Happy Birthday
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बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान १४ मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। आमिर खान के बारे में एक बात तो सभी जानते हैं कि वे अपने रोल को बेहतर से बेहतरीन करने के लिए किरदार में पूरी तरह उतर जाते हैं। १९९५ में आई फिल्म बाजी में भी उनका किरदार कुछ ऐसा ही था। जहां उन्होंने एक महिला का किरदार पर्दे पर जीवंत किया था।

आमिर खान अपने किरदार के साथ भरपूर न्याय करते नजर आते हैं। फिर चाहे वह मूवी दिल चाहता है का एक युवा किरदार हो या दंगल में एक पिता का वे जब किरदार में उतरते हैं तो खुद वह किरदार बन जाते हैं। ऐसे ही तो उन्हें मिस्टर परफेक्शनिस्ट का खिताब नहीं मिला। वह अपने किरदार में इतनी जान फूंक देते हैं कि जिस फिल्म में वह होते हैं। उसका सफल होना तय है। यहां तक कि हर साल भी उनकी फिल्म रिलीज नहीं हो पाती। वह स्क्रिप्ट पढऩे में भी समय लगाते हैं और शूटिंग करने में भी उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं होती। उनकी इस शिद्दत का परिणाम रूपहले पर्दे पर नजर भी आता है। आज बात करते हैं एक ऐसी ही आमिर के किरदार के बारे में-

amir khan in movie bazi as a female
amir khan in movie bazi as a female

बाजी का वह रोल

साल १९९५ में आमिर खान की मूवी आई थी बाजी। आशुतोष गोवारिकर की इस फिल्म में उनके साथ ममता कुलकर्णी भी थीं। यह फिल्म एक क्राइम थ्रिलर थी। इसमें उन्होंने एक पुलिस वाले अमर राठौड़ का किरदार निभाया। फिल्म में थोड़ी सी देर का एक महिला कैबरे डांसर की भूमिका निभाई थी। फिल्म में यह बहुत थोड़े से समय का रोल है लेकिन बताता है कि एक सशक्त अभिनेता यों ही नहीं बनता। मेकअप से बढ़कर आमिर के चेहरे के वो भाव हैं जो उन्हें एक परफेक्ट कैबरे डांसर बनाते हैं। फिल्म में गाना है डोले-डोले दिल। इसमें उनकी अदाएं देेखने लायक हैं।

पूरी शरीर का वैक्स

किरदार में उतरने के लिए उन्होंने अपनी पूरी बॉडी को वैक्स करवाया था। उस टाइम मेकअप करवाने में उन्हें पांच घंटे लगते थे। आठ दिन तक डोले-डोले दिन की शूटिंग हुई थी। हालांकि इसके बाद वह एड फिल्म के लिए भी महिला किरदार के तौर पर नजर आ चुके हैं।

पूरी शरीर का वैक्स
पूरी शरीर का वैक्स

अब बात करते हैं एक बाल कलाकार की

आमिर खान की पहली फिल्म जूही चावला के साथ कयामत से कयामत थी। लेकिन बाल कलाकर के तौर पर अपने एक्टिंग करिअर की शुरूआत साल १९७३ में कर चुके थे। फिल्म का नाम था यादों की बारात। यह उनके चाचा नासिर हुसैन की फिल्म थी। इसके बाद उन्होंने 1974 में मदहोश मूवी में भी वह बाल कलाकार के तौर पर नजर आए।

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