तेज़ गर्मी, उमस और चढ़ते पारे के बीच गर्मी में बहता पसीना बहुत ज्यादा परेशान करता है। पसीने से पैदा होते हैं ढेर सारे बैक्टीरिया, जो पैदा करते हैं पसीने की बदबू, फंगल इंफेक्शन, जो कि इस मौसम में होने वाली आम समस्याएं हैं।
  • गर्मियों के मौसम में पर्सनल हाइजिन, यानी अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखना, न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी होता है, बल्कि ये हमारी पर्सनालिटी का भी एक अहम पहलू है। ये सिर्फ हमें ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर उन सभी लोगों पर भी पड़ता है, जो हमारे आस-पास होते हैं। ये असर हमारी पब्लिक इमेज को भी बना या बिगाड़ सकता है, इसलिए ज़रूरी है कि आप इस मौसम में कुछ अहम बातों का ख्याल रखना हर्गिज़ न भूलें।
  • इस मौसम में दिन में दो बार नहाना न भूलें। एक बार नहाना तो हर हाल में करना ही करना है। इसके लिए साबुन का चुनाव अपनी स्किन को ध्यान में रखकर करें। इससे आप हर समय खुद को साफ-सुथरा और महकता हुआ महसूस करेंगे, जिसका असर आपकी शख्सियत पर भी पड़ेगा। हर बार नहाने के बाद अंडरगारमेंट्स के साथ ही दूसरे कपड़े बदलना भी न भूलें। इससे बदबू आपसे कोसों दूर रहेगी।
  • कुछ लोगों की स्किन ऐसी होती है कि नहाने के बाद भी पसीने से उनका पीछा नहीं छूटता, जिसकी वजह से उनके पास से अजीब सी स्मैल आती रहती है। ये अच्छी-खासी शर्मिंदगी का कारण भी बन जाती है। इससे बचने के लिए आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से किसी अच्छे डियो का चुनाव करें और उसे लगातार इस्तेमाल भी करें। सिर्फ टेल्कम पाउडर के इस्तेमाल से ये बदबू काबू में नहीं आ पाती है।
  • जिस तरह से शरीर की बदबू हमारे स्वास्थ्य के साथ ही हमारी शक्सियत पर भी असर डालती है, ठीक उसी तरह मुंह से आने वाली बदबू भी ऐसा ही असर छोड़ती है। ज़रूरी है कि दिन में दो बार आप प्रॉपर ब्रश भी करें और उसके बाद माउथवॉश का प्रयोग करना न भूलें। ऐसा न करना दूसरों के सामने आपको अपनी बोलती बंद रखने को मजबूर कर देगा।   
  • किसी भी तरह के बॉडी इंफेक्शन से बचने के लिए इस मौसम में ऐसे कपड़ों का चुनाव करें, जिससे शरीर को सांस मिले, यानी पसीना शरीर से चिपका न रहे और खुलकर हवा आती-जाती रहे। अब इंफेक्शन हो जाने की स्थिति में लोग आपको पर्सनल हाइजिन के मामले में गंदा या लापरवाह समझकर दूरी बनाएं या इग्नोर करें, उससे अच्छा है कि आप ऐसी स्थिति आने ही न दें।
  • सिर की त्वचा पर आए पसीने का सही समाधान ढूंढऩा ज़रूरी है, क्योंकि ये आपके बाल तो तेज़ी से गिराएगा ही, पर्सनेलिटी ग्राफ भी डाउन करना शुरू कर देगा। बालों की ज़रूरत के हिसाब से हफ्ते में दो से तीन बार अच्छी तरह से किया गया हेयर वॉश बहुत ज़रूरी है।
  • पसीने से भीगी हुई हथेलियों से आप किसी से हाथ मिलाने की तो कल्पना भी मत कीजिएगा, क्योंकि ऐसे ढंग से किया गया आपका पहला ‘हाय’ ही आखरी ‘बाय’ बन जाएगा। ज़ाहिर है, गीली हथेलियां छूना कोई भी पसंद नहीं करता और लोग आपको दूर से ही नमस्कार करना शुरू कर देंगे। सो गर्मियों में अपने हाथों की सफाई का बहुत ध्यान रखें। अगर सफाई बरतने के बावजूद हथेलियों पर पसीना ज़्यादा आता हो तो थोड़ा सा टेल्कम पाउडर लेकर हथेलियों पर रगड़ लीजिए। इतना ही नहीं, ज़्यादा पसीना आने की वजह से हाथों में बैक्टीरिया की भरमार भी रहेगी।
  • काफी लोगों को आपने देखा ही होगा, जो पूरे दिन पसीने से भरी अंडरआम्र्स वाले कपड़े पहने बैठे रहते हैं। इससे उन्हें फर्क पड़े, न पड़े, लोगों को उनके बारे में राय बनाने का मौका ज़रूर मिल जाता है। अंडरआम्र्स, यानी बगल में पसीना बहुत ज़्यादा आता है तो इस जगह की सफाई और केयर पर भी पूरा ध्यान दीजिए।
  • कपड़ों का महत्त्व उनके ब्रांड या डिज़ायन से नहीं, बल्कि इस बात से है कि आपने उन्हें कैरी कैसे किया है। महंगे से महंगा कपड़ा अगर बिना धोए बार-बार पहना जाए तो फंगल इंफेक्शन और बदबू एक साथ पैदा हो जाएगी। बेहतर है कि आप इस मौसम में न सिर्फ ऑफिस में हर रोज़ साफ-धुले हुए कपड़े पहनें, बल्कि इस आदत को घर पर भी मेंटेन रखिए।
  • अगर आप शूज़ पहनते हैं तो गर्मियों में भी सॉक्स की ज़रूरत तो पड़ेगी ही। इस मौसम में जूते बदल-बदलकर पहनें, ताकि पैरों को खुलकर सांस मिल सके। सॉक्स के लिए तो आप कई सेट रख लीजिए, ताकि इनके दोहराव से बचा जा सके।