एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 6-8 घंटे की नींद जरूरी है लेकिन लाखों लोग आज ऐसे हैं जिन्हें तमाम कोशिशों के बावजूद भी नींद नहीं आती। आती भी है तो आधी अधूरी। ऐसे में बेहतर नींद के लिए आसन एक तरीका हो सकता है जिसका मन और शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ता।
 
बालासन या शिथिलासन
 
बच्चे जिस तरह से सोते हैं उसी स्थिति में आसन लगाया जाता है। यह विश्राम का सबसे बढ़िया तरीका है। थकान ;कब्ज ;पेट में भारीपन ;सिर दर्द ;कम नींद और गैस की समस्या में यह आसन सबसे बेहतर है। सबसे पहले चटाई बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को आगे की ओर रखें। हथेलियों पर माथा रखें फिर बाएं करवट लेकर दाहिने हाथ को आगे की तरफ बढ़ाएं। बाएं हाथ को सीधा कर ले। दाहिना पैर सीधा रखें लेकिन बाएं पैर को घुटने तक मोड़ ले। गहरी सांस लें। जैसे बच्चे सोते वक्त लेते हैं। धीरे-धीरे सांस बाहर निकाल दें। धीरे-धीरे नींद आने लगे तो सो जाएं।
 
शवासन
 
यह आसन करने से शरीर तनावमुक्त होता है। चटाई या बिस्तर पर कमर के बल लेट जाएं। हाथ कमर के पास रखें। पैरों को आपस में मिलने ना दे। कम से कम 1 फुट की दूरी पर रखें। गर्दन को दाहिने या बाएं की ओर झुका कर मुख को ऊपर की ओर रखें। शरीर की एक-एक अंग की हरकत महसूस करें। श्वास को बराबर क्रम में रखें। इस स्थिति में कितनी भी देर तक रहा जा सकता है। मगर इस दौरान शरीर के किसी भी अंग पर तनाव ना रहे। मन में किसी तरह का विचार ना आने दें और किसी से बातचीत ना करें। 
 
मकरासन
 
चटाई बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। पैरों को सीधा रखें। पैरों की एड़ियों को आपस में मिलाकर रखें और पंजे खुले रखे। पहले लंबी सांस लें फिर धीरे-धीरे बाहर निकाल दें। इस मुद्रा में 10 से 15 मिनट तक करें। यह आसन भारीपन और उत्तेजना को खत्म करता है तथा में नींद लाने में सहायता करता है। 
 
श्वासदर्शन
 
सुखासन में पालथी लगाकर बैठते हैं। इस मुद्रा में बैठकर अंतर्मुखी होने का प्रयास करें। श्वास की गति पर ध्यान दें। सर्वप्रथम श्वास लेते समय ओम का उच्चारण या हम्म का स्वर बोलें। जितना देर सांस अंदर तक रख सकें रखे रहें फिर ओम का उच्चारण करते हुए सांस को बाहर छोड़ दें। ऐसा 5 बार करें। इस आसन को करने से नींद अच्छी आती है। थकान दूर होती है। ध्यान लगने लगता है और मन एकाग्र होने लगता है।