Vivek Agnihotri
Vivek Agnihotri

Summary : बेटे का तैमूर नाम रखने पर सैफ को झेलनी पड़ी थी आलोचना

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि तैमूर लंग ने एक ही रात में लाखों लोगों का कत्लेआम किया, गांव जलाए और औरतों को उठाया था...

Vivek Agnihotri on Taimur: फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की आने वाली फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ का ट्रेलर कई वजहों से चर्चा में है। यह फिल्म 1946 के ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स, नोआखाली दंगों और उसके बाद की परिस्थितियों पर आधारित है और इसे 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म के प्रचार के सिलसिले में विवेक तमाम जगह इंटरव्यू दे रहे हैं। इसी सिलसिले में वो द रौनक शो पर पहुंचे।

द रौनक शो में उनसे ट्रेलर में ‘तैमूर’ नाम के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा, “नहीं, तैमूर नाम तो कई लोग रखते हैं। ये पहली बार किसी ने नहीं रखा है, ऐसा नहीं है।” जब सीधे पूछा गया कि क्या इस नाम का कोई संबंध सैफ अली खान के बेटे के नाम से है, तो विवेक ने साफ किया –“नहीं, तैमूर… मैं बताता हूं तैमूर का क्या है। जब मैं ‘द ताशकंद फाइल्स शूट’ करने समरकंद गया था, तो वहां तैमूर लंग का मकबरा है। उस पर लिखा हुआ है कि ‘उसने दुनिया की सबसे अमीर सल्तनत जीती’ यानी दिल्ली सल्तनत। उसे इसलिए महान माना जाता है क्योंकि उसने उस समय की सबसे बड़ी और संपन्न सल्तनत को जीता था। वहां लिखा हुआ है कि उसे ‘सम्राट’ की उपाधि दी जा रही थी लेकिन उसने कहा, जब तक मैं दिल्ली को फतह नहीं कर लूंगा, तब तक मैं खुद को सम्राट नहीं कहलाऊंगा। फिर वह सेना लेकर आया और दिल्ली पर हमला किया।”

Taimur Lang
Taimur Lang

विवेक ने आगे कहा, “एक ही रात में उसने दिल्ली में एक लाख लोगों का कत्लेआम किया। उसके बारे में लिखा गया है कि जब वह यहां से निकला तो हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर तक के रास्ते में जितने भी गांव आए, उन्हें जलाता चला गया, लोगों को मारता चला गया, औरतों को उठाता चला गया। ठीक है, उनके देश में वह हीरो है। उनके लिए वह महान सम्राट है, महान आदमी है, जिसने सबसे अमीर सल्तनत को लूटा। लेकिन हमारे लिए तो वह महान नहीं है। तो तैमूर नाम क्यों रखना चाहिए? बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। सवाल ही नहीं उठता।”

2016 में जब सैफ अली खान और करीना कपूर ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा, तो उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी। बाद में सैफ ने दिल्ली टाइम्स से कहा था, “मैंने एक पल के लिए उसके नाम को बदलने के बारे में सोचा था। कुछ हफ्तों तक सोचा भी। करीना इसके खिलाफ थीं। उन्होंने कहा, ‘लोग आपकी राय की इज्जत करते हैं और आप अपना फैसला बदलेंगे तो ठीक नहीं लगेगा।’ तो मैंने कहा, हां लेकिन यह लोगों के बारे में नहीं है। मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा अलोकप्रिय हो जाए। अब भी, शायद जब वह एक-दो साल का होगा, मैं उसका नाम बदल दूं। यह अब भी मेरे लिए समझने की प्रक्रिया में है कि क्या करना चाहिए।”

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...