Hindi Love Story: शगुन और नीलेश की शादी को अभी एक ही साल हुआ था, मगर ऐसा लगता था जैसे वो सदियों से एक  साथ हों। उनके जीवन की हर सुबह खुशियों और हसीं ठहाकों से भरी होती थी। शगुन की मस्ती भरी खिलखिलाहट नीलेश की रूह को प्यार की खुशबु से भर देती थी, तो वहीं नीलेश की बाहों में शगुन को सुकून भरी शांति मिलती थी। वे दोनों एक-दूसरे की ज़िंदगी का सबसे प्यारा हिस्सा बन चुके थे। लेकिन किस्मत ने हमारे लिए क्या सोच कर रखा है ये कोई नहीं जानता। एक सुबह, जब शगुन अपने ऑफिस जा रही थी, रास्ते में एक सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। बुरी तरह से घायल शगुन को अस्पताल ले जाया गया। कई दिनों बाद जब वह होश में आई, तो उसकी आँखों में एक खालीपन तैर रहा था। वह किसी को नहीं पहचान पा रही थी। डॉक्टरों ने बताया कि शगुन को पार्शियल मेमोरी लॉस हो गया है।

यह सुनकर शगुन के माता-पिता और नीलेश का दिल टूट गया। शगुन, जो उन लोगों की हर साँस में बसी थी, अब उनकी पहचान से अंजान हो गई थी। नीलेश ने शगुन के माँ-पापा को अपने ही घर पर रहने के लिए मन लिया ताकि वो शगुन के आस-पास रहकर कुछ अच्छा महसूस कर पाएं। उसने मन में सोच लिया की वो हार नहीं मानेगा और अपनी शगुन की खोयी हुई यादों को वापस ला कर रहेगा।

Hindi Love Story
Stay together

अगले ही दिन से नीलेश ने शगुन की देखभाल में खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया । वह शगुन के पास बैठकर घंटों बातें करता, कभी उनके पुराने किस्से सुनाता, कभी मोबाइल पर उनकी हँसती-खेलती तस्वीरें और वीडियो दिखाता।

शादी की एल्बम ,हनीमून की वीडियो सब कुछ शगुन को दिखाता, वो इस तरह से शगुन को समझाता जैसे कोई कहानी सुना रहा हो। उसका मानना था ऐसा करने से शगुन की भूली-बिसरी यादें फिर से जल्द ही लौट आएँगी।

नीलेश ने ये कभी नहीं जताया कि अंदर ही अंदर वो टूट रहा है ,उसे तकलीफ़ हो रही है। वो अपनी मुस्कराहट के पीछे अपना दर्द छुपाता रहा। रोज़ शगुन को उसका मनपसंद खाना बनाकर खिलाता, उसकी पसंदीदा किताबें पढ़कर सुनाता। शगुन कभी-कभी तो चुपचाप सुनती रहती , कभी खूब सारे सवाल करती, और कभी सिर्फ मुस्कुरा भर देती। लेकिन उसकी मुस्कान अब पहले जैसी बिलकुल नहीं थी। उसके चेहरे पर एक खालीपन ठहरा हुआ था।

समय तेज़ी से बीत रहा था । एक दिन शगुन खिड़की के पास बैठी थी, बाहर जोरदार बारिश हो रही थी। अचानक नीलेश की तरफ मुड़कर उसने कहा, मुझे बारिश बहुत पसंद थी ना ?

नीलेश की आँखों में आसुंओ के सात एक चमक आ गई। उसने धीरे से शगुन का हाथ थामा।

Love
Love is in the air

शगुन ने नीलेश की ऊँगलियों में अपनी उंगलियां फसाकर कसकर उसका हाथ पकड़ लिया। नीलेश के दिल की धड़कने तेज़ हो गयीं , उसे याद आया, एक्सीडेंट से पहले शगुन प्यार से उसका हाथ ऐसे ही थाम लेती थी।

फिर एक शाम, जब दोनों पार्क में टहल रहे थे, शगुन अचानक रुकी ।

उसकी आँखों में आँसू भरे थे। उसने नीलेश की तरफ देखकर रुंधे हुए गले से कहा,

मुझे सब कुछ याद नहीं आया है ,लेकिन एक बात जान गयी हूँ ,तुम मेरे हो।

तुम्हारा प्यार मुझे जिंदगी जीना सिखा रहा है।

नीलेश ने उसे कसकर सीने से लगा लिया। उस दिन उसने ये समझ लिया कि यादें सिर्फ़ दिमाग में ही नहीं बल्कि दिल में भी बसती हैं।

धीरे-धीरे शगुन की कुछ यादें लौट आईं। जो यादें कभी नहीं लौटीं, उन्हें नीलेश ने अपने प्यार से दोबारा संजो दिया। वो दोनों फिर से हँसे, फिर से जिए, लेकिन इस बार, पहले से कहीं और गहराई से प्यार में डूबकर उन्होंने जिंदगी जीना सीख लिया।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...