गजल अलघ ghazal alagh

गजल अलघ एक सुपरवुमन हैं। उन्होंने अपने पति वरुण गजल के साथ मिलकर जो बिजनेस शुरू किया था आज सफलता की ऊंचाइयों पर है। 33 वर्षीया गजल मामाअर्थ की सीईओ हैं। मामाअर्थ D2C ब्रांड है जिसके फाउंडर गजल और उनके पति हैं। अपने बेटे के लिए टोक्सिन फ्री प्रोडक्ट्स ढूंढने से अपने खुद के टोक्सिन फ्री बेबी केयर प्रोडक्ट्स बनाने तक का सफर गजल के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है। इस बिजनेस को शुरू करना गजल के लिए आकस्मिक था, लेकिन इसकी सफलता उनकी मेहनत और विशिष्ट सोच का नतीजा है जिसके चलते अब वे शार्क टैंक इंडिया में जज की भूमिका में नजर आ रही हैं।

बेटे की स्किन कंडीशन के चलते हुई शुरुआत

गजल अलघ के बेटे अगस्त्य को जन्मजात स्किन कंडीशन एक्ज्मा की परेशानी थी जिसके चलते उसे टोक्सिन युक्त प्रोडक्ट्स से दूर रखना था। गजल ने पाया कि भारत में बेबी केयर प्रोडक्ट्स में ऐसे कई टोक्सिन युक्त पदार्थ हैं जिनपर कई अन्य देशों में रोक लगी हुई है। भारत में टोक्सिन फ्री प्रोडक्ट्स की कमी के चलते गजल और वरुण को विदेश जाने वाले दोस्तों से टोक्सिन फ्री प्रोडक्ट्स मंगवाने पड़ते थे। यहीं से मामाअर्थ को शुरू करने का विचार गजल के मन में आया। उन्होंने पाया कि उनके और भी बहुत से दोस्त हैं जो इसी समस्या से गुजर रहे हैं। अपने साथ-साथ अन्य माओं की समस्याओं को समझते हुए गजल ने टोक्सिन फ्री बेबी केयर प्रोडक्ट्स लांच करने का फैसला किया।

गजल और वरुण दोनों के पास अपनी कंपनी खोलने के लिए इस क्षेत्र में अनुभव था। गजल ने 2010 में पंजाब यूनिवर्सिटी से इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से बीसीए की डिग्री प्राप्त की थी। न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट से इंटेंसिव कोर्स के साथ-साथ उनके पास आईटी सेक्टर में कॉर्पोरेट ट्रेनर का अनुभव था जिसके दौरान वे अलग-अलग कंपनियों के मैनेजर और सीईओ को ट्रेन करती थीं। वहीं, उनके पति वरुण भी हिंदुस्तान यूनिलीवर, इनफोसिस में काम कर चुके थे व कोका कोला में बतौर सीनियर ब्रांड मैनेजर कार्यरत थे। दोनों ने जून 2016 में होनासा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू की और दिसंबर तक 6 प्रोडक्ट्स के साथ मामाअर्थ की शुरुआत की। इन प्रोडक्ट्स में बेबी लोशन और क्रीम्स शामिल थे। मामाअर्थ पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में एशिया का इकलौता ‘मेडसेफ’ सर्टिफाइड ब्रांड है। साथ ही, D2C पर्सनल केयर कैटेगरी में सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका है।

मामाअर्थ की सफलता ने दिखाई नई राह

जहां अपने शुरूआती समय में मामाअर्थ ने 6 प्रोडक्ट्स लांच किए थे वहीं आज स्किन केयर, बेबी केयर और हेयर केयर समेत 140 से ज्यादा प्रोडक्ट्स मामाअर्थ लांच कर चुका है। इसके 500 से ज्यादा शहरों में 5 मिलियन कस्टमर्स हैं, साथ ही अपनी खुदकी वेबसाइट के अलावा फ्लिप्कार्ट, नाईका, अमेजोन और ऑफलाइन दुकानों में भी मामाअर्थ के प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं।  2017 में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी मामाअर्थ की ब्रांड अम्बेसडर बनीं और उन्होंने 1.6 करोड़ उसमें इन्वेस्ट किया। शिल्पा का भी मानना है कि टोक्सिन फ्री प्रोडक्ट्स स्किन के लिए सबसे सही होते हैं। कंपनी की नेटवर्थ 2020 में 115 करोड़ रही है और अप्रैल 2021 में इसने 700 करोड़ का लाभ कमाया है।

