Sleep Issue: किसी दिन नींद न आए तो व्यक्ति दिनभर थका हुआ और निराश महसूस करता है। कई बार नींद पूरी न होने पर सिर में दर्द और माइग्रेन की समस्या भी ट्रिगर हो जाती है। इसलिए पर्याप्त नींद हर किसी के लिए आवश्यक होती है। लेकिन कई बार पूरी रात लेटे रहने के बावजूद व्यक्ति को नींद नहीं आती। नींद न आने से व्यक्ति को कई तरह की बीमारियों और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चिकित्सकों का मानना है कि 6 घंटे से कम सोने वाले व्यक्ति को शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या हो सकती है। कम नींद लेने से याददाश्त बनाने और भविष्य में इन बातों को याद करने में कठिनाई होती है। हालांकि नींद की कमी हर किसी को प्रभावित नहीं करती लेकिन इसका आपके दिमाग पर प्रभाव जरूर पड़ता है। शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या को यदि गंभीरता से न लिया जाए तो व्यक्ति लॉन्ग टर्म मेमोरी लॉस की समस्या का शिकार हो सकता है। ऐसे में इसके कारणों और उपायों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है शॉर्ट टर्म मेमारी लॉस

शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें व्यक्ति को कुछ याद नहीं रहता। हालांकि ये समस्या कुछ देर के लिए ही होती है। बाद में व्यक्ति को सब याद आ जाता है और वह सामान्य महसूस करता है। शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस के चलते व्यक्ति को चीजें याद करने में परेशानी हो सकती है साथ ही वह थका हुआ और बीमार महसूस कर सकता है। शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस के कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जिसमें नींद की कमी भी शामिल है।
शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस के कारण
पर्याप्त नींद न लेना: शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त नींद बेहद आवश्यक होती है। नींद की कमी से दिमाग को रेस्ट करने का मौका नहीं मिलता जिससे वह थका हुआ महसूस करने लगते हैं। ऐसी स्थिति में याददाश्त का कमजोर होना स्वाभाविक है।
डिप्रेशन की समस्या: जिन लोगों को कम नींद की वजह से तनाव और डिप्रेशन होता है उन्हें शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या हो सकती है। डिप्रेशन की वजह से चीजों को याद करने में कठिनाई आ सकती है।
ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी: नींद की कमी की वजह से ब्रेन को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त नहीं हो पाता। जिसकी वजह से व्यक्ति की याददाश्त प्रभावित हो सकती है।
शराब और नशे की आदत: अधिक और नियमित रूप से शराब और नशे का सेवन करना आपकी नींद और याददाश्त दोनों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या हो सकती है।
बढ़ती उम्र: उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की नींद काफी कम हो जाती है। साथ ही उम्र के साथ चीजों को याद रखना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पर्याप्त नींद न मिलने के कारण व्यक्ति शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस का शिकार हो सकता है।
शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस से कैसे निपटा जाए

– इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि 6-7 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
– दिमाग को शांत और स्थित रखने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें।
– इस मानसिक स्थिति से बचने के लिए टीटमेंट कराएं।
– चीजों को याद रखने के लिए मेमोरी गेम खेलें।
– बेहतर नींद के लिए सोने से पहले किताबें पढ़ें।
– नींद की क्वालिटी में सुधार करने के लिए सेंटेड कैंडल्स और लाइट म्यूजिक का सहारा लिया जा सकता है।
– शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। इसके लिए न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट लें।
