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हरी मिर्च भले ही साइज में छोटी होती है। लेकिन इसके गुण काफी बड़े हैं। हरी मिर्च में विटामिन ए, बी6, सी और के मौजूद होते हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं।
Green Chilli Benefits: भारत के लोग चटपटे व्यंजन खाने के शौकीन हैं। यही कारण है कि खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए रोजमर्रा के भोजन के साथ ही सलाद और चाट में भी हरी मिर्च का भरपूर उपयोग होता है। कुल मिलाकर हरी मिर्च भारतीय भोजन का चटकारा और स्वाद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह तीखी हरी मिर्च आपके शरीर के कई रोग ठीक करने की ताकत भी रखती है।
साइज में छोटी, गुणों में बड़ी

हरी मिर्च भले ही साइज में छोटी होती है। लेकिन इसके गुण काफी बड़े हैं। हरी मिर्च में विटामिन ए, बी6, सी और के मौजूद होते हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं। इसी के साथ हरी मिर्च में कॉपर, आयरन, प्रोटीन, पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं। विटामिन सी शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह कोशिका क्षति के साथ ही विभिन्न बीमारियों से आपको सुरक्षित रखता है। इतना ही नहीं ये विटामिन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। जिससे कई संक्रमणों से बचाव होता है।
फ्री रेडिकल्स से बचाव
आयुर्वेद के अनुसार लाल मिर्च पाउडर से कहीं ज्यादा फायदेमंद होती है हरी मिर्च। वहीं देश विदेश में हुई कई रिसर्च भी इस बात का दावा करती हैं कि नियमित और सीमित मात्रा में हरी मिर्च का सेवन सेहतमंद हो सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च एंड रिव्यू में प्रकाशित एक शोध के अनुसार हरी मिर्च में कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मददगार हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छी
विभिन्न अध्ययन बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी नियमित डाइट में हरी मिर्च को जरूर शामिल करना चाहिए। हरी मिर्च में कैप्साइसिन नामक कंपाउंड होता है। इसी के कारण मिर्च में तीखापन होता है। यह रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। यही कारण है कि हरी मिर्च खाने से ब्लड प्रेशर कम होने में मदद मिलती है। इसी के साथ कैप्साइसिन ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मददगार है। ऐसे मेें डायबिटीज के मरीजों के लिए यह तीखी दवा जैसी है।
पाचन तंत्र की दोस्त है हरी मिर्च
सीमित मात्रा में खाई गई हरी मिर्च आपके पाचन तंत्र में सुधार करती है। इसके सेवन से गैस्ट्रिक जूस का उत्पादन बढ़ता है, जिससे पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है। हरी मिर्च खाने से लार ज्यादा बनती है, जिससे पाचन तंत्र में सुधार होता है। कई अध्ययन बताते हैं कि कैप्साइसिन के कारण कब्ज और सूजन की समस्या कम होती है।
मोटापा दूर करने में मददगार
हरी मिर्च आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है। जिससे मोटापा कम करने में मदद मिलती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार मिर्च में ऐसे कंपाउंड और पोषक तत्व होते हैं जो मोटापा दूर करने में मददगार होते हैं। साथ ही ये खून के थक्के बनाने में भी सहायक होते हैं। हरी मिर्च में फ्लेवोनोइड्स, कैरोटीनॉयड, कैप्साइसिन और फेनोलिक एसिड होते हैं। ये सभी फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं जो शरीर की सूजन को कम करते हैं।
थकान, सिरदर्द से राहत
आयुर्वेद के अनुसार हरी मिर्च में कैप्सेसिन नामक तत्व होता है। यह शरीर के तापमान को बैलेंस करता है। इससे सिरदर्द, थकान और अनिद्रा जैसी समस्याएं खत्म होती हैं। साथ ही इससे बॉडी डिटॉक्स होती है। इसमें मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण फंगल इंफेक्शन और सर्दी जुकाम जैसी परेशानियों को खत्म करता है।
