Healthy Teeth Tips: दांतों का साफ और मजबूत रहना अत्यंत आवश्यक है। दांत साफ न रहने पर मुंह से दुर्गंध आने लगती है। नतीजन दांतों में कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है। खाना खाने के बाद अगर मुंह और दांत को अच्छे तरीके से साफ नहीं किया गया तो दांतों के ऊपर एक चिपचिपी परत जमने लगती है, जिससे जीवाणु उत्पन्न हो जाते हैं और ये जीवाणु दांतों के बीच में अटके भोजन के कणों में प्रोटीन पर जीवित रहते हैं। इससे मसूड़े ढीले पड़ जाते हैं और खून बहने लगता है और बाद में यही दांत कमजोर होकर हिलने लगते हैं। ऐसे में दांतों की मजबूती के लिए अपनाएं ये Dental care tips जो आपके लिए बहुत कारगर साबित हो सकती हैं।
मसूड़ों की मालिश

सुबह—सवेरे दांतों की सफाई के अलावा दोपहर को खाना खाने के बाद और रात को भी भोजन करने के बाद ब्रश जरुर करें। दांतों की स्वच्छता के अलावा मसूड़ों की मालिश भी करनी चाहिए। इससे दांतों के साथ-साथ मसूड़े भी मज़बूत रहते हैं। सरसों के शुद्ध तेल में बारीक छना हुआ नमक मिलाकर उंगली से मसूड़ों और दांतों पर मालिश करें। दांत साफ व मजबूत बने रहेंगे। मसूड़े भी मजबूत हो जाएंगे।
दांतों की सफाई के लिए नीम की दातुन बेहद फायदेमंद साबित होती है। दातुन नीम की पकी हुई टहनी की होनी चाहिए। दातुन को बनाने के लिए दांतों के नीचे अच्छी तरह से दबा लें और फिर घुमा-घुमा कर मुलायम व महीन कूची बनाना बेहद लाभदायक है। नीम से बनी दातुन दांतों के बीच जमी मैल के साथ-साथ कीड़ों का भी खात्मा कर देता है।
बबूल का दातुन

बबूल का दातुन दांतों को मजबूती प्रदान करता है। दांतों की सुरक्षा के लिए पान, तंबाकू, खैनी, धूम्रपान और मदिरा से परहेज रखना प्रत्येक दशा में अनिवार्य है। ऐसा न करने पर दांत भूरे और काले पड़ने लगते हैं। धूम्रपान करने से अन्य घातक रोगों का प्रकोप होने के अतिरिक्त होठ व मसूड़ों का भी रंग बदलने लगता है। दांत साफ करने के लिए अलग-अलग प्रकार के दंत मंजनों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
फलों को दांतों से काटकर खाएं

अमरूद, नाशपती व सेब जैसे कड़े फलों को भी दांत से काट कर, चबाकर खाने से दांत मजबूत होते हैं। नींबू का रस प्रयोग करने के पश्चात इसके छिलके के भीतरी भाग में थोड़ा सा बारीक नमक छिड़क कर दांतों पर मलें। इससे आपके दांत सफेद होकर चमचमाने लगेंगे। इसके अलावा आंवला दांत से काट कर खायें। इससे दांत मजबूत और साफ रहते हैं। दांतों में लगे कीड़े भी खत्म हो जाते हैं।
तुलसी की पत्तियां

तुलसी की पत्तियों को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें और इसी पाउडर से नित्य मंजन करें। इससे मसूड़ें व दांत मज़बूत हो जाएंगे। दांत के दर्द और पायरिया में भी राहत मिलेगी। नींबू के छिलके धूप में सुखा लें। खूब करकरा हो जाने पर इन्हें बारीक कूटकर छान लें तथा शीशी में रखकर बंद कर लें। इस पाउडर में जरा सा नमक मिलाकर मंजन करें ताकि आपके दांत चमक सकें।
अनार के छिलके

अनार के छिलके को सुखाकर और उसे पीसकर उसका पाउडर बना लें। इस पाउडर को एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह-शाम गरारे करने से सांस की बदबू दूर हो जाएगी।
जायफल, लौंग व छोटी इलायची के दाने चार-चार ग्राम लेकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिला लें। दिन में दो से तीन बार एक-एक गोली चूसते रहें। मुंह की दुर्गंध चली जाएगी।
आधा गिलास गुनगुने पानी में चाय के चम्मच जितना अदरक का रस मिलाकर कुल्ला करने से भी मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
नींबू पानी

नींबू का पानी पीते रहने या इससे कुल्ला करने से मुंह में लार बनी रहती है, जिससे दांतों पर बैक्टीरिया नहीं लगते। मुंह की दुर्गंध समाप्त हो जाती है। साथ ही, दांतों की सफाई भी हो जाती है।
दांत-मसूड़ों के दर्द से राहत
सामग्री
नीला थोथा- 10 ग्राम
सफेद कत्था- 10 ग्राम
विधि
दोनों को अलग-अलग तवे पर भून कर जला लें, समान वजन में मिला कर पीस लें और शीशी में भर कर रखें लें।
सेवन, विधि एंव लाभ
इस चूर्ण को दिन में 2 से 3 बार उंगली की मदद से मसूड़ों पर लगाना चाहिए। मसूड़ों पर इसे लगाते समय मुंह को नीचे की तरफ रखें और लार टपकने दें। ध्यान रखें कि लार पेट में ना जाए।
साफ पानी से कुल्ला करके मुंह साफ कर लें। इसके प्रयोग से मसूढ़ों की सूजन, मसूढ़ों की सड़न व पीलापन, दर्द, मुंह की दुर्गंध आदि सभी समस्या ठीक हो जाती है। मसूड़ें मजबूत और सख्त होते हैं, जिससे दांत भी मजबूत होते हैं। जिनके मुंह से दुर्गंध आती हो और मसूड़ें खराब हों उन्हें इस चूर्ण का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
दांत का हिलना

- सेंधा नमक और राई के तेल को दांतों पर सुबह एंव रात के भोजन के बाद मलने से दांत का हिलना रूक जाता है।
- 10 ग्राम लौंग और 1 ग्राम सेंधा नमक को पीसकर दांतों पर मलने से दांत का हिलना रूक जाता है
- तुलसी और चमेली के पत्तों को चबाने से दांतों को आराम मिलता है।
- पीपल की छाल का चूर्ण बनाकर दांतों पर मलें। बाद में गर्म एंव ठंडे पानी से बार-बार कुल्ले करने से दांत का हिलना रूकता है।
