सहजन, इसे कुछ लोग सूजना, मूनगा नाम से भी कहते हैं। इसका नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। गर्मी के मौसम में यह खूब मिलता है। इसकी सब्जी अपने यहां कुछ जगहों पर बनाई जाती है लेकिन सांबर तो इसके बिना बनता ही नहीं। यह तो सभी जानते हैं। लेकिन क्या आपने कभी इसके न्यूट्रिशन के बारे में जानने की कोशिश की है? यह एक ऐसी सब्जी है, जिसमें न सिर्फ हाई न्यूट्रिशन बेनेफिट्स हैं, बल्कि यह आपके लिए बहुत हेल्दी भी है।

सहजन के लाभ

सहजन में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, थियामिन, रिबोफ्लेविन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर, आयरन और प्रोटीन होता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम, जिंक, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी पाया जाता है। इसकी पत्तियों, फल, छाल और तेल में भी कई लाभ पाए जाते हैं। आज हम सब सहजन के अनेक फ़ायदों के बारे में जानते हैं-

लीवर के लिए बढ़िया

कई रिसर्च के अनुसार, मोरिंगा वह एक सब्जी है जो ऑक्सीडेशन और डैमेज से आपके लीवर की सुरक्षा करती है। इसलिए कहा जाता है कि जो लोग लीवर के रोग से ग्रस्त हैं या उम्रदराज बुजुर्ग लोगों को सहजन का सेवन जरूर करना चाहिए।

पेट से जुड़ी बीमारी में लाभकारी

कई फल और सब्जियां पाचन में मदद करते हैं लेकिन सहजन की पत्तियां कब्ज जैसी परेशानी को ठीक करती हैं। इसमें कई ऐसे एंटी- बैक्टीरियल और एंटी- बायोटिक कम्पाउंड होते हैं जो पैथोजेंस और इन्फेक्शन पैदा करने वाले जर्म्स के विकास को रोकते हैं। यही नहीं, इसमें व्याप्त फाइबर और विटामिन बी पाचन को सुधारता है और इससे जुड़ी अन्य परेशानियों को दूर करता है।

कैंसर से भी बचा सकता है

कई विशेषज्ञों की मानें तो, सहजन के चिकित्सकीय गुण कई तरह के कैंसर के विकास को रोकते हैं और ठीक भी करते हैं। इसमें नियाजिमिसिन नामक एक कम्पाउंड होता है, जो शरीर में कैंसर वाले सेल्स को विकसित होने से रोकता है।

हड्डियों के विकास में लाभदायक

यदि आप अपनी हड्डियों के लिए किसी प्राकृतिक सप्लीमेंट की तलाश में हैं तो सहजन उनमें से एक है। इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक जैसे मिनरल्स होते हैं, जो आपकी हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखते हैं, चाहे आपकी उम्र ही क्यों न बढ़ रही हो। इसमें अन्य कई एंटी- इन्फ्लेमेट्री गुण भी होते हैं, जो आर्थराइटिस को ठीक करने में मदद करते हैं।

ह्रदय को रखे स्वस्थ

सहजन की पत्तियों को खाने का एक अन्य लाभ यह है कि यह हमारे ह्रदय को स्वस्थ रखता है। इसमें पावरफुल एंटी- ऑक्सीडेंट और न्यूट्रिशन होते हैं, जो दिल के रोगों के जोखिम को कम करते हैं। इसलिए यदि आपको सुरक्षित ह्रदय चाहिए तो आप सहजन की पत्तियों का सेवन करना शुरू कर दें।

डायबीटिज रोगियों के लिए बहुत अच्छा

सहजन आपकी बॉडी में ब्लड ग्लूकोज लेवल को बैलेंस करता है। इस तरह से यह डायबीटिज रोगी के ठीक रहने में सहायक है। कई शोध बताते हैं कि जो डायबिटीक रोगी लगातार सहजन की पत्तियों या इसके सत्व का सेवन करते हैं, उनका हीमोग्लोबिन सुधरा हुआ रहता है, प्रोटीन कॉन्टेंट भी ठीक रहता है और ब्लड शुगर लेवल भी।

अस्थमा करे ठीक

कई शोध यह भी बताते हैं कि सहजन के सत्व के नियमित सेवन से अस्थमा अटैक की गंभीरता उन लोगों में कम हो जाती है, जिन्हें सांस संबंधी समस्या रहती है। कई शोध तो इसे जादुई इंडियन सुपर फूड तक कहने लगे हैं। यह ब्लड प्रेशर लवल, किडनी समस्या, आंखों के स्वास्थ्य, हेल्दी स्किन और अनीमिया जैसे में हमारी मदद करता है।

मोटापा कम करने में लाभदायक

मोटापा और शरीर की चर्बी कम करने में सहजन आपकी मदद कर सकता है। इसमें व्याप्त फॉस्फोरस बॉडी से एक्स्ट्रा कैलोरी को कम करता है। यह फैट को भी कम करता है और आपका मोटापा कम होता है। इसके लिए आपको इसकी पत्तियों का सेवन करना चाहिए। इसमें फाइबर खूब होता है, जो वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है।

स्किन को रखे इन्फेक्शन से दूर

सहजन में एंटी- बैक्टीरियल, एंटी- फंगल और एंटी- वायरल गुण होते हैं, ये आपकी स्किन को कई तरह के इन्फेक्शन से बचाते हैं। इसका सेवन आपकी स्किन को डिटॉक्सीफाई करता है। आपकी स्किन को हाइड्रेट करता है। इस सबके बाद आपकी स्किन इन्फेक्शन से दूर रहती है और ग्लो करती है।

बच्चों के लिए लाभदायक सहजन

सहजन में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो बच्चों के विकास के लिए जरूरी है। इससे उनके दांत और हड्डियां दोनों मजबूत बनते हैं। प्रेगनेंट महिलाओं को भी इसके सेवन से होने वाले बच्चों को कैल्शियम की पूर्ति होती है। इसमें व्याप्त आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस उनकी बॉडी को मजबूती देता है।

क्या सहजन के सेवन का कोई साइड इफेक्ट भी है

एक ओर जहां इसे इंडियन सुपर फूड कहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि इसका सेवन सही नहीं है। वे इसके सेवन को कुछ खास स्थितियों में सही नहीं मानते हैं। खासकर तब जब आप इसका सेवन सीमित मात्रा में नहीं करते हैं। कुछ का कहना है कि सहजन में कुछ एंटी- फर्टिलिटी गुण होते हैं, जो महिलाओं के लिए ठीक नहीं हैं। खास कर उन महिलाओं के लिए जो प्रेगनेंट होना चाहती हैं या होने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में सहजन के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से बात करना जरूरी है।

बाजार में मोरिंगा के सप्लीमेंट्स भी मौजूद हैं, जैसे पाउडर या टैबलेट। इनके सेवन से पहले लेबल को चेक करना चाहिए। उस प्रोडक्ट पर जितने डोज लिखे होते हैं, आपको उसका सेवन उसी हिसाब से करना चाहिए।

इसके अलावा, कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि सहजन में कुछ ऐसे गुण होते हैं, जो थायरॉयड, लीवर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को ठीक करने वाले दवाइयों के साथ इंटरफेयर करते हैं। इसलिए अगर आपको इनमें से कोई बीमारी है तो सहजन के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

यह भी पढ़ें-

स्वास्थ्य संबंधी यह लेख आपको कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। प्रतिक्रियाओं के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव व लेख भी हमें ई-मेल करें- editor@grehlakshmi.com