Piles Problem
Teenagers Health Credit: Istock

Piles Reason in Teenager: पिछले कुछ समय में युवाओं में पेट दर्द, अपच और कब्‍ज जैसी समस्‍याएं अधिक देखने में आई हैं। एक्‍सपर्ट्स के अनुसार नियमित रूप से जंक फूड का सेवन और निष्‍क्रिय जीवनशैली की वजह से युवा वयस्‍‍कों में दर्दनाक पाइल्‍स, फिस्‍टुला और फिशर के मामले बढ़े हैं। इसमें 18 से 25 साल तक के युवाओं की संख्‍या दिन-पर-दिन बढ़ रही है। पाइल्‍स और फिशर से पीडि़त मरीजों को गुदा क्षेत्र में सूजन, दर्द और मल त्‍यागने में परेशानी होती है। छोटी उम्र में युवाओं को इस प्रकार की समस्या गंभीर बीमारी की ओर इशारा करती है। ऐसी स्थिति में किन चीजों के सेवन से बचना चाहिए चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्‍यों होता है पाइल्‍स और फिस्‍टुला

Why do piles and fistula occur
Why do piles and fistula occur

पाइल्‍स की समस्‍या तब होती है जब गुदा के अंदर और बाहर की नसें सूज जाती हैं या उनका आकार बढ़ जाता है। ये स्थिति मोटापा, गर्भावस्‍था, शरीर में फाइबर और पानी की कमी की वजह से होती है। ऐसे में यदि अधिक तेल-चिकनाई, प्रोसेस्‍ड फूड और मैदे का सेवन किया जाता है तो ये कब्‍ज की समस्‍या को बढ़ा सकती है। जिसके परिणामस्‍वरूप पाइल्‍स और फिस्‍टुला हो सकता है।

युवाओं में क्‍यों बढ़ रही हैं ये समस्‍याएं

युवाओं में पाइल्‍स, फिस्‍टुला और फिशर की समस्‍याएं मुख्‍य रूप से जंक फूड के सेवन के कारण बढ़ रही हैं। खासकर मैदे और तेलयुक्‍त चीजें जैसे मोमोज, पिज्‍जा, बर्गर, फ्राइड चिकन और प्रोसेस्‍ड फूड इन समस्‍याओं को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी और अत्‍यधिक पेय पदार्थों का सेवन पाचन संबंधित समस्‍याओं का कारण बन रहा है। जो भविष्‍य में पाइल्‍स और फिस्‍टुला जैसी समस्‍याओं को बढ़ा सकता है।

किन चीजों को करें डाइट से डिलीज

– तली-भुनी चीजें न खाएं

– व्‍हाइट ब्रेड के सेवन से बचें

– अत्‍यधिक कॉफी पीने से बचें

– मैदे से बनें मोमोज, पिज्‍जा और बिस्‍किट का सेवन न करें

– अधिक मीठी चीजों के सेवन न करें

– प्रोसेस्‍ड चीजें को पूरी तरह से डाइट से हटाएं

– बाहर के खाने का सेवन कम से कम करें

इन चीजों को करें डाइट में शामिल

Include these things in your diet
Include these things in your diet

पाइल्‍स जैसी गंभीर समस्‍या से बचने के लिए डाइट में पोषक तत्‍वों से भरपूर चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है।

– साबुत अनाज का करें सेवन

-अधिक से अधिक फल खाएं

– दिन में दो बार ग्रीन टी पिएं

– केले का सेवन है लाभदायक

– दिन में 8 गिलास पानी जरूर पिएं

– रोटी की बजाय मिलेट का उपयोग करें

-फाइबरयुक्‍त आहार का सेवन करें

लाइफस्‍टाइल में करें बदलाव

– पेट संबंधित समस्‍या से बचने के लिए नियमित 30 मिनट एक्‍सरसाइज करें

– लंबे समय तक बैठने से बचें। काम के दौरान बीच-बीच में उठें और टहलें

– मल त्‍यागने के बाद गुदा क्षेत्र को अच्‍छी तरह साफ करें

– कब्‍ज होने पर मल त्‍यागने के लिए जोर न लगाएं

– वजन को नियंत्रित रखें ताकि पेल्विक क्षेत्र पर दबाव कम पड़े

– नियमित रूप से वॉक करें

– सिगरेट और शराब से दूरी बनाएं

– अधिक स्‍क्रीन न देखें बल्कि घर के बाहर जाकर किसी न किसी एक्टिविटी में भाग लें

– युवा किसी स्‍पोर्ट्स में भागीदारी जरूर करें