Shani Asta 2025 Effect: ज्योतिष शास्त्र में शनि को ऐसा ग्रह बताया गया है जिसे किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने में लगभग ढाई साल का समय लगता है, क्योंकि शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। साथ ही शनि एकमात्र ऐसा ग्रह है जिनका सभी राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी पड़ता है। साल 2025 की शुरुआत हो चुकी है और इस साल कई ग्रहों का गोचर होगा। इस साल शनि भी राशि परिवर्तन करेंगे। लेकिन राशि परिवर्तन से पहले शनि अस्त होंगे, जिसका प्रतिकूल प्रभाव कई राशियों पर पड़ेगा।
फिलहाल शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं और 29 मार्च 2025 को शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। शनि का यह गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शनि के गोचर करते ही कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव समाप्त होगा तो वहीं कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का चरण शुरू हो जाएगा। लेकिन राशि परिवर्तन से पहले न्यायाधीश और कर्म फलदाता शनि अस्त होने जा रहे हैं।
शनि इस दिन होंगे अस्त

28 फरवरी शाम 7 बजकर 1 मिनट पर शनि कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे और 37 दिनों तक अस्त अवस्था में ही रहेंगे। इसके बाद 6 अप्रैल 2025 को उदित होंगे। इस बीच 29 मार्च को शनि का गोचर मीन राशि में होगा। यानी शनि अस्त अवस्था में ही मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शनि के अस्त होने का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। लेकिन मुख्य रूप से कुछ राशियां शनि के अस्त से अधिक प्रभावित होंगी। इससे इन राशियों को शनि अस्त की अवधि में विशेष सावधान रहने की जरूरत रहेगी, क्योंकि इसका बुरा प्रभाव उनके जीवन को प्रभावित कर सकता है।
शनि अस्त के दौरान सतर्क रहें ये राशियां
मेष राशि पर शनि अस्त का प्रभाव

आपकी राशि में ग्यारहवें भाव में शनि अस्त होकर आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव डालेंगे। इस दौरान बेकार के खर्चों में बढ़ोतरी होगी और मानसिक स्थिति भी तनावपूर्ण रहेगी। इसलिए शनि अस्त की अवधि में मेष राशि वाले संभलकर रहें और पैसों का खर्च बहुत सोच-समझकर करें। अन्यथा आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है। हो सके तो इस अवधि में बड़ा निवेश करने जैसी योजनाओं से बचें।
सिंह राशि पर शनि अस्त का प्रभाव

28 फरवरी 2025 से सिंह राशि वाले लोग भी फूंक-फूंककर कदम रखें, क्योंकि शनि अस्त होकर आपकी जेब को प्रभावित करेंगे। शनि के अस्त होते ही अचानक खर्च बढ़ने लेगेंगे, जिससे आप परेशान हो सकते हैं। साथ ही कर्ज की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान पारिवारिक जीवन में भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में शनि अस्त का प्रभाव रिश्तों पर भी पड़ सकता है। इसलिए वाद-विवाद और अहंकार की स्थिति से बचें और कोई भी फैसला सोच-विचार करने के बाद ही लें।
मकर राशि पर शनि अस्त का प्रभाव
शनि का गोचर मकर राशि वाले जातकों के जीवन को भी प्रभावित करेगा। इस समय मानसिक तनाव में बढ़ोतरी होगी और छोटी-छोटी बातें तूल पकड़कर बड़े विवाद का रूप ले सकती है। साथ ही धन हानि के योग भी बन रहे हैं, इसलिए मकर राशि वाले इस अवधि में थोड़ा संभलकर ही रहे। सेहत भी चिंता का कारण बन सकती है। इसलिए अपने और अपने परिवार के खान-पान का पूरा ध्यान रखें।
