Herbal Supplements Effects: कोरोना के बाद से लोगों का हर्बल रेमेडीज और आयुर्वेदिक औषधियों की ओर झुकाव अधिक बढ़ा है। प्राकृतिक औषधियां बेहद फायदेमंद होती हैं। इससे कॉलेस्ट्रॉल, स्किन इंफेक्शन, खांसी जुकाम और यीस्ट इंफेक्शन जैसी कई बड़ी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। लोगों का मानना है कि हर्बल चीजों के सेवन से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं हो सकता। लेकिन बता दें कि हर्बल रेमेडीज जो अधिकांश लोग बिना चिकित्सक की सलाह के लेते हैं, वह सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकती हैं। हर्बल रेमेडीज के अधिक सेवन से लिवर प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं। तो चलिए जानते हैं कौन सी हर्बल सप्लीमेंट्स लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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अश्वगंधा

अश्वगंधा, एक आयुर्वेदिक जड़ीबूटी है जो विथानिया सोन्मीफेरा जड़ के अर्क से प्राप्त होता है। ये ब्रेन हेल्थ को बढ़ावा देने और एंटी-इंफ्लेमेटरी को कम करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग तनाव, थकान, दर्द, त्वचा रोग आदि बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। अश्वगंधा का सेवन थकान को कम करने और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। लेकिन अश्वगंधा का जरूरत से ज्यादा सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। अश्वगंधा पाउडर में मौजूद अशुद्धियों से लिवर इंजरी हो सकती है।
ग्रीन टी
ग्रीन टी का सेवन कैंसर, हार्ट डिजीज, मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। हालांकि ग्रीन टी का लंबे समय तक सेवन करने से लिवर डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रीन टी एक्सट्रेक्ट का कई हर्बल और डायट्री सप्लीमेंट्स में उपयोग किया जाता है। अधिक मात्रा में ग्रीन टी का सेवन कुछ मामलों में गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ये लिवर फेलियर का कारण भी बन सकता है।
ब्लैक कोहॉश
इस हर्ब का उपयोग महिलाएं अक्सर मेनोपॉज के दौरान करती हैं। ब्लैक कोहॉश को पीलिया, हेपेटाइटिस जैसी लिवर इंजरी से जोड़ा जाता है। इसके अधिक सेवन से लिवर संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। इस हर्बल सप्लीमेंट का दुष्प्रभाव 2 से 12 सप्ताह के बीच में दिखाई दे सकता है। लार्ज अमाउंट में ब्लैक कोहॉश का सेवन गैस्ट्रोइंटेंशनल इरिटेशन, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है।
हल्दी

हल्दी एक फेमस जड़ीबूटी है जो हल्दी की जड़ों से प्राप्त होती है। हल्दी कई वर्षों से आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट का हिस्सा है। हल्दी सूजन को नियंत्रित करने से लेकर, एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी, हार्ट हेल्थ और कैंसर में सुधार करने तक कई समस्याओं में काम आती है। हालांकि बड़ी मात्रा में हल्दी का सेवन करने से लिवर डैमेज और किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हल्दी के अधिक सेवन से हेपेटिक इंजरी और लिवर फेरियर भी हो सकता है। इसलिए इसका नियंत्रित मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है।
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रेड यीस्ट राइस
रेड यीस्ट राइस एक प्रकार का फरमेंटेड यीस्ट है जो मोनकोलिन परप्यूरियस से प्राप्त होता है। इसमें मोनकोलिन के होता है। रेड यीस्ट राइस को कई गंभीर हेल्थ कंडीशंस से जोड़ा गया है। इस सप्लीमेंट के अधिक सेवन से लिवर डिजीज होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा इसके अधिक सेवन से चक्कर, मितली और डायरिया जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं।
