Summary : संजय दत्त को रिहैब इसी फिल्म के कारण जाना पड़ा
राजीव राय ने संजय को फिल्म से निकाल दिया था क्योंकि उनकी नशे की लत के कारण फिल्म लेट होती जा रही थी।
Sanjay Dutt Drug Addiction: फिल्म निर्देशक राजीव राय ने खुलासा किया है कि वे अभिनेता संजय दत्त के बेहद अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन जब उन्होंने ‘युद्ध’ फिल्म से संजय को हटा दिया तो उनकी दोस्ती में दरार आ गई। संजय उस समय ड्रग्स की लत से जूझ रहे थे और ऐसा माना जाता है कि इसी कारण उन्हें फिल्म से बाहर किया गया। एक इंटरव्यू में राजीव राय ने कहा कि उन्हें शायद इसका श्रेय मिलना चाहिए कि उन्होंने संजय की जिंदगी बदलने में मदद की, क्योंकि फिल्म से निकाले जाने के बाद ही संजय को वो झटका लगा जिसकी उन्हें जरूरत थी अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए।
राजीव ने बताया कि संजय को अमेरिका के फ्लोरिडा में रिहैब भेजा गया, लेकिन उनके पिता सुनील दत्त लगातार चिंतित रहते थे। सुनील दत्त ने राजीव राय और उनके पिता गुलशन राय से कई बार अनुरोध किया कि संजय को फिल्म से न हटाएं, लेकिन दोनों ने मना कर दिया क्योंकि फिल्म में और देर करना उनके लिए संभव नहीं था।
मेरा अच्छा दोस्त था संजय
राजीव ने कहा कि संजय दत्त ने जब तक युद्ध में काम किया, कभी शूटिंग मिस नहीं की। वे कहते हैं, “मैंने संजय के साथ 14 रील शूट की थीं। दिल से आज भी वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है। मैं उन दिनों को कभी नहीं भूल सकता, वे मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन थे। मेरे पिता गुलशन राय और दत्त साहब अच्छे दोस्त थे और हम पूरे परिवार के बहुत करीब थे। हालांकि कुछ समस्याएं थीं…”।
दोस्ती ऐसे टूटी
राजीव ने आगे कहा, “संजू उस वक्त ठीक नहीं था। उसे फ्लोरिडा में रिहैब की जरूरत थी। मैंने उसके पिता से बात की और कहा कि उसे इस हालत से बाहर निकालिए। मैं बहुत चिंतित था। मुझे नहीं पता उन्होंने इसे कैसे लिया, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने उसकी जिंदगी बदल दी। अगर मैं उस समय ये कठोर कदम नहीं उठाता, तो शायद वो कभी खुद को नहीं बदल पाता। इसके लिए मुझे अपनी दोस्ती छोड़ना पड़ी।”
निकाला नहीं… इजाजत मांगी थी
राजीव ने यह भी कहा कि ‘फायर’ शब्द बहुत कठोर लगता है, लेकिन उन्होंने एक ऐसी बातचीत की थी जिसके बाद संजय को फिल्म से बाहर कर दिया गया। वे बताते हैं, “मैं उससे रोज बात करता था और कहता था कि अपनी सेहत का ख्याल रखो। मैंने उससे इजाजत मांगी कि क्या मैं किसी और को लेकर फिल्म पूरी कर सकता हूं। उस वक्त मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था।”
संजय का नाराज होना सही है
राजीव ने बताया, “सुनील दत्त का पहला चेक मेरे पापा गुलशन राय ने ही काटा था। जब संजय की मां नरगिस कैंसर का इलाज करवा रही थीं, तब हम सब न्यूयॉर्क में एक साथ काफी समय रहे थे।” राजीव बोले “मेरे और संजू के बीच काम का रिश्ता नहीं चल पाया, लेकिन वो उसके अपने भले के लिए था। हो सकता है वह मुझे इसके लिए पसंद करता हो या नफरत करता हो, मुझे नहीं पता, क्योंकि हमने कभी इस पर बात नहीं की। मुझे इस फैसले को लेकर मानसिक तौर पर बहुत तकलीफ हुई। मैं महसूस कर सकता था कि वह और उसके पिता मुझसे बहुत नाराज थे, लेकिन उन्होंने सीधे कुछ नहीं कहा। अगर मैं उनकी जगह होता, तो शायद मैं भी नाराज होता। मैं दत्त साहब के साथ बैठता था और वे बिल्कुल नहीं चाहते थे कि संजू को फिल्म से हटाया जाए। वे बार-बार मुझसे कहते कि एक और मौका दो। उन्हें इस पूरे हालात से बहुत तकलीफ थी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि संजय को अब एक ‘इलेक्ट्रिक झटका’ चाहिए।”
बाद में, संजय दत्त रिहैब से लौटे और अपने करियर को फिर से शुरू किया, लेकिन मुसीबतें यहीं खत्म नहीं हुईं। कुछ साल बाद उन्हें हथियार रखने के केस में दोषी ठहराया गया और फिर कई सालों बाद उन्हें कैंसर हो गया। 2018 में उनकी जिंदगी पर आधारित संजू भी आई, जिसमें रणबीर कपूर ने संजय का किरदार निभाया।
