Famous Food Places: पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक भारत की हर गली और घर में ऐसे व्यंजन हैं जो मुंह में पानी ला दें। इस लेख में जानिए 15 सबसे पॉपुलर और स्वाद से भरपूर लोकल रेसिपीज के बारे में जो न सिर्फ पेट भरेंगी बल्कि दिल को भी खुश कर देंगी।
भारत का खानपान उसकी सांस्कृतिक विविधता का सबसे स्वादिष्ट उदाहरण है। उत्तर भारत की मसालेदार थाली, दक्षिण भारत का फारमेंटेड खाना, पूर्वी भारत की हल्की मसालों वाली थाली और पश्चिमी भारत का तीखा और तड़केदार खाने तक, हर क्षेत्र की अपनी अनोखी पहचान है। यहां का हर राज्य अपनी पारंपरिक रेसिपीज के जरिए न सिर्फ स्वाद बल्कि इतिहास और विरासत भी परोसता है। आज की युवा पीढ़ी जहां एक ओर नए लेवर और विदेशी व्यंजनों की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं भारत के देसी व्यंजन अब भी हर किसी की थाली का दिल बने हुए हैं।
खासकर जब बात हो पूर्व और पश्चिम भारत की लोकप्रिय लोकल डिशेज की, तो ये न केवल स्वादिष्ट होती हैं बल्कि पोषण से भी भरपूर होती हैं। इस लेख में हम आपको ले चलेंगे एक स्वाद भरी यात्रा पर, जहां आप जानेंगे देश की मशहूर लोकल रेसिपीज के बारे में जो आपने या तो बचपन में चखी होंगी या कभी न भूले होंगे। ये व्यंजन भारत की मिट्टी से जुड़े हैं और हर निवाले में आपको घर जैसी गर्माहट का अहसास कराएंगे।
उत्तर भारत की मशहूर डिशेज-मसालों का शाही स्वाद
दिल्ली का बटर चिकन
पूरी दुनिया में मशहूर यह डिश दिल्ली की शान है। मलाईदार ग्रेवी, मसालों की खुशबू और रोटी के साथ इसका स्वाद हर टूरिस्ट को याद रह जाता है।
कश्मीरी रोगन जोश
कश्मीर की ठंडी वादियों में बना यह मटन करी व्यंजन एक शाही स्वाद का अनुभव देता है। यह डिश मुगलई और कश्मीरी तड़के का बेहतरीन मिश्रण है।
अवधी बिरयानी, लखनऊ
लखनऊ का नवाबी स्वाद लिए यह बिरयानी खुशबू, मसाले और नजाकत का अनोखा मेल है। इसे खाने के बाद टूरिस्ट इसकी तारीफ करना नहीं भूलते।
पंजाबी छोले भटूरे
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में आपको हर नुक्कड़ पर यह डिश मिल जाएगी। लेकिन असली स्वाद पुराने दिल्ली या अमृतसर की गलियों में मिलता है।
दक्षिण भारत की मशहूर डिशेज-स्वाद में हल्का, सेहत में भारी

हैदराबादी बिरयानी
टूरिस्ट्स के बीच सबसे लोकप्रिय डिश- खुशबूदार चावल, मसालेदार मटन या चिकन और उसमें बसा नजाकत का स्वाद इसे खास बनाता है।
दक्षिण भारत का डोसा और सांभर
चेन्नई, बेंगलुरु या कोच्चि में जब कोई टूरिस्ट आता है, तो सबसे पहले वह डोसा, इडली और सांभर ट्राई करना चाहता है। यह नाश्ता हल्का और स्वादिष्ट होता है।
कोझिकोड का मलाबारी फिश करी
केरल का यह सीफूड व्यंजन विदेशी पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। नारियल के दूध में
बना फिश करी और चावल इसका क्लासिक कॉ बो है।
