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ओमिक्रॉन वेरिएंट

कोरोना के आए दिन नए-नए वेरिएंट के नाम सुनने को मिल रहे हैं। अभी कुछ दिनों से ओमिक्रॉन वेरिएंट की चर्चा जोरों पर है। यहां तक की गुजरात में एक और केरल में दो संक्रमित भी पाए गए हैं। इसके बाद से लोगों के मन में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर दहशत पैदा हो गई है, क्योंकि माना जा रहा है कि यह अब तक का सबसे खतरनाक वायरस है। सरकार भी लोगों से लगातार अपील कर रही है कि वे कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। इसके नए वेरिएंट के आने के बाद से लोग सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को लेकर परेशान हैं कि उनको कैसे इसकी चपेट में आने से बचाया जाए। इस लेख में हम औमिक्रॉन वायरस क्या है और इससे बच्चों को कैसे दूर रखें उन्हीं बिंदुओं पर प्रकाश डालेंगे और समझने की कोशिश करेंगे।

क्या है ओमिक्रॉन वायरस?

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Omicron Variant: क्या है ओमिक्रॉन वेरिएंट एवं इससे जुडी बच्चों के लिए सावधानियां? 7

यह कोरोना वायरस का नया वेरिएंट है जिसके बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अब तक का सबसे खतरनाक वेरिएंटट है। इसमें 50 से अधिक म्यूटेंट होते हैं और यह काफी तेजी से फैलता है। दुनिया भर के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए एस जीन (S Gene) ड्रॉप आउट के बारे में पता लगाना जरूरी है। अगर ओमिक्रॉन से पीड़ित व्यक्ति की जांच में वायरस के वेरिएंट की बाहरी परत पर S Gene मौजूद नहीं है तो उसके ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पुष्टि होती है।

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज के अनुसार बच्चों में ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बना हुआ है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना से संक्रमित 2 साल से कम उम्र के बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की दर करीब 10 फीसदी है। संस्थान में सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ वासीला जसत ने सार्वजनिक बयान देकर बताया है कि कोरोना के इस वेरिएंट के शिकार देशों में बच्चों के संक्रमित होने का खतरा शुरुआती स्तर की तुलना में अधिक है। हालांकि बच्चों पर इस वेरिएंट के असर को लेकर शोध अभी भी जारी है।

वहीं, जमशेदपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इंटेसिव केयर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ इंदु चौहान से जब पूछा गया कि इस नए वेरिएंटका बच्चों पर क्या असर हो सकता है तो वे बताती हैं, “कोरोना के इस नए खतरे के बारे में अब तक ज्यादा अध्ययन नहीं हुए हैं। इसलिए कुछ भी कह पाना कठिन है। लेकिन इसे काफी संक्रामक और तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है तो इसके संक्रमण का जोखिम निश्चित ही अधिक हो सकता है। बच्चों को विशेषतौर पर खतरा इसलिए अधिक है क्योंकि उनको अभी टीका लगना शुरू नहीं हआ है।

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Omicron Variant: क्या है ओमिक्रॉन वेरिएंट एवं इससे जुडी बच्चों के लिए सावधानियां? 8

हालांकि, इस नए वेरिएंट को लेकर विशेषज्ञों अभी शोध कर रहे हैं उनकी ओर से कोई नई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन करके बच्चों को इस खतरे से जरूर बचाया जा सकता है।

बच्चों के लिए सावधानियां

बच्चों को भीड़-भाड़ में जाने से रोकें

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Omicron Variant: क्या है ओमिक्रॉन वेरिएंट एवं इससे जुडी बच्चों के लिए सावधानियां? 9

इस समय आप बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन ही जारी रखते हुए उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगह से जितना दूर रखेंगी उतना उनकी सेहत के लिए अच्छा होगा। इसलिए अभी कुछ समय और आप घर पर ही बच्चों की पढ़ाई करवाएं। हां, अगर बच्चा बोर हो रहा है, बाहर जाकर दोस्तों के साथ खेलने की जिद कर रहा है तो आप कोशिश करें कि घर पर कुछ इंडोर एक्टिवीटीज उसके लिए प्लान करें, जैसे उसके साथ लूडो खेलें, चेस खेलें, कैरम बोड, बिजनेस, स्क्रैबल्स। इससे बच्चे का ध्यान भी बंटेगा और उसकी उबन भी कम होगी।

मास्क है जरूरी

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अंत में बात करते हैं कोरोना के सबसे बड़े हथियार मास्क की जिसने दुनिया को अब तक कोरोना खतरे से बचाने में अहम भूमिका निभाई है। मास्क हमेशा लगाएं। अगर आपकी सोसायटी में कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो घर पर भी मास्क कुछ दिन तक लगाएं। बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें।
इन सावधानियों को अपनी आदतों में शुमार करें और सरकार की तरफ से आ रही ओमिक्रॉन की खबरों को पढ़ते रहें। जिससे आपको आपको आपके आसपास के मामलों के बारे में खबर मिलते रहे और आप उसके अनुसार सतर्क रहें।

कोरोना काल की आदतों का साथ न छोड़ें

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Omicron Variant: क्या है ओमिक्रॉन वेरिएंट एवं इससे जुडी बच्चों के लिए सावधानियां? 11
  • बाहर आने-जाने में बच्चों को साथ न लें, उन्हें घर पर ही रखें।
  • खाने से पहले और बाद में तो हाथ धोना ही है साथ ही बार-बार हाथ धुलाते रहें।
  • बाहर से आने वाली चीजों को सैनिटाइज कर के ही इस्तेमाल करें।
  • कपड़ों को साफ रखें और घर को रोज सैनिटाइज करें।
  • सबसे जरूरी बात धूप में 2 से 3 घंटे बैठें। वैसे भी अभी ठंड है तो धूप में बैठ सकते हैं क्योंकि, धूप 50 फीसदी तक हर वायरस को मार सकती है।

उल्लेखनीय है कि ओमिक्रॉन वायरस से संक्रमित पहला केस अफ्रीका में मिला है। दक्षिण अफ्रीका में दुनिया का पहला केस मिलने के 9 दिन बाद ही भारत के कर्नाटक राज्य में इस वायरस से संक्रमित दो व्यक्तियों की पुष्टि हुई है। यह व्यक्ति 66 साल का है और दक्षिण अफ्रीका से लौटा है। लेकिन एक अन्य व्यक्ति भी ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला है जो आज तक विदेश नहीं गया है और न ही किसी विदेशी के संपर्क में आया। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वेरिएंट पहले ही देश में पहुंच चुका हो।

फिलहाल, दोनों संक्रमितों के संपर्क में आए 300 से ज्यादा लोगों की जांच की गई है जिसमें से 10 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वे ओमिक्रॉन है या नहीं, इसकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। ऐसे में जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ उनके लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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