कुछ गर्भवती महिलाओं को ऐसा लगता है कि गर्भावस्था में उनका माइग्रेन का दर्द काफी बढ़ गया है। कुछ किस्मतवाली महिलाएं ही ऐसी होती हैं, जिनके मामले में यह दर्द घटता है। यह पता नहीं लग पाया कि माइग्रेन की मात्रा कम या ज्यादा क्यों हो जाती है। यदि आप पहले से ही माइग्रेन से पीड़ित हैं तो अपने डॉक्टर से पूछें कि गर्भावस्था में कौन सी दवाएं लेना सुरक्षित रहेगा। इस तरह आप पहले से ही जानलेवा दर्द से बचाव का उपाय कर पाएंगी।
अगर आप जानती हैं कि माइग्रेन किस वजह से होता है, तो आप उसे रोकने का उपाय भी कर सकती हैं। चॉकलेट, चीज़, कॉफी या फिर तनाव! अपने मुंह पर ठंडे पानी के छींटे मारें, चेहरे पर ठंडा कपड़ा मलें। शोर, रोशनी और गंध से दूर किसी अंधेरे कमरे में 2-3 घंटे लेटें। आंखें बंद करके ध्यान करें या संगीत सुनें। कुछ पढ़ें नहीं और न ही टी.वी. देखें। बायोफीडबैक या एक्यूपंचर जैसी तकनीकें भी अपना सकती हैं।
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