googlenews
आटा चक्की मशीन

Difficult Kitchen Appliances: किचन वर्ल्ड में आजकल कई ऐसे किचन एप्लाइंसेज शामिल हैं जोकि नए फीचर्स और तकनीकी के होने के साथ किचन के काम को आसान बना देते हैं, जैसे- फूड प्रॉसेसर, डिश वॉशर, इलेक्ट्रिक तंदूर, आटा चक्की मशीन और रोटी मेकर आदि। ऐसे एप्लाइंसेज हैं जो यूजर फ्रेंडली होने के साथ हमारे काम को भी आसान बनाते हैं। लेकिन अक्सर यह एप्लाइंसेज किचन में सजे रह जाते हैं। इसकी वजह है आज भी अधिकतर लोगों को उन एप्लाइंसेज के इस्तेमाल का सही तरीका नहीं पता है। हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे डिफिकल्ट एप्लाइंसेज का इस्तेमाल सही ढंग से कैसे करना चाहिए, ताकि आपको सही परिणाम प्राप्त हो सकें।

रोटी मेकर

आजकल बाजार में विभिन्न ब्रांड के रोटी मेकर उपलब्ध हैं और यह देखने में भी काफी आसान लगता है। लोग इसे बड़े शौक से खरीदते भी हैं लेकिन दो-तीन दिन में वापस पैक कर के रख देते हैं। क्योंकि इसका लोग सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। इसे भी चलाने का कुछ तरीका है। रोटी मेकर को पहले अच्छे से गर्म होने दें और उस पर दिए गए इंडिकेटर का भी ध्यान रखें। इसमें एक कारण से रोटी और नहीं बन पाती है, वो है आटे का सही ढंग से गूंदा न होना। अधिकतर लोगों को नहीं पता होता है कि इसमें रोटी बनाने के लिए आटा गीला गूंदा होना चाहिए। इसमें तभी रोटी अच्छी बनती है। रोटी के अलावा इसमें पापड़ और परांठा भी बहुत अच्छा बनता है। परांठा पर ऑयल लगाने के लिए ब्रश या वुडेन स्टीक का इस्तेमाल करें।

इलेक्ट्रिक तंदूर

इलेक्ट्रिक तंदूर आजकल काफी चलन में है, लेकिन अक्सर इसे भी लोग सही ढंग से नहीं चला पाते हैं। माइक्रोवेव में बनाने वाले कई व्यंजन इस छोटे से इलेक्ट्रिक तंदूर में आसानी से बनाए जा सकते हैं। माइक्रोवेव की तरह इसमें कई फीचर्स नहीं होते हैं। लेकिन फिर भी वह काम वैसा ही करता है। अधिकतर इलेक्ट्रिक तंदूर में ग्रिल, बेक और वॉर्म जैसे फंक्शनस के लिए अलग सैटिंग ऑप्शन नहीं होती हैं। इसमें टाइम सेटिंग और अपर व लोअर वॉर्म जैसे फंक्शन होते हैं। तंदूर को अपनी आवश्यकता के अनुरूप गर्म और टाइम सेट करना पड़ता है। कम फीचर्स की वजह से इसे लोगों को चलाने में दिक्कत होती है। इसे सही ढंग से चलाना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है.

1. अगर आपको पनीर टिक्का बनाना है तो उसे स्कयूर्स में लगाकर ब्रश से ऑयलिंग कर दें। ग्रिल करने के पहले तंदूर को अपर व लोअर हीट में 5 मिनट के लिए गर्म कर लें। इसके बाद उसे अपर हीट में पकाएं ताकि नीचे से जले नहीं। बीच-बीच में उसे घुमाते रहें।

2. तंदूरी चिकन बनाने के लिए आप अपर और लोअर दोनों हीट ऑप्शन का इस्तेमाल करें। लेकिन चिकन जले न इसलिए उसे सिल्वर फॉयल पर लपेट कर पकाएं।

3. केक बनाते समय उसे ऊपर से सिल्वर फॉयल से कवर करके बेक करें। इसी तरह तंदूरी रोटी बनाने के लिए केवल अपर हीट ऑप्शन का इस्तेमाल करें और इसे चेक करते रहें।

ध्यान रखें कि इलेक्ट्रिक तंदूर में एल्यूमिनियम के बर्तन का ही इस्तेमाल करें।

डिश वॉशर

डिश वॉशर तभी अधिकतर घरों में नहीं है। इसकी दो मुख्य वजह है पहला तो इसका महंगा होना और दूसरा लोग यूजर फ्रेंडली नहीं हैं। यह नॉर्मल बर्तन को धोने की अपेक्षा झंझटी लगता है। लेकिन इसका सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो यह काफी टाइम सेविंग किचन एप्लाइंसेज है। यह वर्किंग लोगों के लिए खास है। यह इस्तेमाल में आसान है। इसमें प्लेट, बाउल और ग्लासेज आदि के लिए अलग रैक्स दिए गए होते हैं। उनमें बस आपको प्लेट, कटोरी, ग्लास व कुकर आदि बर्तनों को दिए गए स्थान में लगाना होता है। इसमें कई तरह के प्रोग्राम सैटिंग और टाइम ऑप्शन होते हैं। जिसे अपनी आवश्यकता के अनुरूप सैटिंग कर सकते हैं। इनमें मौजूद अडजैस्टेबल टॉप बासकेट और फोल्डेबल प्लेट रैक्स का भी अपनी जरूरत के अनुरूप एडजेस्ट कर सकते हैं। यह फ्रंट लोडिंग होता है, इसलिए चलाने में भी काफी मुश्किल है।

