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सपना – एक लघुकथा

“रोना मत .. याद रखो, तुम्हारा एक भाई है।  मैं हूँ ना यहाँ।   मुझे बताओ।  रोओ मत।”

हमने कैंपस की बिल्डिंग से बाहर कदम रखा और मैंने उससे कहा कि बगीचे में कैंटीन में मेरा इंतजार करे।

“यहाँ रुको, तुम्हे जो सबसे ज्यादा पसंद है वो ऑर्डर कर दो । मैं अभी बस एक ज़रूरी काम ख़त्म करके 10 मिनट में वापस आया।”

सूरज तेजी से अस्त हो रहा था। और जब मैं लौटा तब तक अंधेरा हो चूका था । कुछ भी नहीं था वहाँ ।  कोई नहीं।  कैंटीन बंद हो चुकी थी और वो भी वहाँ नहीं थी।

मैं ज़रा सहमा। उसे क्या हुआ होगा?

अचानक, अलार्म बज उठा। मेरा मोबाइल फोन अलार्म। हाँ, यह एक सपना था …

मैं जाग गया। लेकिन, वह दर्द, मुझे अभी भी महसूस हो रहा था। मैंने फिर से सोने की और उसे खोजने के लिए वापस सपने में जाने की कोशिश की।  निश्चित रूप से, एक असफल प्रयास।

मैं सालों से उससे मिला नहीं था। कभी भी मैंने उसके बारे में नहीं सोचा था .. लेकिन मुझे पता था कि वह एक अच्छी लड़की थी।

अपनी सुबह की दिनचर्या को जल्दी से पूरा करने के बाद, मैं उससे मिलने के लिए उसके घर की ओर चल दिया।
जब मैं पहुँचा, तो पाया कि अब वहाँ कोई नहीं रहता है।

पड़ोसियों ने बताया कि वो और उसका परिवार कुछ महीने पहले ही  घर खाली कर के चले गए है, लेकिन अभी वो कहा रहते है ये नहीं पता।

मैं अभी भी उस दर्द को महसूस कर रहा था जो मुझे एक सपने ने तोहफ़े में दिया था .. एक कभी न खत्म होने वाला दर्द ..

मैं पहले वहाँ उसकी बात सुनने के लिए क्यों नहीं रुका ??
क्या सांसारिक काम भावनाओं से ज्यादा ज़रूरी होते हैं ??
वो क्या कहना चाहती होगी ??

“रोना मत .. याद रखो, तुम्हारा एक भाई है।  मैं हूँ ना यहाँ।   मुझे बताओ।  रोओ मत।”

हमने कैंपस की बिल्डिंग से बाहर कदम रखा और मैंने उससे कहा कि बगीचे में कैंटीन में मेरा इंतजार करे।

“यहाँ रुको, तुम्हे जो सबसे ज्यादा पसंद है वो ऑर्डर कर दो । मैं अभी बस एक ज़रूरी काम ख़त्म करके 10 मिनट में वापस आया।”

सूरज तेजी से अस्त हो रहा था। और जब मैं लौटा तब तक अंधेरा हो चूका था । कुछ भी नहीं था वहाँ ।  कोई नहीं।  कैंटीन बंद हो चुकी थी और वो भी वहाँ नहीं थी।

मैं ज़रा सहमा। उसे क्या हुआ होगा?

अचानक, अलार्म बज उठा। मेरा मोबाइल फोन अलार्म। हाँ, यह एक सपना था …

मैं जाग गया। लेकिन, वह दर्द, मुझे अभी भी महसूस हो रहा था। मैंने फिर से सोने की और उसे खोजने के लिए वापस सपने में जाने की कोशिश की।  निश्चित रूप से, एक असफल प्रयास।

मैं सालों से उससे मिला नहीं था। कभी भी मैंने उसके बारे में नहीं सोचा था .. लेकिन मुझे पता था कि वह एक अच्छी लड़की थी।

अपनी सुबह की दिनचर्या को जल्दी से पूरा करने के बाद, मैं उससे मिलने के लिए उसके घर की ओर चल दिया।
जब मैं पहुँचा, तो पाया कि अब वहाँ कोई नहीं रहता है।

पड़ोसियों ने बताया कि वो और उसका परिवार कुछ महीने पहले ही  घर खाली कर के चले गए है, लेकिन अभी वो कहा रहते है ये नहीं पता।

मैं अभी भी उस दर्द को महसूस कर रहा था जो मुझे एक सपने ने तोहफ़े में दिया था .. एक कभी न खत्म होने वाला दर्द ..

मैं पहले वहाँ उसकी बात सुनने के लिए क्यों नहीं रुका ??
क्या सांसारिक काम भावनाओं से ज्यादा ज़रूरी होते हैं ??
वो क्या कहना चाहती होगी ??