दरअसल, ज्योतिष के अनुसार आकाश में विचरित करते ग्रह नक्षत्रों की दशा-दिशा का मानव जीवन पर खास प्रभाव पड़ता है। देखा जाए तो ग्रहों के अनुकल और प्रतिकूल स्थिति का मानव जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनो प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव के चलते व्यक्ति को जीवन में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ज्योतिष में ग्रहों को नकारात्मक प्रभाव को कम करने या उनसे निजात पाने के भी उपाय बताए गए हैं। ऐसे ज्यादातर उपाय में ग्रह से सम्बंधित पदार्थों का उपयोग किया जाता है। बात करें तेल की तो आमतौर पर तेल शुक्र ग्रह से सम्बंध रखता है, पर अलग-अलग ग्रहों से सम्बंधित होते हैं, ऐसे में अगर ग्रह विशेष से सम्बंधित तेल का प्रयोग किया जाए तो काफी हद तक उस ग्रह के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कौन से ग्रह के लिए कौन से तेल का प्रयोग करना चाहिए।

सरसों का तेल 

सरसों का तेल शनि ग्रह से सम्बंधित होता है, ज्योतिष के अनुसार सोमवार, बुधवार और शनिवार को सरसों के तेल की मालिश करने से शनि के प्रतिकूल प्रभाव से बचाव होता है। शनि की साढ़े साती से बचने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल की दीपक जलाएं। अगर कुंडली में बृस्पति ग्रह कमजोर हो तो भोजन में सरसों के तेल का प्रयोग करना चाहिए। 

बादाम का तेल

बादाम तेल बुध और शुक्र ग्रह से सम्बंधित होता है, ऐसे में बादाम का तेल का प्रयोग बुध और शुक्र को मजबूत करता है। बादाम के तेल के प्रयोग और सेवन से बुद्धी और सुंदरता मिलती है। इसके अलावा बादाम का तेल राहु के प्रभाव को भी कम करता है। 

चमेली का तेल

चमेली का तेल मंगल और शुक्र ग्रह से सम्बंधित होता है, ऐसे में इसके प्रयोग से मंगल के दुष्प्रभाव को कर सकते हैं। इसके लिए चमेली के तेल को हनुमान जी को चढ़ाएं।

चंदन का तेल

अगर राहु अशुभ फल दो रहा हो तो चंदन के तेल का प्रयोग करना चाहिए।

नारियल का तेल

नारियल का तेल चंद्र ग्रह से सम्बंधित होता है, ऐसे में अगर चंद्रमा के अशुभ प्रभाव के चलते मानसिक तनाव हो रहो हो तो नारियल के तेल को मस्तक पर लगाएं।