Frequent Urination Remedy: बार-बार पेशाब आना एमरजेंसी समस्याओं में एक है। कई लोग तो पेशाब का कंट्रोल ही नहीं कर पाते और टॉयलेट जाने के रास्ते में ही पेशाब निकल जाता है। कई लोगों का खांसते या छींकते समय भी पेशाब निकल जाता है। जिसकी वजह से उन्हें शर्मिंदगी का सामना तो करना ही पड़ता है, साथ ही तनाव भी रहता है। कई मामलों में यूरिनरी ट्रेक में दर्द-जलन की समस्या भी होती है।
क्या है कारण
बार-बार पेशाब आने की समस्या कई कारणों से होती है जैसे-यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन होना, डायबिटीज में अनकंट्रोल शूगर लेवल, प्रेगनेेंसी में गर्भस्थ शिशु के साइज बड़ा होने के कारण ब्लैडर में दवाब पड़ने से, किडनी स्टोन के कारण ब्लैडर में सूजन होना, यूरिन मार्ग यूरेथरा में जलन होना, ब्लैडर का ओवर एक्टिव होने के कारण यूरिन का प्रेशर बने रहना, यूरिनरी ब्लैडर में सूजन आने से छोटे-छोटे सिस्ट होना, पैल्विक फ्लोर मसल्स में कमजोरी आने के कारण पेशाब रोक न पाना, यूटराइन प्रोलैप्स होना यानी यूटरस या रैक्टम का बाहर आना, ब्लैडर कैंसर होना।
क्या करें

घरेलू उपायों से बार-बार पेशाब आने की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इनमें से कुछ उपाय इस प्रकार हैं-
मेथी दाना

डायबीटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। रात को कांच के गिलास में एक-दो चम्मच मेथी दाना को रात में भिगो दें। सुबह पानी छान कर पी लें। अगर आप इन्हें खा सके तो सुबह खा सकते हैं।
जायफल
जायफल को पीस कर पाउडर बना लें। एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में एक-दो बार सेवन करें।
अनार के छिलकों का पेस्ट
अनार के छिलकों में माइक्रो ऑर्गेनिज्म यानी यूरिनरी ट्रेक इंफेक्शन करने वाले ई-कोलाई बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। इसके लिए अनार के छिलकों को थोड़े-से पानी के साथ मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें। आधा कप पानी में अनार के छिलके के एक-दो चम्मच पेस्ट को मिलाएं। इस पानी का रोजाना सेवन करना फायदेमंद है। या फिर अनार के छिलकों को सुखा लें। मिक्सी में पीसकर चूर्ण बना लें। 5 ग्राम चूर्ण रोजाना पानी के साथ सेवन करें।
जीरा

जीरा में मौजूद एसेंशियल ऑयल यूटीआई संक्रमण को रोकने में मदद करता है। रात को एक छोटा चम्मच जीरा एक छोटे गिलास पानी में भिगो दें। सबह खाली पेट इस पानी का सेवन करना फायदेमंद है। या फिर एक चम्मच जीरा को 2 कप पानी में तब तक उबालें जब तक पानी आधा न हो जाए। थोड़ा ठंडा होने पर छान लें। एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।
क्रैनबेरी
यह यूरनरी ट्रेक के अंदर म्यूकस मेम्ब्रेन में मौजूद ई-कोलाई बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करता है जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या में राहत मिलती है। रोजाना कम से कम एक बार क्रैनबेरी जूस पीना फायदेमंद है।
अजवायन
एक छोटी चम्मच अजवायन में चुटकी भर नमक डालकर पानी के साथ कुछ दिनों तक नियमित सेवन करें।
तुलसी

औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी बार-बार पेशाब आने की समस्या को नियंत्रित करने मंे बहुत प्रभावी है। तुलसी के 2-3 पत्ते अच्छी तरह धो लें। इन्हें पीस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर रोजाना खाली पेट सेवन करें।
एप्पल साइडर वेनेगर
एक गिलास गुनगुने पानी में एक-एक छोटा चम्मच वेनेगर और शहद मिलाकर रोजाना पिएं। यह यूरिनरी ट्रेक में होने वाले कैंडिडा बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने और पेशाब की समस्या से राहत पहुंचाने में मदद करता है।
दही
प्रोबॉयोटिक गुणों से भरपूर दही ब्लैडर और यूरिनरी ट्रेक के बैक्टीरिया को समाप्त करता है। प्राइवेट पार्ट के पीएच बैलेंस को मेंटेंन रखता है जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या दूर हो सकती है।
गिलोय-नीम का काढ़ा

गिलोय और नीम की कुछ पत्तियों को साफ करके पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। तकरीबन आधा कप काढ़ा दिन में दो बार लें।
आंवला
एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों और विटामिन सी से भरपूर आंवला डायबिटीज को कंट्रोल करता है जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या में राहत मिलती है। आंवले को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसे एक चम्मच शहद में मिलाकर खाएं। या फिर रस को आप पके केले के साथ दिन में दो-तीन बार सेवन करें। आंवले को सुखाकर पीस लें। तैयार चूर्ण और गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करें। आप आचार, मुरब्बा, चटनी, जूस जैसी चीजों के माध्यम से आंवले का नियमित सेवन कर सकते हैं।
तिल
मिनरल्स से भरपूर तिल ब्लैडर के सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। तिल को गुड़ में मिलाकर दिन में दो-तीन बार सेवन करें। सर्दियों में तिल के लड्डू खाएं।
गुड़-चना

कुछ दिनों तक रोजाना गुड़-चना मिलाकर सेवन करना फायदेमंद है। लेकिन डायबिटीज में इसे अवायड करें।
विटामिन सी से भरपूर फल-सब्जियां
नियमित रूप से संतरा, मौसमी, कीवी, अनार, अंगूर, टमाटर, गाजर, ब्रोकली जैसे साइट्रस फल-सब्जियों का सेवन करने या जूस पीना पेशाब की समस्या को दूर करता है।
छुआरे-दूध
रात को सोते समय एक कप दूध में एक छुआरा उबाल कर पीने से बार-बार पेशाब आने की समस्या में आराम मिलता है।
इमली-शहद
एक कप पानी में इमली के 2 बीज डालकर अच्छी तरह उबालें। एक गिलास में पानी छान लें। एक छोटे चम्मच शहद मिलाकर गुनगुना पिएं।
(डॉ संजना शर्मा, आयुर्वेदाचार्य, संतुलन आयुर्वेदिक क्लीनिक, दिल्ली)
