‘‘जब से उसकी प्रेगनेंसी का पता चला है।मेरा मिजाज काफी अजीब सा हो गया है। मुझे नहीं पता था कि इन दिनों पिता भी डिप्रेशन में आ जाते हैं।”

पिता को भी प्रेगनेंसी के डिप्रेशन का सामना करना पड़ता है। हालांकि आप पूरी तरह से अपने हार्मोन्स को इसके लिए दोषी नहीं ठहरा सकते लेकिन फिर भी मूड में उतार-चढ़ाव तो आता ही है। डर, घबराहट व बेचैनी आपका भी पीछा नहीं छोड़ते।

ऐसे में आप ये टिप्स ट्राई करें-

  • अपनी भावनाएँ प्रकट करें।
  • हर रोज आपसी बातचीत के लिए समय निकालें।
  • किसी नए-नए पिता बने मित्र से बात करें या इस विषय में किताबों व ऑनलाइन जानकारी से मदद लें। 
  • थोड़ा सा वर्कआउट काफी फायदेमंद हो सकता है। आपके शरीर में बनने वाले एंडोरफिन से मूड काफी बेहतर हो जाएगा।
  • शिशु आने वाला है। क्यों न उसके आने की तैयारियों में थोड़ा समय लगाया जाए।
  • अल्कोहल से बचें। शराब की वजह से ही आपकी हर सुबह खिली-खिली व ताजी नहीं होती। शराब के अलावा दूसरे मादक द्रव्यों से भी बचें।

यदि इन सुझावों को अपनाने के बाद भी डिप्रेशन न जाए। वह आपके आपसी संबंधों पर असर डालने लगे तो व्यावसायिक मदद लेने में न हिचकिचाएँ।

 

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