प्रोबायोटिक्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा। ये एक तरह का जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं। जो खमीरयुक्त खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। शोध के मुताबिक सभी तरह के बैक्टीरिया खराब हो ऐसा जरूरी नहीं है। हमारी आंतों में अरबों सूक्ष्मजीव रहते हैं, जिसे चिकित्सक भाषा में माइक्रोबायोम कहा जाता है और यही वो सूक्ष्मजीव होते हैं, जो हमारे डाईजेशन सिस्टम को चालू रखने में मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्स नाम के सूक्ष्मजीव बड़ी आंत में ज्यादातर पाए जाते हैं। जिससे डिप्रेशन, चिंता और दिल की हेल्थ में सुधार होता है। हाल के दिनों की बात करें तो ये आजकल काफी लोकप्रिय भी हो रहा है।आइए जानते हैं 

प्रोबायोटिक्स के बारे में– प्रोबायोटिक्स एक तरह का जीवित बैक्टीरिया है को खमीर का एक संयोजक होता है। स्वभाविक रूप से प्रोबायोटिक्स की उपस्थिति हमारे शरीर में होती ही है। इसका मुख्य काम शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की मात्रा  को बढाना है। अगर फिर भी आप चाहते हैं कि इसकी कमी शरीर में बिलकुल ना हो तो आप प्रोबायोटिक्स से भरपूर ओवर-द-काउंटर प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं। जिसमें दही, छेना और खमीरी रोटी खरीदी जा सकती है।

फायदेमंद है प्रोबायोटिक्सशोधकर्ताओं के मुताबिक प्रोबायोटिक्स शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है। जो हमारे शरीर को अंदर से मजबूती भी देता है। तो चलिए जान लेते हैं इसके फायदों के बारे में भी।

  • डाईजेशन की समस्या हो दूर-हमारे शरीर में उपस्थित आंत में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के संतुलन को एंटीबायोटिक्स बिगाड़ सकते हैं। जिससे पेट में दर्द, दस्त, गैस बनना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोबायोटिक्स आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और होने वाली परेशानियों से राहत देते हैं। प्रोबायोटिक दस्त की समस्या को भी रोकने में मददगर है और डाईजेशन ओ मजबूत करता है।
  • IBS के लक्षणों को करे कम– IBS की वजह से बड़ी आंत को प्रभावित करने वाली स्थिति जैसे- कब्ज की समस्या, सूजन, पेट में दर्द की समस्या को बढ़ा देती है। प्रोबायोटिक से इन सभी तरह की परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है। अगर आपको IBS जैसी किसी भी तरह की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर प्रोबायोटिक्स की खुराक के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
  • टेंशन को करे छूमंतर– प्रोबायोटिक्स पेट के डाईजेशन को ठीक रखने के आलावा टेंशन को भी कम करने में मदद करता है। इससे सूजन भी कम होती है। शोध के मुताबिक बड़ी आंत हमारे दिमाग में मूड को लेकर न्यूरोट्रांसमीटर उत्पन्न करती है। जिसे कंट्रोल करने का काम प्रोबायोटिक्स करता है।
  • दिल को रखे हेल्दीशोधकर्ताओं की मानें तो प्रोबायोटिक्स से ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने के साथ दिल की हेल्थ को भी सुधरता है। साथ ही इसकी मदद से कोलेस्ट्रोल को भी आसानी से हटाया जा सकता है जो आगे चलकर बड़े खतरे का कारण बनते हैं।

क्या हैं प्रोबायोटिक के साइड इफेक्ट– वैसे देखा जाए तो एक हेल्दी शरीर के लिए प्रोबायोटिक लेने से किसी भी तरह के साइड इफेक्ट होने की आशंका कम रहती है प्रोबायोटिक लेकिन अगर कोई इंसान गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से सामना कर रहा है तो वो कुछ साइड इफेक्ट को भी अनुभव कर सकता है। आपको पेट में दर्द, दस्त आने की समस्या, गैस की समस्या, सूजन की समस्या झेलनी पड़ सकती है।

कैसे लें प्रोबायोटिक्स– अब आपके जहन में भी ये सवाल उठ रहा है कि आप प्रोबायोटिक्स को कैसे लें, तो आपके इस सवाल का हल भी है। आप कुछ खाद्य पदार्थों के रूप में प्रोबायोटिक्स को ले सकते हैं। अगर आप प्रोबायोटिक्स युक खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो विटामिन की कमी भी खुद ब खुद पूरी हो जाएगी। आप खमीरयुक्त खाद्य पादर्थों का सेवन कर सकते हैं।

इस बात का भी रहे ख्याल– प्रोबायोटिक्स हर स्थिति में हेल्थ के लिए फायदेमंद है, इस बात का प्रमाण शोधकर्ताओं ने भी दिया है। इसकी मदद से एंटीबायोटिक से सम्बंधित दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है, साथ ही IBM के लक्षणों को भी दुरुस्त करता है। आप प्रोबायोटिक्स को हेल्दी आहार का हिस्सा भी बना सकते हैं।

कुछ खाद्य पदार्थ जिनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं

  • दही
  • केफिर
  • छेना
  • खमीरी रोटी

प्रोबायोटिक्स ये सारी जानकारी आपको होने बेहद जरूरी है। इससे शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। वहीं अगर आप किसी भी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो अपनी बेहतर डाईट के लिए किसी जानकार से सलाह ले सकते हैं।

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