Overview: पंकज धीर ने बनाई थी देश की पहली अश्लील फिल्म
बहुत कम लोग जानते हैं कि पंकज धीर ने एक्टिंग के अलावा, निर्देशन का भी काम किया है। उन्होंने ही देश की पहली अश्लील फिल्म भी बनाई थी।
Pankaj Dheer First Adult Film: हिंदी सिनेमा और टीवी जगत के मशहूर एक्टर पंकज धीर के निधन से दिवाली से ठीक पहले फिल्म जगत गहरे शोक में डूब गया है। बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत‘ में सूर्य पुत्र ‘कर्ण’ का उनका प्रतिष्ठित किरदार दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया था। 68 वर्ष की आयु में, अभिनेता ने कैंसर से लंबी जंग लड़ते हुए अंतिम सांस ली। बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने करियर में एक्टिंग के अलावा, निर्देशन का भी काम किया है। उन्होंने ही देश की पहली अश्लील फिल्म भी बनाई थी।
आज भी होती है पंकज धीर की मूर्ति की पूजा
पंकज धीर एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने हर भूमिका में अपनी दमदार छाप छोड़ी। हिंदी के साथ-साथ मराठी फिल्मों और थिएटर में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया और अपने करियर में 25 से अधिक फिल्मों में काम किया। एक्टर निकितिन धीर के पिता और कृतिका सेंगर के ससुर पंकज धीर अपने पीछे एक समृद्ध सिनेमाई विरासत छोड़ गए हैं। यह उनकी लोकप्रियता का ही कमाल था कि ‘महाभारत’ के बाद, ‘कर्ण’ के रूप में उनकी तस्वीरें स्कूली किताबों में छपीं और करनाल तथा बस्तर के कर्ण मंदिरों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित हुईं, जिनकी आज भी पूजा की जाती है।
डायरेक्ट की थी पहली एडल्ट फिल्म
लेकिन उनकी जिंदगी का एक पहलू ऐसा भी है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं और जिसने उस दौर में काफी हलचल मचाई थी। यह बात है साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉम्बे फैंटेसी’ की। पंकज धीर ने इस फिल्म का निर्देशन किया था, जिसे अक्सर पहली भारतीय एडल्ट फिल्म कहा जाता है।
बॉम्बे फैंटेसी की कहानी
‘बॉम्बे फैंटेसी’ को मशहूर अभिनेता-निर्देशक मजहर खान ने प्रोड्यूस किया था, जबकि पंकज धीर ने इसके निर्देशन की कमान संभाली थी। फिल्म में लीड रोल में अभिनेता केएन सिंह के बेटे विभूषण सिंह पॉल थे, जिन्हें फिल्मी दुनिया में ‘नील कुमार’ के नाम से जाना जाता था। यह वह पहली भारतीय फिल्म थी जिसे सेंसर बोर्ड ने ‘एडल्ट सर्टिफिकेट’ दिया था। इसे अश्लील का दर्जा इसलिए दिया गया, क्योंकि इसमें एक ही कमरे में दो कपल्स को एक साथ अंतरंग होते दिखाया गया था, जो देसी सिनेमाई पर्दे पर पहली बार था। 1 जनवरी 1983 को यह फिल्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक साथ रिलीज हुई थी।
कनाडा से आया कैमरा क्रू
इस बोल्ड विषय को फिल्माने के लिए पंकज धीर ने एक बड़ा कदम उठाया था। फिल्म के बेडरूम सीन को शूट करने के लिए कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया से एक विदेशी कैमरा क्रू को बुलाया गया था। मुंबई के प्रतिष्ठित ‘सन एंड सैंड होटल’ में यह शूटिंग कई दिनों तक चली थी, जहां कनाडा से आया क्रू और कलाकार ठहरे थे। दिलचस्प बात यह भी है कि फिल्म के लीड अभिनेता विभु भूषण ने यह इंडस्ट्री छोड़ दी। बताया जाता है कि फिल्मों में सफलता न मिलने के बाद वह कनाडा चले गए और वहां ट्रक ड्राइवर बन गए।
