खरबूजे का पका हुआ फल बलवर्धक, वीर्यवर्धक, वात-पित्त और कब्ज नाशक तो होता ही है, इसके कच्चे फल की सब्जी खाना भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया है। खरबूजा में शर्करा के अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, लोहा, कैलोरी, विटामिन ए, बी और सी भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर के पोषण के लिए बहुत जरूरी है। इसके नियमित सेवन से दूध पिलाने वाली माताओं का दूध भी बढ़ता है। यह मूत्र सह-प्रजनन संस्थान के रोगों में भी फायदेमंद है।
खरबूजे का औषधीय प्रयोग
बेचैनी –
खरबूजे की छाल निकालकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। फिर उस पर आवश्यकतानुसार शक्कर, इलायची चूर्ण आदि छिड़ककर खाने से गर्मी से उत्पन्न व्याकुलता दूर होती है। यह गर्मी में हितकारक है, परन्तु शीत प्रकृति वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
पथरी –
खरबूजे की जड़ को ठंडे पानी में अच्छी तरह पीसकर तथा छानकर प्रतिदिन सुबह एक सप्ताह तक पीने से पथरी रोग दूर हो जाता है।
हकलापन –
हकले व्यक्ति यदि खरबूजे के मौसम में इसे नियमित रूप से खाएं, तो उनकी हकलाहट में सुधार हो सकता है। साथ ही आवाज भी मधुर होती है।
पेटदर्द –
खरबूजे के छिलके को उतारकर उसे सुखा लें। फि र उसे जलाकर भस्म बनाएं। इस भस्म को मधु के साथ मिलाकर चाटने से पेट दर्द से छुटकारा मिलेगा।
थकान –
यदि थकान अधिक हो और शरीर में भारीपन हो, तो खरबूजा खाने से आराम मिलता है।
सांसों की दुर्गंध –
खरबूजा खाने से शरीर में पथरी की परेशान दूर होती है। यह शरीर में मिठास भी घोलता है, जिससे सांसों से आने वाली दुर्गंध दूर होती है।

खरबूजे से स्वास्थ्य लाभ
- खरबूजे के बीज को पीसकर घी में भूनकर अल्प मात्रा में सुबह-शाम खाने से उन्माद, तन्द्रा, चक्कर आना तथा आलस्य आदि समस्याओं में बहुत लाभ होता है।
- खरबूजे के साथ खरबूजे के बीज भी खाने चाहिए, क्योंकि बीज स्मरण शक्ति बढ़ाने व शरीर का पोषण करने में रामबाण दवा है।
- खरबूजा नियमित खाने से रक्तचाप, हृदय रोग आदि में भी लाभ होता है और पेट भी ठीक रहता है। यह आंतों को भी साफ रखता है।
- पीलिया, सूजन व एक्जिमा के रोगी भी खरबूजे का नियमित सेवन कर लाभ उठा सकते हैं।
- मिर्गी एवं पागलपन में भी खरबूजा एक सहायक औषधि से कम नहीं है।
- खरबूजे के बीज मस्तिष्क को शीतलता तो प्रदान करते ही हैं, बीजों में वसा, प्रोटीन जैसे पौष्टिक तत्व भी होते हैं।
- खरबूजा गर्मियों में शरीर को लू के प्रभाव से भी बचाता है, क्योंकि उसे खाने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है।
- खरबूजे की सब्जी पेट व स्वास्थ्य दोनों के लिये फायदेमंद है।
- विटामिन ‘ए’ व विटामिन ‘सी’ प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण यह एंटी ऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है जो कि हृदय रोग तथा कैंसर जैसी गंभीर बिमारियों को दूर करने में सहायक है।
- फाइबर की अधिकता होने के कारण यह कब्जियत दूर करने में सहायक है।
- इसमें पानी की अधिकता व कैलोरी की पर्याह्रश्वत मात्रा होती है साथ ही वसा एवं कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता जो मोटापा कम करने में सहायक है।
- यकृत के कार्य के लिए आवश्यक पाचक रस को बढ़ाने में मदद करता है।
- गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान कम करने में सहायक रहता है।
- यह जिगर की बीमारी को ठीक करता है। मूत्रवर्धक होने के कारण यह पेशाब के माध्यम से शरीर से उन अनावश्यक तत्वों को बाहर कर देता है, जिनकी शरीर को जरूरत नहीं है। यह शरीर के आन्तरिक अंगों की सफाई का सशक्त माध्यम है।
बीजों का प्रयोग
फलों के साथ-साथ खरबूजे के बीज भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। बीजों के भीतर की गिरी खाने में जायकेदार होती है। इसको बादाम व पिस्ते के स्थान पर प्रयोग किया जाता है। इन बीजों का प्रयोग गर्मियों में ठंडाई तैयार करने में किया जाता है। बीजों की गिरी पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और वसा खाद्य अम्ल पाए जाते हैं। इसके बीज स्मरण शक्तिवर्धक हैं। 5 ग्राम खरबूजे के बीज को पीसकर तथा उसमें मिश्री मिलाकर नियमित दूध के साथ सेवन करने से बुद्धि एवं शारीरिक शक्ति का विकास होता है। चक्कर आने की शिकायत हो, तो बीजों की गिरी का प्रयोग करने से लाभ मिलता है। इसके लिए खरबूजे के बीजों को पीसकर घी में भून लें। इसका 2-4 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से तंद्रा, चक्कर आना, आलस्य आदि विकार दूर हो जाते हैं।
(साभार – शशिकांत सदैव, साधना पथ)
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