देश में कोरोना को लेकर मची दहशत के बीच गुरूवार रात 8 बजे पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम दिए गए सम्बोधन में आगामी रविवार यानि कि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही है, ऐसे में जनता कर्फ्यू को लेकर लोगों में जिगासा बढ़ गई है। भारत में जनता कर्फ्यू जैसा प्रयोग पहली बार किया जा रहा है, ऐसे में इसे लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं हैं, अगर आप कुछ ऐसी ही दुविधा में हैं, तो चलिए आपकी ये दुविधा दूर करते हैं। इस आर्टीकल में हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि आखिर जनता कर्फ्यू है क्या और इसकी आवश्यकता क्यों है। 

आखिर क्या है जनता कर्फ्यू

वैसे तो आम नागरिक के तौर आप कर्फ्यू से तो परिचित होंगे ही कि लेकिन आपको बता दें कि कर्फ्यू और जनता कर्फ्यू बड़ा अंतर है। दरअसल, आमतौर पर देश में दंगों या हिंसा की स्थिति में राज्य या स्थानीय शाषन प्रशाषन ईकाई द्वारा शांति व्यवस्था कायम बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया जाता है, जिसमें पुलिस और प्रशासन के लोगों को छोड़कर बाकि लोगों को घरों में बंद होने का आदेश रहता है और ऐसा न करने पर सजा का प्रावधान होता है। 
वहीं जनता कर्फ्यू ,जनता द्वारा जनता पर खुद लगाया गया एक प्रतिबंध है, यानि कि इसमें पुलिस या सुरक्षाबलों की तरफ से कोई भी पाबंदी नहीं लगाई जा रही है, बल्कि कोरोने से बचाव के लिए लोगों को घरों में रहने की अपील की गई है। साथ ही ये भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग आवश्यक सेवाओं में हैं वो घर से काम के लिए निकल सकते हैं। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बहाल रहेगा।

क्यों पड़ी जनता कर्फ्यू की आवश्कयता

अब ये समझना भी जरूरी है कि आखिर जनता कर्फ्यू की आवश्कयता क्यों पड़ी तो आपको बता दें कि भारत में कोरोना अब दूसरे स्टेज पर पहुंच चुका है, जहां अब तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या 200 के आकड़ों को पार कर चुकी है तो वहीं मरने वालों की संख्या 5 हो चुकी है। ऐसे में अगर अभी स्थिति को सम्भाला नहीं गया तो यह तीसरे स्टेज यानी कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में चला जाएगा, तब स्थिति और भयावह हो जाएगी। देश-दुनिया के तमाम मेडिकल विशेषज्ञ बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में भारत कोरोना का अगला प्रमुख केंद्र बन सकता है। ऐसे में इस सारी परिस्थितियों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा जनता कर्फ्यू की कवायद की जा रही है। 

जनता कर्फ्यू के दौरान क्या करना है आपको

जैसा कि हमने पहले ही बताया कि स्वास्थ्य और आवश्यक लोक सेवाओं में कार्यरत लोगों के अलावा बाकी आम नागरिकों को 22 मार्च के दिन सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक पर अपने घर में ही रहने की गुजारिश है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने लोगों से ये भी अपील की है कि इस दिन शाम 5 बजे अपने घरों के दरवाजे, बालकनी या खिड़कियों पर खड़े होकर उन लोगों का आभार व्यक्त करें, जो अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में लगे हुए हैं।