Overview:सलमान खान पर पान मसाला विज्ञापन का कानूनी शिकंजा
सलमान खान का पान मसाला विज्ञापन अब कानूनी मुश्किलों में फंस गया है। उपभोक्ता अदालत में दर्ज शिकायत ने एक बार फिर इस बहस को जिंदा कर दिया है कि क्या बड़े सितारों को ऐसे उत्पादों का प्रचार करना चाहिए जो अप्रत्यक्ष रूप से सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह मामला सिर्फ एक विज्ञापन का नहीं, बल्कि समाज के नैतिक दायित्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी का भी है।
Salman Khan pan masala controversy legal case-बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर चर्चा में हैं, और इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक विज्ञापन है। हाल ही में उनके खिलाफ कोटा की उपभोक्ता अदालत में एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उन पर पान मसाला का प्रचार करने को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह विज्ञापन लोगों को तंबाकू सेवन के लिए अप्रत्यक्ष रूप से प्रेरित करता है, जिससे युवा पीढ़ी पर गलत असर पड़ सकता है।
सलमान खान ने जिस पान मसाला ब्रांड के लिए विज्ञापन किया, वह कंपनी खुद को “तंबाकू-रहित” बताती है। हालांकि, कई उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि ऐसे उत्पादों का प्रचार भी नैतिक रूप से गलत है, क्योंकि यह पब्लिक हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है। अदालत ने मामले पर सुनवाई स्वीकार कर ली है और जल्द ही अगली तारीख तय की जाएगी।
विवाद की जड़ क्या है
शिकायत के मुताबिक, सलमान खान का पान मसाला विज्ञापन भ्रामक और समाज के लिए हानिकारक है। शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि सेलिब्रिटी जब ऐसे उत्पादों का प्रचार करते हैं, तो उनका प्रभाव आम जनता पर ज़्यादा पड़ता है, जिससे बच्चे और युवा उन्हें फॉलो करने लगते हैं। अदालत में कहा गया है कि यह विज्ञापन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।
पहले भी फंसे हैं सितारे ऐसे विज्ञापनों में
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े बॉलीवुड स्टार को पान मसाला विज्ञापन के लिए आलोचना झेलनी पड़ी हो। इससे पहले अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और शाहरुख खान जैसे कलाकारों को भी सोशल मीडिया पर ऐसे ही प्रमोशन को लेकर ट्रोल किया गया था। कई बार इन सितारों ने जनता की नाराज़गी के बाद ब्रांड से दूरी भी बना ली। अब देखना यह है कि सलमान खान इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
पब्लिक हेल्थ और विज्ञापन की जिम्मेदारी
सेलिब्रिटी ब्रांड एंडोर्समेंट का असर आम लोगों पर गहरा पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विज्ञापनों पर सख्त नियम बनाए जाने चाहिए ताकि बच्चों और युवाओं को गलत संदेश न मिले। सलमान खान जैसे प्रभावशाली सितारों से जनता की उम्मीद रहती है कि वे अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल सकारात्मक सामाजिक संदेशों के लिए करें।
