मेरे पिताजी की उम्र 51 वर्ष है। वह मधुमेह से पीडि़त हैं। यह हमारे परिवार में आनुवांशिक समस्या है और हमारे परिवार में किडनी फेल्योर के कारण मौतें हुई है। मेरे पिताजी का क्रिएटिनिन स्तर 2.5 मिलीग्राम/डीएल है। उन्होंने इंसुलिन इंजेक्शन लेना शुरू कर दिया है और दवाइयां भी ले रहे हैं। कृपया ऐसा तरीका सुझाएं ताकि उन्हें किडनी फेल्योर नहीं हो।

— गीत अग्रवाल, सहारनपुर

 

हेमोडायलिसिस जीवन को बचाने में कारगर है और किडनी फेल्योर के मरीजों के लिए ताउम्र के लिए उपचार है। अगर एक्यूट किडनी की समस्या है तो डायलिसिस की जरूरत अस्थाई होती है। अगर आखिरी चरण का रीनल रोग है तो पूरे जीवन पर इसकी नियमित जरूरत पड़ती है या उस समय तक इसकी जरूरत होती है जब तक कि मरीज का गुर्दा प्रत्यारोपण नहीं हो जाता है। अगर सही तरीके से डायलिसिस हो तो इससे आपके पिताजी 2 से 3 दिनों के लिए स्वस्थ रह सकते हैं। इस अवधि के दौरान मरीज यात्रा कर सकते हैं। अगर आप किसी नई जगह पर गए हैं तो पहले से ही नेफ्रोलॉजिस्ट से संपर्क कर लें।

 

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