Trachoma
Eye Disease Trachoma Credit: Istock

Overview: पीएम मोदी ने कहा ट्रेकोमा फ्री हुआ भारत

WHO ने भारत को ट्रेकोमा मुक्‍त देश घोषित किया है। यह बीमारी खराब स्वच्छता और मक्खियों के कारण फैलती है जिसे SAFE रणनीति अपनाकर फैलने से रोका जा सकता है।

Trachoma Free India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 123वें एपिसोड में घोषणा की कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त देश घोषित किया है। उन्होंने कहा, मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि WHO ने भारत को ट्रेकोमा, जो कि एक आंखों की बीमारी, से मुक्त घोषित किया है। आखिर ये ट्रेकोमा क्या है और इससे बचाव के क्‍या उपाय है चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्‍या है ट्रेकोमा

Trachoma Free India-ट्रेकोमा मुक्‍त हुआ भारत
What is trachoma

ट्रेकोमा एक बेहद पुरानी बीमारियों में से एक है, जो क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह एक संक्रामक बीमारी है जो आंखों और नाक से निकलने वाले स्राव के माध्यम से फैलती है। यह हाथों, कपड़ों, बिस्तर या मक्खियों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। यह बीमारी विशेष रूप से उन क्षेत्रों में आम है जहां स्वच्छता की कमी और भीड़भाड़ वाली परिस्थितियां होती हैं। विश्व में 42 देशों में यह अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो लगभग 20 लाख लोगों की अंधता का कारण बनी है।

भारत की उपलब्धि

WHO ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित करके देश की स्वास्थ्य प्रणाली और स्वच्छता प्रयासों की सराहना की है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य कर्मियों, सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। ट्रेकोमा जैसी बीमारी को खत्म करना न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी जीत है, बल्कि यह सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान देता है।

ट्रेकोमा के कारण

– गंदे हाथ और चेहरा इस बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ाते हैं।

– विकासशील देशों में, विशेष रूप से गरीब और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यह बीमारी अधिक प्रचलित है।

– शौचालयों की अनुपस्थिति और अपर्याप्त स्वच्छता सुविधाएं बीमारी को बढ़ावा देती हैं।

– महिलाएं, विशेष रूप से बच्चों की देखभाल करने वाली माताएं, इस बीमारी की चपेट में अधिक आती हैं।

– मक्खियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में ट्रेकोमा का प्रसार तेजी से होता है।

ट्रेकोमा के लक्षण

– पलकों में हल्की जलन और खुजली

– आंखों में दर्द

– फोटोफोबिया

– पलकों में सूजन

– आंखों से म्यूकस या मवाद जैसा स्राव

– पलकों का मोटा होना और आंतरिक सतह पर निशान पड़ना

– पलकों का अंदर की ओर मुड़ना और पलकों के बालों का कॉर्निया से रगड़ना

– कॉर्निया का अपारदर्शी होना, जिससे दृष्टि हानि या अंधापन हो सकता है।

ट्रेकोमा का इलाज

ट्रेकोमा मुक्‍त हुआ भारत
Treatment of trachoma

ट्रेकोमा का इलाज बीमारी के स्‍टेज पर निर्भर करता है। शुरुआती चरण में इसे एंटीबायोटिक्स से आसानी से ठीक किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन निम्नलिखित उपचार की सिफारिश करता है:

एंटीबायोटिक्स: ओरल एज़िथ्रोमाइसिन या टेट्रासाइक्लिन ऑइंटमेंट का उपयोग किया जा सकता है।

सर्जरी: पलकों को कॉर्निया से दूर करने के लिए बाइलैमेलर टार्सल रोटेशन सर्जरी की जाती है। कॉर्नियल ट्रांसप्लांट भी एक विकल्प है, लेकिन इसका परिणाम ट्रेकोमा में कम प्रभावी होता है।

एपिलेशन: कॉर्निया पर रगड़ने वाली पलकों को नियमित रूप से हटाना।

ट्रेकोमा से बचाव

S (सर्जरी): गंभीर मामलों में सर्जरी की जा सकती है।

A (एंटीबायोटिक्स): क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस के लिए एंटीबायोटिक्स।

F (चेहरे की स्वच्छता): चेहरा और हाथ साफ रखना।

E (पर्यावरणीय सुधार): स्वच्छ पानी और मक्खियों पर नियंत्रण।