माइग्रेन का दर्द हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता। न तो बातें करना और न ही टीवी देखना। बस मन करता है कि अंधेरे कमरे में आंखें बंद करके लेटे रहो, लेकिन दर्द फिर भी जाने का नाम नहीं लेता। सिरदर्द की गोलियां भी लेने से आराम नहीं मिलता। कुछ मिनट या घंटे की बेचैनी और दर्द के बाद माइग्रेन खुद ही चला जाता है, फिर से कभी भी वापस आने के लिए।

सिर पर हथौड़ी लगने सा महसूस होना, जी मिचलाना, उल्टी आना, सुन्न पड़ जाना, झुनझुनी के साथ ही रोशनी, आवाज और गंध का अच्छा न लगना माइग्रेन के लक्षण हैं। ये लक्षण एक साथ भी हो सकते हैं और इनमें से कुछेक या एक भी। अध्ययन बताते हैं कि माइग्रेन का दर्द दो घंटे से लेकर 72 घंटे तक सिर पर सवार रह सकता है। माइग्रेन के दर्द से जूझने वाले अमूमन यह सोचते हैं कि उन्हें ही माइग्रेन का अटैक क्यों आता है। इसका कोई विशेष कारण तो नहीं है लेकिन कुछेक कारण हैं, जिनकी वजह से माइग्रेन आपको अपना शिकार बना सकता है।

माइग्रेन का कारण

 

कई दफा माइग्रेन की शुरुआत तनाव की वजह से होती है। तनाव के बाद सिरदर्द और यह बहुत जल्दी ही माइग्रेन में तब्दील हो जाता है। कुछ लोगों को शराब के लगातार सेवन की वजह से भी माइग्रेन हो जाता है। रोजाना शराब पीने से सिर भारी रहता है, हल्कापन महसूस नहीं होता और अंतत: यह माइग्रेन में बदल जाता है। कई तरह की एलर्जी की वजह से भी माइग्रेन अपनी जड़ें फैला लेता है। विटामिन्स और मिनरल्स की कमी भी माइग्रेन का एक कारण हो सकता है। लेकिन सबसे बड़ा कारण जो वैज्ञानिकों को समझ आया है, वह है डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन।

डिहाइड्रेशन है एक बड़ा कारण

 

डिहाइड्रेशन का मतलब यह नहीं है कि आप भरपूर पानी नहीं पी रहे हैं। कई मामलों में देखा गया है कि व्यक्ति के लगातार पानी पीने के बाद भी वह डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है जब आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कम रहते हैं और आपका शरीर इलेक्ट्रोलाइट्स के तालमेल बिठाने के लिए अतिरिक्त पानी निकालता रहता है। इसे होमियोस्टैसिस कहा जाता है। यह भी माना जाता है कि माइग्रेन स्वयं ही डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। इलेक्ट्रोलाइट्स आपके शरीर में निहित वे मिनरल्स हैं, जिनमें पॉजिटिव इलेक्ट्रिकल चार्ज होता है। इनका काम शरीर की कुछ बड़ी प्रक्रियाओं का कार्यान्वन है। इसमें नर्वस फंक्शन, कार्डियोवस्कुलर सिस्टम और मसल फंक्शन की मदद और नियंत्रित करना शामिल है। इन सबका एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा मैग्नीशियम है, जो प्राकृतिक तौर पर एंटी- इंफ्लेमेट्री है। यह कहा जाता है कि माइग्रेन भी इंफ्लेमेट्री होता है।

नींबू और नमक का जादुई असर दूर करे माइग्रेन का दर्द

 

माइग्रेन का इलाज लोग ढूंढते रहते हैं लेकिन यह किसी के हाथ में नहीं आता। जबकि इस अनचाहे माइग्रेन के इलाज के लिए अधिक दूर जाने की जरूरत ही नहीं है, इसका इलाज हमारे किचन में है। बस आपको चाहिए पानी, नमक और नींबू। जी हां, इस जादुई ड्रिंक को बनाने के लिए आपको एक गिलास पानी, एक नींबू का रस और दो चमक नमक को घोलकर पीना होगा। कुछ मिनट बाद आप खुद ही पाएंगे कि माइग्रेन का दर्द गायब हो गया है। हां, यह जरूर है कि इस ड्रिंक के लिए नमक बेहतरीन क्वालिटी की होना चाहिए। गुलाबी हिमालयन समुद्री नमक इस लिहाज से बढ़िया है क्योंकि इसमें 80 विभिन्न तरह के मिनरल होते हैं, जिनमें मैग्नीशियम भी शामिल है। नमक में निहित मैग्नीशियम आपके सिर में होने वाले इंफ्लेमेट्री मार- धाड़ को रोकने में मदद करता है। दरअसल, नमक का सेवन शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ा देता है, जो दर्द और सूजन से फटाफट राहत पहुंचाता है।

 

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