बच्चों से बढ़ाएं दोस्ती, माता पिता और बच्चे के रिश्ते होंगे मजबूत
माता-पिता का प्यार और देखभाल हमेशा ही बच्चों के लिए जरूरी होती है
Parenting Tips: माता-पिता और बच्चों के रिश्ते की नींव बहुत मजबूत होती है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातें इस रिश्ते को कमजोर करने लगती हैं। आज के समय में माता-पिता और बच्चों के बीच बातचीत की कमी बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह है, व्यस्तता, गलत समझ और पुरानी तरह की सोच। अगर आप चाहते हैं कि बच्चे से आपके रिश्ते मज़बूत हो, तो आपको समझना होगा कि किन गलतियों की वजह से यह दूरी बढ़ सकती है। माता-पिता का प्यार और देखभाल हमेशा ही बच्चों के लिए जरूरी होती है, लेकिन इसे दिखाने का तरीका बहुत थोड़ा ख़ास होना चाहिए।
बच्चों से दोस्ती का रिश्ता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले उन्हें ठीक से समझने की कोशिश करें, उनका सम्मान करें।
दबाव डालना

माता-पिता का बच्चों की पढाई, खेलकूद ,या किसी और एक्टिविटी में परफेक्ट होने का दबाव डालना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। बच्चे की असफलताओं पर जोर देने से उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है। बच्चों को अपनी पसंद और नापसंद चुनने का अवसर दें। उन्हें अपने सपने और रुचियों को आगे बढ़ाने का समय दें।
समय

आजकल के व्यस्त जीवन में, माता-पिता को बच्चों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इससे बच्चे उदास और अकेला महसूस करने लगते हैं। अगर आप उन्हें पूरी तरह से समय नहीं देते, तो उनका विश्वास भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। अपने कामों के बीच में बच्चों के लिए समय जरूर निकालें।
एक-तरफा निर्णय
कई माता-पिता बच्चों की राय को नजरअंदाज करके फैसले लेते हैं। जब बच्चे महसूस करते हैं कि उनकी कोई अहमियत नहीं है। बच्चों के साथ बातचीत बनाए रखें और उन्हें भी हर फैसले में शामिल करें। उनका नजरिया सुनें और सम्मान करें।
आलोचना
बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों की बार-बार आलोचना करने से उनका आत्मविश्वास खत्म होने लगता है। बिना समझे ही उन्हें सजा देना आपके रिश्ते को कमजोर करता है। जब बच्चा गलती करें, तो उन्हें सही तरीके से समझाएं और उनसे उनकी गलती सुधारने का तरीका पूछें।
मौका ना देना
कई माता-पिता बच्चों को उनकी इच्छाओं और विचारों को व्यक्त करने का अवसर नहीं देते। जब बच्चा अपनी बात नहीं कह पाता, तो वह धीरे-धीरे आपसे बात करना बंद कर देता है। बच्चों को अपनी बात खुलकर रखने का मौका जरूर दें।
तुलना करना
दूसरे बच्चों से तुलना करना ना केवल गलत है, बल्कि यह उनके मानसिक विकास को भी प्रभावित करता है। इससे बच्चे में हीनभावना हो सकती है। बच्चों की अलग-अलग विशेषताए और उपलब्धिया होती हैं। उनकी तुलना दूसरों से नहीं, बल्कि उनके पिछले प्रदर्शन से करें।
संवेदनशीलता की कमी

माता-पिता अक्सर यह मान लेते हैं कि बच्चे छोटी-छोटी बातों को नहीं समझते, लेकिन बच्चे भी भावनाओं के मामले में बहुत संवेदनशील होते हैं। उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करना उनके मन में आक्रोश पैदा कर सकता है। बच्चों की भावनाओं का आदर करें और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करें।
अत्यधिक नियंत्रण
जब माता-पिता बच्चे पर अत्यधिक नियंत्रण रखते हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते हैं, तो बच्चे अपनी स्वतंत्रता को महसूस नहीं कर पाते। यह उन्हें आपसे दूर कर सकता है। बच्चों को अपनी राय रखने दें।
