mahanata
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Hindi Motivational Story: “शक्तिशाली होना महानता है अथवा परोपकारी होना? “फारस देश का एक नागरिक एक बार इस प्रश्न को लेकर दुविधा में पड़ गया। बहुत मानस-मंथन करने के बाद भी जब वह किसी निर्णय पर नहीं पहुँच सका तो वह एक प्रसिद्ध विद्वान फकीर के पास पहुँचा और समाधान की आशा में वह प्रश्न उसने बाबा के सम्मुख रखा। फ़कीर प्रश्न सुनकर मुस्कराया और बोला, “हातिम के ज़माने का सबसे बड़ा पहलवान कौन था, यदि तुम यह बता दोगे तो फिर मैं तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दे दूँगा।”

नागरिक ने काफ़ी दिमाग दौड़ाया पर वह फ़कीर के प्रश्न का जवाब नहीं दे सका। अंत में पराजित स्वर में बोला, “यह तो मुझे नहीं मालूम बाबा लेकिन मेरे प्रश्न का आपके इस प्रश्न से क्या संबंध है? फ़कीर ने उत्तर दिया, यही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है भाई अब जाओ और अपना मन परोपकार में लगाओ। शक्तिशाली को समय के साथ भूला दिया जाता है लेकिन परोपकारी सदा अमर रहता है।

ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंNaye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)