पिछले साल गजल ने मामाअर्थ का सिस्टर ब्रांड द डर्मा को. लांच किया। मामाअर्थ से अलग इस ब्रांड में नेचुरल इन्ग्रीडिएन्ट्स की बजाय साइंस आधारित एक्टिव इन्ग्रीडिएन्ट्स के प्रोडक्ट्स शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स विभिन्न तरह की स्किन कंडीशंस को ट्रीट करने के लिए हैं। फिलहाल डर्मा को. की रेंज में 40 के करीब प्रोडक्ट्स हैं। चाहे बाजार में ऐसे कितने ही प्रोडक्ट्स हों लेकिन डर्मा को. बहुत कम समय में सफलता की ओर अग्रसर हो चुका है। इस पीढ़ी की महिलाएं इस तरह के प्रोडक्ट्स का बड़ी मात्रा में प्रयोग कर रही हैं।

घर और बाहर सामंजस्य बैठाना

गजल अपने दिन की शुरुआत किस तरह करती हैं ये बताते हुए कहती हैं, “मैं सुबह जल्दी उठने वालों में से हूं। मैं सुबह 5:30 बजे उठती हूं और वो मेरा ‘मी टाइम’ होता है। मैं कुछ देर योग करती हूं और उसके बाद 30 मिनट तक कुछ पढ़ती हूं। इसके बाद मैं अपने दिन का खाका तैयार करती हूं कि मुझे आज क्या क्या करना है। मैं सबको यही सलाह दूंगी कि उन्हें भी अपना दिन सुबह जल्दी शुरू करना चाहिए। मेरे लिए ये गेम चेंजर साबित हुआ है।”

महामारी के दौरान सभी के लिए कई तरह के उतार-चढ़ाव आये जिसने सभी की दिनचर्या को कई मायनों में बदला है। गजल का कहना है कि उनकी दिनचर्या को उन्होंने महामारी के दौरान जरा भी बिगड़ने नहीं दिया। वे सुबह जल्दी उठती रहीं, योग भी किया और पढ़ना भी जारी रखा। गजल बताती हैं, “मैं कई किताबों को दोबारा पढ़ती हूं। मेरी दो मनपसंद किताबें हैं- ‘ओब्सटेकल इज द वे: द एंशिएट आर्ट ऑफ टर्निंग एडवर्सिटी टू एडवांटेज’ और एटॉमिक हैबिट्स। 

अपनी वर्क लाइफ और पर्सनल लाइफ को बखूबी हैंडल करती हैं। अपने एंटरप्रेनियोर होने को लेकर गजल बताती हैं, “मेरे पति और मुझे अपने इस बिजनस आईडिया पर पूरा विश्वास था इसलिए हमने आगे बढ़ने का फैसला किया और अपनी नौकरी छोड़ दी। मोम एंटरप्रेनियोर होना मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव रहा है, इसमें हरदिन नई सीख है, नए रोमांच हैं और इसे मैं किसी भी चीज से नहीं बदलना चाहूंगी।” एक महिला एंटरप्रेनियोर होने के नाते उन्हें किन कठिनाइयों से गुजरना पड़ा इस सवाल के जवाब में गजल बताती हैं, “सबसे बड़ी चुनौती जो मेरे लिए एक महिला एंटरप्रेनियोर होने में रही है वो है वर्कलाइफ बैलेंस करना खासकर तब जब आप एक पैरेंट होते हैं। इससे निपटने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है मदद मांगने में कभी ना हिचकना, चाहे फिर वो आपका स्टार्टअप हो या अपने बच्चे की परवरिश। हम सभी को मदद की जरुरत होती है और इसमें शर्म की कोई बात नहीं है।”

गजल और वरुण फिलहाल अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी कोशिश है कि पर्सनल केयर के क्षेत्र में उनका ब्रांड सबसे बड़ा ब्रांड बने। गजल ने खुद इस बात का जिक्र किया था कि उनकी शुरूआती कोशिश बिजनेस को 100 करोड़ तक ले जाने की थी, और अब जब यह लक्ष्य पूरा हो गया है तो उनकी अगली कोशिश 1000 करोड़ का आंकड़ा पार करने की है।

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