माइक्रोवेव

माइक्रोवेव आजकल आपको लगभग हर भारतीय रसोई में देखने को मिलेगा लेकिन अधिकतर लोग इसका इस्तेमाल खाना गर्म करने के लिए करते हैं। सबसे पहली बात, माइक्रोवेव भी कई प्रकार के होते हैं लेकिन अक्सर लोगों को पता नहीं होता है। जिसकी वजह से बाद में उनकी सभी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती है। माइक्रोवेव में भी सोलो माइक्रोवेव, बेसिक माइक्रोवेव, माइक्रोवेव विद ग्रिल और माइक्रोवेव विद ओटीजी कई तरह ऑप्शन उपलब्ध होते हैं। इसका चुनाव लोगों को अपनी जरूरत के अनुरूप करना चाहिए। हमारी भारतीय रसोई के लिए कन्वेक्शन माइक्रोवेव ओवन ज्यादा प्रभावकारी होता है। इसमें हमारी सभी जरूरतें पूरी हो सकती हैं। इसमें बेकिंग, टोस्टिंग, ग्रिलिंग और रीहिटिंग के लिए अलग-अलग फंक्शन होते हैं। अगर आप फंक्शन, टाइम और टेम्परेचर सेटिंग का सही इस्तेमाल समझ जाएं तो इसमें आपके लिए खाना बनाना सबसे आसान रहेगा। सबसे बड़ी बात समय की बचत होगी।

आपको केक, कुकिंग या बिस्कुट बनाना है, तो बेक मोड का इस्तेमाल करें। पिज्जा, सैंडविच या स्टफ्ड पॉकेट आदि बनाने के लिए टोस्टिंग मोड का इस्तेमाल करें। 

इसी तरह कवाब और टिक्का आदि बनाने के लिए आप ग्रिलिंग मोड का इस्तेमाल करें। इसके लिए बेकिंग ट्रे और स्कयूर्स का प्रयोग करें। 

माइक्रोवेव में इसके अलावा कुछ और भी खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, तभी सही परिणाम मिलेगा। कुछ भी बेक, ग्रिल या टोस्टिंग से पहले माइक्रोवेव को उचित तापमान में प्री हीट करें। अक्सर लोग प्री-हीट नहीं करते हैं। इसी तरह खाना पक जाने और पॉवर ऑफ करने के बाद उसे तुरंत माइक्रोवेव से ना निकालें। खाने को अंदर के तापमान में 5 मिनट के लिए रहने दें फिर निकालें। इसके अलावा माइक्रोवेव में पानी अंडा बॉयल या समूचे अंडे को हाफ फ्राई बनाने से बचे।

इसमें हमेशा माइक्रोवेव सेफ बर्तन का इस्तेमाल करें।

फूड प्रॉसेसर

भारतीय रसोई में फूड प्रॉसेसर ने अपना एक अलग ही स्थान बना लिया है। सिर्फ स्थान ही बना लिया है क्योंकि अधिकतर लोग इसका सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और वो सिर्फ सजा ही रह जाता है। फूड प्रॉसेस में मिक्सर, ग्राइंडर, जूसर, चॉपर, स्लाइसर, कटर, डोह मेकर और डाइसर आदि फंक्शन उपलब्ध होते हैं। यानी मल्टी फंक्शन फूड प्रॉसेस हमारे काम को आसान बना देता है। मल्टी फंक्शन होने की वजह से कुछ ब्रांड के मॉडल्स में एक बार में 2 मोटर चलते हैं। यानी एक बार में आप ग्राइंडिंग और चॉपिंग आदि दोनों कर सकते हैं। इस तरह के मॉडल वाले फूड प्रॉसेसर में आप सिंगल जार का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। शुरुआत में अक्सर यह लोगों की समझ में नहीं आता है। इसे चलाने के लिए जरूरी है कि दोनों जार की सही सेटिंग हो, फिर भले एक खाली जार हो। यह खासतौर समय की बचत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है ताकि एक बार में दो काम हो सकें। इसके अलावा चॉपिंग, ग्राइंडिंग और जूसर फंक्शन आदि के लिए अलग-अलग ब्लेड दिए गए होते हैं। जिसे जरूरत के अनुरूप सेट किया जाता है। यह शुरुआत में झंझटी जरूर लगता है लेकिन इसका नियमित इस्तेमाल करें तो यह आपके काम को काफी आसान बना देगा।