मेड़ू वड़ा और फिल्टर कॉफी
अगर आप दक्षिण भारत घूमने जाएं और सुबह की शुरुआत मेड़ू वड़ा व फिल्टर
कॉफी से न करें, तो यात्रा अधूरी मानी जाएगी।
पूर्वी भारत की मशहूर डिशेज-मिठास और परंपरा का मेल
बंगाल का माछेर झोल
कोलकाता की गलियों में बसी यह मछली की डिश चावल के साथ मिलकर बंगाल
की आत्मा बन चुकी है। टूरिस्ट इसकी सिंपल लेकिन स्पाइसी ग्रेवी को पसंद करते हैं।
रसगुल्ला और मिष्टी दोई
बंगाल की मिठाइयों का कोई मुकाबला नहीं। रसगुल्ला और मिष्टी दोई को टेस्ट
किए बिना कोई भी विदेशी या देसी टूरिस्ट वापस नहीं जाता।
सिक्किम का मोमो
तिब्बती स्वाद से प्रभावित मोमो आज पूरे भारत में पसंद किया जाता है, लेकिन असली
स्वाद सिक्किम और दार्जलिंग की सड़कों पर मिलता है।
ओड़िशा का दही बड़ा आलू दम
ओड़िशा का यह खास नाश्ता चटपटे स्वाद और नरम दही बड़े की वजह से टूरिस्ट्स
का फेवरिट बन चुका है।
पश्चिम भारत की मशहूर डिशेज-रंग, स्वाद और स्टाइल का तड़का
राजस्थान का दाल-बाटी-चूरमा रेत के रंग में बसा राजस्थान अपने तीखे मसालों के लिए मशहूर है। दाल-बाटी-चूरमा हर टूरिस्ट की बकेट लिस्ट में शामिल होता है।
मुंबई की वड़ा पाव और पाव भाजी
स्ट्रीट फूड का बाप कहा जाए तो गलत नहीं होगा। मुंबई आने वाला हर टूरिस्ट एक बार
वड़ा पाव और पाव भाजी जरूर चखता है।
गुजरात का खाखरा, थेपला और ढोकला
हल्के और हेल्दी स्नैक्स की चाह रखने वाले टूरिस्ट्स के लिए गुजरात स्वर्ग है। खट्टी-मीठी
चटनी के साथ ढोकला एकदम परफेक्ट लगता है।
गोवा की प्रॉन करी और बेबिंका
गोवा में घूमने वाला हर विदेशी टूरिस्ट सीफूड के साथ प्रॉन करी जरूर ट्राई करता
है। मिठाई में ‘बेबिंका’ बेहद मशहूर है।
पहाड़ी खाना
भारत के उत्तर में बसे शांत, सुर य पहाड़-उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश- न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि यहां की रसोई भी उतनी ही समृद्ध और खास है।
गढ़वाल की पारंपरिक रेसिपी
चैंसू
यह डिश भुनी हुई उड़द या काली मसूर की दाल से बनाई जाती है।
फाणु
यह भी दाल से बनने वाली एक पारंपरिक डिश है, खासकर गहत (कुलथ),
चना या अरहर की दाल से।
गैन्थ के परांठे
गैन्थ एक जंगली पत्तेदार सब्जी होती है जिसे हल्का उबालकर, मसालों के साथ
भरकर परांठा बनाया जाता है।
कुमाऊं की पारंपरिक रेसिपी

भट्ट की चुरकानी
भट्ट (काली सोयाबीन) को भूनकर दही और मसालों के
साथ बनाई जाती है।
आलू के गुटके
सरसों के तेल में जाखिया के तड़के के साथ बने
आलू के छोटे टुकड़े।
बड़े (मडुवे के पराठे के साथ)
किसी भी कुमाऊंनी भोज का अभिन्न हिस्सा। उड़द की दाल से बने इन वड़ों को मडुए के
पराठे और घर के बने घी के साथ खाया जाता है।
“अमृतसरी कुलचा, बटर गाॢलक नान, मुर्ग मखनी और हैदराबादी बिरयानी, भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद होती है।”
