Jagjit Singh Era
Jagjit Singh Era

Jagjit Singh Era: निर्देशक जोड़ी राधिका राव और विनय सप्रू ने 2016 की रोमांटिक फिल्म सनम तेरी कसम बनाई थी। यह फिल्म इस साल की शुरुआत में दोबारा रिलीज़ हुई तो दूसरी नई फिल्मों से ज़्यादा दर्शक खींचने में कामयाब रही। इस जोड़ी ने ही 2005 में लकी: नो टाइम फॉर लव बनाई थी। लेकिन फिल्मों में कदम रखने से पहले,  वे म्यूज़िक वीडियोज़ की दुनिया में बड़े नामों के साथ काम कर चुके थे जैसे जगजीत सिंह, पंकज उधास और आशा भोसले

विनय सप्रू ने जगजीत सिंह को याद करते हुए कहा है “वो तो एक बादशाह आदमी थे”। उन्होंने कहा, “उनके साथ काम करने की सबसे अच्छी बात ये थी कि हर मीटिंग खाने के साथ होती थी। वे हमें अपनी पसंदीदा जगह, रेसकोर्स के ‘गैलप्स’ रेस्तरां में शाम के समय बुलाते थे। लेकिन मैं एक बात ज़रूर कहूंगा कि वो ऐसे कलाकार थे जिन्हें म्यूज़िक वीडियो की ज़रूरत नहीं थी। लता मंगेशकर के अलावा वो शायद इकलौते ऐसे गायक थे जिन्होंने ज़्यादा म्यूज़िक वीडियो नहीं किए।”

राधिका राव और विनय सप्रू ने बताया कि इन सभी दिग्गज गायकों सिंह, उधास और भोसले में एक बात समान थी कि ये सभी अपने काम को लेकर बेहद प्रोफेशनल थे। वे समय पर आते थे, कैमरे में कैसे देखना है यह जानते थे और इस बात का ध्यान रखते थे कि उनका हेयर, मेकअप और कॉस्ट्यूम एकदम ठीक हो।

राधिका राव ने आशा भोसले के बारे में कहा, “आशा जी एक दीवा हैं! जितना उन्हें गाने का शौक है, उतना ही उन्हें सजने-संवरने, जूते पहनने, मेकअप और ज्वेलरी का भी है। वो इस पर घंटों चर्चा कर सकती हैं। वो वाकई कमाल हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि आशा भोसले अपना मेकअप सिर्फ मशहूर मेकअप आर्टिस्ट मिक्की कॉन्ट्रैक्टर से ही करवाती थीं।

निर्देशक जोड़ी ने यह भी कहा कि ये सभी कलाकार बहुत समर्पित और फोकस्ड थे, जबकि उन्हें खुद को किसी के सामने साबित करने की ज़रूरत नहीं थी। सप्रू ने याद किया, “हम रात के 2 बजे तक शूट करते थे। उस ज़माने में वैनिटी वैन भी नहीं होती थी। सभी सड़क किनारे कुर्सियों पर बैठते थे। जब हमने जगजीत सिंह जी के साथ साउथ मुंबई के एक पुराने थिएटर ‘एडवर्ड थिएटर’ में शूट किया, तो वे एक टूटी हुई थिएटर की कुर्सी पर बैठकर मेकअप करवाते थे”।

राव बताते हैं, “हमें लगता था कि वे बहुत गंभीर होंगे, लेकिन वे बेहद मज़ेदार इंसान थे। जैसे ही उनकी मखमली आवाज़ रिकॉर्डिंग के बाद शांत होती थी, वे इतने मज़ाक करते थे कि हंसी रोकना मुश्किल हो जाता था। उनका हास्य बहुत तीखा और व्यंग्यात्मक होता था।”

उन्होंने यह भी बताया कि इन दिग्गजों को म्यूज़िक वीडियो करने के लिए मनाना ज़्यादा मुश्किल नहीं था, सिवाय एक घटना को छोड़कर, जो गजल गायक पंकज उधास के साथ हुई थी। विनय सप्रू ने बताया, “उस समय एमटीवी नया-नया आया था। उनके प्रोग्रामिंग हेड ने तय कर लिया था कि वे ग़ज़ल नहीं चलाएंगे। हमने पंकज जी के साथ एक गाना रिकॉर्ड किया था – आहिस्ता। हमने उस पर एक क्रॉस-कल्चरल लव स्टोरी बनानी चाही। हमने समीरा रेड्डी को एक इंडियन लड़की के रूप में पेश किया जो एक गोरे ऑस्ट्रेलियाई लड़के से प्यार कर बैठती है और कहानी में पहल लड़की करती है, लड़का नहीं।”

इस पर पंकज उधास थोड़े परेशान हो गए।  उधास ने उस वक्त कहा था, “मेरी नैतिकता को थोड़ा बदला जा रहा है। यह मेरी ऑडियंस नहीं है। पहला कदम लड़के को उठाना चाहिए।” लेकिन सप्रू ने बताया कि जब उन्होंने समझाया और ज़ोर दिया, तो उधास मान गए। और अंततः वह म्यूज़िक वीडियो एक बड़ा हिट बना।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...