होली के बाद तो त्योहारों की झड़ी लग जाती है और इसमें सबसे पहले आते हैं शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की भक्ति, पूजा और उपवास के दिन यानि नवरात्र। आज के माहौल में अधिकांश लोग विशेषकर लड़कियां और महिलाएं इन नौ दिनों के व्रत श्रद्धा के साथ-साथ अपना वजन कम करने के लिए भी रखने लगी हैं। शारीरिक मानसिक शुद्धि के साथ-साथ वजन घटाने का यह सबसे अच्छा अवसर होता है। परन्तु अक्सर देखने में यह आता है कि व्रत रखने के दौरान हम ज्यादा कैलोरी वाला भोजन कर लेते हैं। यदि आपको विश्वास नहीं तो निम्नांकित भोजन से प्राप्त कैलोरी पर जरा नजर डालें-

1. कुट्टू के आटे की दो पूरी – 250 कैलोरी

2. सामक की खीर ½ कटोरी – 150 कैलोरी

3. पनीर कोफ्ता के दो पीस – 300 कैलोरी

4. आलू की सब्जी 1 बाउल 190 कैलोरी

5. नमकीन साबूदाना 100 ग्राम – 250 कैलोरी

इस तरह पूरे 1165 कैलोरी हो जाती है जो सामान्यत: लोग एक समय व्रत के दौरान खाते हैं। इसके अलावा सबेरे चाय, जूस, दूध, फल, दोपहर में पकौड़ा, फ्रूट चाट आदि अलग से। अत: इस बार व्रत के दौरान ध्यान रखें कि जो आप खा रहे हैं वह लो कैलोरी वाला हो और स्वाद भी लगे व व्रत के दौरान भूखे भी न रह जायें।

डाइटीशियन शिल्पी जैन कहती हैं कि आपको अपना मनपसंद भोजन छोड़कर सलाद खाने के लिए नहीं कहा जा रहा है वरन उसमें थोड़ा बदलाव करके कम कैलोरी युक्त बनायें ताकि व्रत में वजन बढ़े नहीं। इसके लिए निम्नांकित बातों का ध्यान रखें-

1. वे लोग जो आठ या नौ दिन व्रत रखते हैं उनको थोड़े-थोड़े अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा कुछ खाते रहना चाहिये, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म न बिगड़े।

2. तले हुये भोजन से परहेज करें। उसकी जगह व्यंजन को रोस्ट करके खायें, जैसे- मूंगफली, मखाने, बादाम, मींग आदि को बिना तेल डाले भूनें। आलू चाट में आलू तले नहीं बल्कि उबले आलुओं की बनायें।

3. कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की पूरी बनाने की बजाये रोटी बनायें। अथवा उसमें लौकी डालकर बहुत कम तेल में नॉनस्टिक तवे पर परांठा सेकें। डीप फ्राईड भोजन से एसिडिटी हो जाती है।

4. बहुत ही कम तेल का प्रयोग करना हो तो कुट्टू की इडली या सामक चावल का डोसा बनायें।

5. यदि चिकनाई या वसा से बचना चाहती हैं तो आलू की सब्जी बनाते समय तेल या घी का प्रयोग न करें। बेहतर होगा कि इसे खूब पानी में बनायें। बाद में उसमें हरी चटनी मिलाई जा सकती है।

6. व्रत में मीठे का प्रयोग ज्यादा होता है। अत: मेवा लड्डू, बर्फी की जगह रामदाने के लड्डू खायें। मिठास के लिए चीनी की जगह प्राकृतिक मिठास वाली चीजें जैसे- किशमिश, खजूर, छुहारा और अंजीर का प्रयोग करें।

7. आलू को सप्ताह में दो बार से ज्यादा न खायें।

8. फुल क्रीम दूध की जगह टोंड मिल्क का प्रयोग करें।

9. पानी खूब पियें यानि दो-तीन लीटर पानी प्रतिदिन पियें ताकि शरीर से सारे टॉक्सिन बाहर निकल जायें।

10. नारियल पानी, लौकी कद्दू का सूप, हर्बल चाय आदि जरूर पियें।

11. चपाती बनाने के लिए राजगिरी का आटा ज्यादा उपयुक्त रहता है।

12. फलों से दोस्ती करें और ताजे फलों, सलाद और स्मूदी की तरह इनका प्रयोग करें। मौसमी फलों से आपको फाइबर के अलावा आयरन बी-6 आदि मिलता है जिससे मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है।

13. खीर बनानी हो तो भी टोंड मिल्क ही प्रयोग में लायें।

14. जो कुछ भी खायें कैलोरी पर अपनी नजर बनाये रखें।

15. उपरोक्त बातों के अलावा प्रतिदिन हल्का व्यायाम अवश्य करें।

16. कुकिंग मीडिया में घी मक्खन की जगह ऑलिव ऑयल, राईस ब्राउन ऑयल का ही प्रयोग करें।

उपरोक्त बातों पर ध्यान रखा जाये तो व्रत के दौरान वजन बढ़ेगा नहीं और आपका शरीर फिट रहेगा। 

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