कुछ गर्भवती महिलाएं बिना किसी वजह के अपनी पहली तिमाही में या पूरी गर्भावस्था के दौरान चिंतित रहती हैं। इन सब चिंताओं में सबसे ऊपर होती है- ‘गर्भपात की चिंता’।
- अधिकतर गर्भवती महिलाएं सामान्य लक्षणों व छोटी-मोटी परेशानियों के बावजूद स्वस्थ शिशुओं को जन्म देती हैं। हर सामान्य लक्षण की तरह पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, दर्द, हल्का रक्तसाव आदि भी सामान्य होता है। ये सब संकेत आपकी घबराहट की वजह तो बन सकते हैं लेकिन आपको यह नहीं मानना चाहिए कि इससे गर्भावस्था को कोई खतरा है। हालांकि आपको अपनी अगली मुलाकात में डॉक्टर की राय अवश्य ले लेनी चाहिए। यदि निम्नलिखित कारण उपस्थित हों तो अकारण चिंतित न हों।
- हल्की ऐंठन, दर्द, पेट के निचले, बीच वाले या किनारों वाले हिस्से पर हल्का दर्द। कई बार गर्भाशय को सहारा देने वाले लिगामेंट में खिंचाव की वजह से भी ऐसा होता है। यदि तेज ऐंठन के साथ ब्लीडिंग न हो, तब तक घबराने वाली कोई बात नहीं है। रक्तस्राव या ब्लीडिंग सिर्फ गर्भपात की वजह से नहीं होता। हम इसके कारण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं।
- कई बार लक्षणों की कमी से भी गर्भवती महिलाएं घबराती हैं। आमतौर पर पहली तिमाही में उन्हें लगता है कि वे गर्भवती ही नहीं हैं। इसी वजह से वे काफी परेशान हो जाती हैं। अपनी गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद घबराना कैसा?
- जरूरी नहीं कि सबकी तरह आपको भी मॉर्निंग सिकनेस हो या वक्षस्थल का आकार बढ़े। हो सकता है कि आप में यह लक्षण पैदा न हों, या देर से पैदा हों लेकिन हर गर्भवती महिला में अलग तरह के लक्षण होते हैं या होते ही नहीं!
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