देश में कोरोना के रिकवरी केस भले ही तेजी से बढ़ रहे हों, लेकिन इसका खौफ अभी भी लोगों की आंखों में साफ़-साफ़ दिखाई देता है। कोरोना के न्यूस्ट्रेन वायरस की वजह से लगभग 70 फीसदी पेशेंट को सांस से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। बात अगर बीते कुछ दिन पहले की करें, तो मंजर इतना ज्यादा खौफनाक था, किसी का भी दिल दहल जाए। अस्पतालों के बाहर तड़पते हुए मरीज, डॉक्टर से अपनों की जान के लिए गिड़गिड़ाते परिवारवाले ही नजर आ रहे थे। अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए लंबी कतारें लग रही थीं। स्वास्थ विभाग भी स्थितियों को संभालने की कोशिश में था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने सिस्टम से लेकर हर उस चीज को हिलाकर रख दिया जो बेहद भयानक है। कोरोना के इस स्ट्रेन ने सबसे ज्यादा लोगों के फेफड़ों में प्रहार किया है। ऐसे में जान तभी बच सकती है जब आपके फेफड़े मजबूत रहेंगे। इस समय अआप अपनी इम्युनिटी को बेहतर करने और फेफड़ों को मजबूत करने में ध्यान देंगे तो बेहतर होगा।

क्यों जरूरी है ब्रिदिंग एक्सरसाइज़– कोरोना के बिगड़ते हालातों में लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं। जिससे कई लोगों ने अपनी जान भी गंवा रहे हैं। लोगों में सांस लेने की तकलीफ तभी हुई जब लोगों में ऑक्सीजन के स्तर में कमी आने लगी। यही कोरोना का एक पमुख कारण है। जिससे जान तक जा सकती है। ये स्तर दो से तीन दिन में 80 से नीचे गिर जाता है। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन की सख्त जरूरत होती है। अगर इस दौरान ऑक्सीजन नहीं मिलती तो, स्थिति बेहद गम्भीर हो सकती है। अगर आप भी सांस लेने की किसी भी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको स्वामी रामदेव के बताये हुए व्यायाम को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करना होगा। आप ब्रिदिंग एक्सरसाइज़ कीजिये। जो आपके फेफड़ों को मजबूत करेंगे और कई तरह की गम्भीर बिमारियों से खुद को बचा सकते हैं।

रोज करें भस्त्रिका प्राणायाम– इस तरह के प्राणायाम को लगभग तीन तरीकों से किया जाता है। सबसे पहले तरीके में आपको लगभग पांच सेकंड तक सांस लेकर पांच सेकंड तक सांस छोड़नी होगी। दूसरे तरीके में लगभग ढाई सेकेंड में सांस लेकर ढाई सेकेंड में सांस छोड़नी होगी। फिर तीसरे तरीके में आपको तेजी से सांस लेनी और छोड़नी होगी। आप इस प्राणायाम को लगातार पांच से सात मिनट तक करें। इससे आपको हाई ब्लडप्रेशर, अस्थमा, दिल की बिमारी सहित साइनस  और फेफड़ों से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है।

अनुलोम विलोम है फायदेमंद– इस प्राणायाम को करने के लिए आप सबसे पहले आराम से बैठ जाएं और अपनी आंखों को बंद कर लें। अपने बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रख लें। फिर अपन दाहिने हाथ की सबसे छोटी वाली उंगली को बाएं नथुने पर और अपने अंगूठे को दाएं नथुने पर रखें। अप अपनी बाएं नाक के हिस्से से सांस लें, और सबसे छोटी उंगली से नाक को बंद कर लें। दाहिने नथुने से अंगूठे को तुरंत हटा दें और फिर से सांस लें। अब दाएं नाक के छेद से सांस लें और उसे अंगूठे से बंद के लें। आप ऐसा कम से कम पांच से दस बार करें। इस आसन से स्किन से जुड़ी सभी समस्याएं दूर रहती है। साथ फेफड़ों को भी साफ़ रखने में मदद मिलती है। अगर अप हर रोज ये प्राणायाम करेंगे तो डाईजेशन की समस्या भी नहीं रहेगी।

भ्रामरी प्राणायाम भी मददगार– इस प्राणायाम को करने के लिए आप सबसे पहले पद्मासन की स्थिति में बैठें। उसके बाद आप गहरी सांस लें। अपने दोनों हाथों की तीन उँगलियों को अपनी बंद आँखों के उपर रखें। साथ ही अंगूठे की मदद से कानों को बंद कर लें। फिर आप ॐ शब्द का जाप करें। इस प्रक्रिया को कम से कम पांच से पच्चीस बार दोहराएं। अगर आपने अपने दिनचर्या में इस आसन को करने की डाल ली तो आपका मन शांत रहेगा और तनाव भी आपसे कोसों दूर रहेगा।

आसान है कपालभाती-कपालभाती आपको जितनी मुश्किल लगती है यकीन मानिये ये उतनी भी मुश्किल नहीं है। इसे करने के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठें और अपनी आँखों को बंद कर लें। अब आप गहरी सांस अंदर की ओर खींचे और धीरे धीरे करके उसे छोड़ें। आप इस बात का भी ख्याल रखें हवा को जोर से छोड़ें और धीरे धीरे हिंद्र खींचे। आप इसे कम से कम 20 बार जरुर करें। इस आसन को करने से हाईपरटेंशन, अस्थमा, ब्लडप्रेशर, दिल से जुड़ी बिमारी से निजात मिलता है।

जरुर आजमाएं उज्जयी प्राणायाम-इसे करने के लिए आप गहरी सांस लें और आपसे जितनी देर हो सके उसे रोककर ही रखें। इसके बाद नाक के दाएं हिस्से को बंद करने बाएं हिस्से से सांस को बाहर की ओर छोड़ें। इस आसन को करने से फेफड़े हेल्दी रहते हैं। और उन तक साफ़ ऑक्सीजन पहुंचने में मदद मिलती है। इसके आलवा  फेफड़ों में ऑक्सीजन का स्तर भी सही रहता है। आप जब भी ये आसन करेंगे आपको अपना मन शांत लगेगा।

निरोगी रखे नाड़ी शुद्धि प्राणायाम– नाड़ी शुद्धि प्राणायाम अनुलोम विलोम की तरह ही होता है। लेकिन इस आसन को करने के लिए आपको अपनी सांस को थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ता है। फिर नाक से दाहिने हिस्से से हवा को बाहर की ओर छोड़ना होता है। इससे शरीर के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा कभी कम नहीं होती है। और फेफड़े भी स्वस्थ्य रहते हैं।

तो ये थे योग गुरु बाबा रामदेव के कुछ ऐसे आसान जिनके बारे में अपने कभी न कभी जरुर सुना होगा। कोरोना के बीच आप अपने फेफड़ों को बीमार होने से बचाना चाहते हैं, तो हमारे बताये हुए इन आसनों को अपनी दिनचर्या में जरुर शामिल करें।

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