अस्पताल में तो नर्सें मेरे बच्चे के डायपर बदलती थी, नहलाती थीं, मुझे बताती थीं कि शिशु के दूध पीने का समय हो गया है अब मैं काफी परेशान हूं

यह सच है कि शिशु अपने साथ कोई निर्देश लिखकर नहीं लातें जब आप अस्पताल से घर लौटती हैं तो आपको शिशु को नहलाने , धुलने व खिलने से जुड़े निर्देश दिये जाते हैं ।अपने प्रश्नों के उत्तर लिख लें ताकि कुछ भूलें नहीं ।

हालाँकि एक समझदार माता पिता बनने में समय लगता है । उनका डायपर उल्टा लगा दें या नहलाते समय कान साफ करना भूल जाएं तो वे बुरा नहीं मानते। वे अपनी फीडबैक देने में भी नहीं शरमाते। भूख लगने पर चीख-चीख कर रोते हैं। नहाने का पानी ज्यादा ठंडा या गर्म हो तो चिल्लाने लगते हैं। शिशु के पास दूसरी माँ नहीं होती, जिससे वह आपकी तुलना कर सकें।आप उसके लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन माँ हैं और रहेंगी।

आप अपनी थकान मिटाने के लिए आराम करें व ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए जम कर खाएँ। धीरे-धीरे बेबी केयर सहज व सरल होती जाएगी। तब बड़ी आसानी से शिशु को गोद में उठाकर घर के कपड़े भी धो सकेंगी और वैक्यूम क्लीनर भी चला पाएँगी। फिर आपको एक ही बार में कई काम करने का हुनर भी आ जाएगा।

 

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