटेक्शन प्रदान करती है।
- कैशलेस और पेपरवर्क के बिना हैल्थकेयर सर्विस- इस स्कीम से जुड़े लोग बिना कैश और पेपरवर्क के देश भर में किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल या चिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं का आनंद ले सकते हैं।
- गंभीर बीमारियों का उपचार– इस स्कीम में गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन का उपचार कवर होता है। यह उपचार आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बहुत ही महंगा होता है।
- रोजगार के अवसर- आयुष्मान भारत स्कीम ने हेल्थकेयर सर्विसेज की मांग बढ़ी हैं जिससे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
- अच्छे हेल्थ परिणाम- इस स्कीम ने क्वालिटी स्वास्थ्य सेवाओं तक एक्सेस प्रदान करके देश में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार किया है।

आयुष्मान भारत पॉलिसी की एलिजिबिलिटी
आयुष्मान भारत स्कीम का उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पा सके। निम्नलिखित लोग इस स्कीम के योग्य हैं:
- अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग इस पॉलिसी के लाभ पाने के लिए एलिजिबल हैं।
- जिन परिवारों में 16 से 59 की उम्र का कोई पुरुष नहीं है, वो इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- परिवार जिनके पास कोई प्रॉपर घर नहीं हैं, वो भी इसमें शामिल हैं।
- जिन परिवारों में एक या एक से अधिक विकलांग और अक्षम सदस्य है।
- मजदूर जिनके पास जमीन या घर नहीं है, उन्हें भी इस योजना में शामिल किया गया है।
- भिखारियों को भी इस पॉलिसी में शामिल किया गया है
- इस नीति में आदिम (प्रिमिटिव) जनजातीय समुदायों को भी ड़ाला गया है।
- ऐसे परिवार जो मेहतर यानी कूड़ा उठाने वाली पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं, वो भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।

इतना ही नहीं, आयुष्मान भारत स्कीम लाभार्थियों को कोरोना वायरस के उपचार और परीक्षण के लिए फाइनेंशल कवर भी मिलता है। इस इलाज के लिए पेमेंट संबंधित राज्य सरकार द्वारा सरकारी और निजी अस्पतालों में किया जाता है।
