Hindi Funny Story: मेरा रिश्ता तय हो चुका था।
मेरे एमएससी फाइनल के एग्जाम थे, एग्जाम के बीच में ही होली का त्योहार था। होली की वजह से चार दिन की छुट्टियाँ थीं। सोचा था कि पहले दो दिन रंगों की मस्ती में डूब जाएंगे और फिर बाकी के दो दिन परीक्षा की तैयारी कर लेंगे। लेकिन बात इतनी आसान नहीं थी।
सच कहूँ तो पढ़ाई में मन वैसे ही कम लगता था। होली के दिन पतिदेव अचानक होली खेलने आ गए । उनको अचानक आया देख मुझे ख़ुशी और घबराहट दोनों हुई । मेरा रंग गुलाबी हो गया ,तो उन्होंने मेरी चुटकी लेते हुए कहा कि अभी तो हमने होली खेली ही नहीं और तुम गुलाबी हो गईं ।
धूमधाम में कब दो दिन बीत गए, पता ही नहीं चला। पतिदेव और परिवार के साथ रंग-गुलाल उड़ाते , मस्ती धमाल करते हुए वक्त जैसे पंख लगाकर उड़ गया। जब होली खत्म हुई और तैयारी के लिए बचा हुआ समय देखा, तो अहसास हुआ कि अब ध्यान लगाना जरूरी है। लेकिन पढ़ाई में मन कहाँ लगने वाला था ,होली के धमाल का पक्का रंग दिल और दिमाग़ से उतर ही नहीं रहा था ।
एग्जाम का दिन भी आ गया , रंगों से रंगी हुई मैं पेपर देने गई । देखा तो पेपर में ज़्यादा कुछ समझ ही नहीं आ रहा था । सोचा पास होना मुश्किल ही है, पतिदेव पर थोड़ा ,थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था ।
परीक्षा हॉल से बाहर आने पर ज्ञात हुआ कि पेपर सचमुच ही कठिन आया था । थोड़ी राहत की साँस ली कि चलो हमें ही कठिन नहीं लगा ।
परीक्षा परिणाम आया और उस पेपर में अपने को उत्तीर्ण पाया तो पतिदेव की सरप्राइज होली और पक्के रंग, यादों में सदा के लिए पक्के और गहरे हो गए ।

