अगर बात महिला क्रिकेट की हो तो अंजुम चोपड़ा का नाम जरूर आता है। भारतीय क्रिकेट टीम की पूर्व स्किपर रह चुकी अंजुम आज क्रिकेट विश्लेषक हैं और देश की पहली महिला क्रिकेट प्रसारण प्रस्तुतकर्ता हैं।
छोटी उम्र में की शुरूआत
खिलाड़ियों के परिवार में जन्मी अंजुम बचपन से ही घर में सभी को क्रिकेट खेलते देख रही थी और उनका इस खेल में रुचि होना उनके लिए स्वभाविक था। लेकिन, घरवालों के बीच गार्डन में खेलना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए खेलना अलग बातें है। ये पूछने पर कि खेलने की शुरूआत कैसे की, अंजुम कहती हैं कि अगर वो नहीं खेलती तो ज्यादा आश्चर्यजनक होता क्योंकि परिवार में सभी क्रिकेट से जुड़े थे। थोड़ा जोर देने पर बताती हैं कि कैसे उनकी मम्मी को जब जानकारी मिली कि बच्चों के लिए क्रिकेट का ट्रेनिंग कैम्प लगाया गया है तो उन्होंने दोनों भाई-बहनों को तैयार किया और वहां ले गई। वो कहती हैं, “बस उसी दिन से मेरा खेलना शुरू हो गया।”
मिलें हैं कई सम्मान
अपने सत्रह साल के लंबे करियर में अंजुम ने कई सम्मान कमाएं हैं। साल 2014 में अंजुम को पद्मश्री से नवाज़ा गया था और साल 2006 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। वो देश के महान टेस्ट स्किपरों में से एक हैं। वो पहली ऐसी महिला क्रिकेटर हैं जिन्हें लंदन के क्रिकेट क्लब एमसीसी ने अपनी सदस्यता से सम्मानित किया है। इतना ही नहीं, दिल्ली में भी इस खेल के प्रति उनकी लगन और योगदान को देखते हुए, दिल्ली क्रिकेट असोसिएशन ने फिरोज़ शाह कोटला स्टेडियम के एक गेट का नाम भी अंजुम चोपड़ा रखा है।
सबको खेलना ही चाहिए
अंजुम का मानना है कि खेलने से लाइफ में अनुशासन आता है और इसलिए ये हर किसी को स्पोर्ट्स में थोड़ी-बहुत रुचि रखनी चाहिए। ये बातें सिर्फ दिमाग में पलती हैं कि पीरियड्स के दौरान कैसे फील्ड पर उछलना कूदना होगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता । एक महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव आते रहते हैं, लेकिन अगर आप खेलते रहेंगे, खान पान सही हो, योग एक्सरसाइज़ करते रहें, तो कोई समस्या नहीं होती है।
क्रिकेट के साथ भी बहुत कुछ
लेकिन वो यही पर नहीं रुकी, उन्होंने विमेन्स क्रिकेट वर्ल्ड- अ जर्नी फ्रम 1945- 2013 नामक कॉफी टेबल बुक लिखी है, एक डॉक्यूड्रामा और एक रिएलिटी शो का हिस्सा रही हैं और साथ ही कई बड़ी कंपनियों से बतौर मोटिवेशनल स्पीकर और कंसल्टेन्ट जुड़ी हैं। अंजुम से ये पूछिए कि वो इतना सब कैसे कर पाई और उनका जवाब बड़ा ही सिंपल था, लाइफ में हमेशा कुछ करते रहना चाहिए, घर परिवार सबके साथ खुद भी हर अवसर को अपनाना चाहिए। अगर आपकी इच्छा होगी तो सब हो जाएगा।
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