types of morning walking to lose weight
types of morning walking to lose weight

Overview: सुबह की सैर से न सिर्फ तेजी से घटेगा वजन, बल्कि शरीर रहेगा फिट और एनर्जेटिक

अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो मॉर्निंग वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक आसान और असरदार तरीका हो सकता है। अलग-अलग तरह की मॉर्निंग वॉक जैसे ब्रिस्क वॉक, इंटरवल वॉक और अपहिल वॉक न सिर्फ ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं, बल्कि मेटाबॉलिज़्म को भी तेज करती हैं। इन वॉकिंग स्टाइल्स से फैट तेजी से घटता है, पाचन बेहतर होता है और पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

Walking style: सुबह की ताज़ी हवा, हल्की ठंडक और शांत वातावरण में वॉक करना सिर्फ शरीर को जगाने का ही काम नहीं करता, बल्कि वजन घटाने की दिशा में एक बेहतरीन कदम भी हो सकता है। लेकिन हर वॉक एक जैसी नहीं होती। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो आपको वॉक करने के तरीके को थोड़ा स्मार्ट बनाना होगा। यहां हम बात करेंगे सुबह वॉकिंग के ऐसे 7 तरीकों की जो न सिर्फ आपका वजन कम करने में मदद करेंगे, बल्कि पूरे दिन के लिए आपको ऊर्जा से भर देंगे।

ब्रिस्क वॉकिंग

Brisk walking
Brisk walking

साधारण चाल से चलने की तुलना में तेज़ चाल से चलना अधिक कैलोरी बर्न करता है। जब आप रोज़ाना 30 मिनट भी तेज़ी से चलते हैं, तो आपका हार्ट रेट बढ़ता है और शरीर फैट बर्न मोड में आ जाता है। इस वॉक में आपको ध्यान रखना है कि आपकी सांसें थोड़ी तेज़ चलें, लेकिन बात करने में परेशानी न हो।

इनक्लाइन वॉकिंग

अगर आप पार्क या किसी जगह ऐसी वॉक करते हैं जहाँ चढ़ाई हो, तो ये आपके लिए बोनस है। इनक्लाइन वॉकिंग में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे जांघों, हिप्स और पेट पर जल्दी असर पड़ता है। अगर आसपास पहाड़ी इलाका नहीं है तो ट्रेडमिल पर इनक्लाइन सेट कर सकते हैं।

इंटरवल वॉकिंग

इस वॉकिंग स्टाइल में आप कुछ मिनट तेज़ चलते हैं और फिर कुछ मिनट सामान्य चाल से। ये प्रक्रिया दोहराते रहें। इससे मेटाबॉलिज्म तेज़ होता है और फैट बर्निंग ज़्यादा होती है। उदाहरण: 2 मिनट तेज़ चलें, फिर 1 मिनट आराम से, और इसे 20–30 मिनट तक दोहराएं।

पावर वॉकिंग

पावर वॉकिंग में चाल न सिर्फ तेज़ होती है, बल्कि आपके हाथ भी पूरे जोश से हिल रहे होते हैं। ये वॉकिंग एक तरह की कार्डियो एक्सरसाइज बन जाती है जिससे न सिर्फ वजन कम होता है बल्कि स्टैमिना भी बढ़ता है। ध्यान रहे कि शरीर सीधा रहे और हाथों का मूवमेंट पूरे शरीर के साथ सिंक्रोनाइज़ हो।

मेडिटेटिव वॉकिंग

हालांकि यह वजन घटाने के लिए सीधे नहीं की जाती, लेकिन जब आप वॉकिंग के दौरान गहरी सांसें लेते हैं, ध्यान रखते हैं, तो स्ट्रेस कम होता है। स्ट्रेस से भी वजन बढ़ता है, इसलिए मानसिक शांति व वजन घटाने में भी मददगार हो सकती है। इससे आप वॉकिंग को लंबे समय तक एंजॉय भी कर पाते हैं।

रिवर्स वॉकिंग

रिवर्स वॉक यानी उल्टी दिशा में चलना, एक अनोखी तकनीक है जो न सिर्फ़ मज़ेदार है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी भी है। पीछे की ओर चलने से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, मांसपेशियों की मजबूती बढ़ती है और कार्डियोरेस्पिरेटरी फ़िटनेस में भी सुधार होता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने चलने के तरीके में लचीलापन और सटीकता लाना चाहते हैं।

नॉर्डिक वॉकिंग

नॉर्डिक वॉकिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें हाथों में विशेष स्टिक — जिन्हें पोल कहा जाता है — लेकर चलते हैं। ये पोल केवल सहारा देने के लिए नहीं होते, बल्कि चलते समय पूरे शरीर को सक्रिय करने में मदद करते हैं। सामान्य वॉक की तुलना में यह एक फुल बॉडी वर्कआउट माना जाता है, क्योंकि इसमें हाथ, पैर, कंधे और पीठ की मांसपेशियाँ एक साथ काम करती हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फ़ायदेमंद है जो कम समय में अधिक कैलोरी बर्न करना चाहते हैं और शरीर की मजबूती को बढ़ाना चाहते हैं।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...