Neena Gupta A Symbol of Strength for Single Mothers
Neena Gupta A Symbol of Strength for Single Mothers

Neena Gupta for Parenting Inspiration in hindi: आजकल सिंगल पेरेंटिंग(Single Parenting) का सफऱ बेहद चुनौती पूर्ण और सघर्षों से भरा हुआ है। वहीं, जब बात एक महिला की आती है तो बच्चे की अकेले परवरिश कर पाना और भी मुश्किल बन जाता है। ऐसे में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री नीना गुप्ता सिंगल मॉम के लिए एक बेहतर इंस्पिरेशन हैं, जो अपनी लाइफ को अकेले ही बैलेंस कर रही हैं। अभिनेत्री अपनी शानदार अदाकारी, बिंदास अंदाज‌ और एक्सपेरिमेंटल होने के साथ ही एक सिंगल मदर भी हैं, जिन्होंने समाज की बंदिशों को तोड़ते हुए बिना शादी के ही अपनी बेटी मसाबा गुप्ता को जन्म दिया और अकेले ही परवरिश की। इसके साथ ही अभिनेत्री ने करियर को भी पीछे ना छोड़ते हुए नई ऊंचाइयों को भी छुआ। ऐसा नहीं की नीना गुप्ता ने अपने सफ़र में संघर्षों का सामना नहीं किया, बल्कि हर हाल में वह डटकर खड़ी रहीं। हर मां के लिए नीना गुप्ता की कहानी साहस और आत्मविश्वास की मिसाल है। 

नीना गुप्ता की स्टोरी हर उस सिंगल मदर के लिए इंस्पिरेशन है, जो खुद को कमजोर और छोटा समझती हैं। नीना गुप्ता से हमें सीख मिलती है कि सिंगल पैरंट होना कोई कमजोरी नहीं बल्कि ताकत भी बन सकती है। समाज के लोग क्या कहेंगे, क्या ताने मारेंगे। इन बातों की चिंता छोड़कर अगर कोई भी मां अपने बच्चों के लिए जी जान लगाकर उसे एक अच्छा इंसान बन सके तो वह एक सक्सेसफुल लाइफ क्रिएट कर सकती है।

नीना गुप्ता की जर्नी सबसे अलग है। 40 साल पहले जब भारतीय समाज सिंगल मदर को थोड़ा भी स्वीकार नहीं करता था। फिर भी नीना ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बिना शादी के ही अपनी बच्ची को जन्म दिया। उनके इस फैसले ने आम लोगों की सोच पर सवाल खड़ा कर दिए। मीडिया में भी उनका यह फैसला काफी चर्चे का विषय बना रहा। लेकिन नीना ने मजबूती से सभी के तानों का सामना किया और किसी की बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। यही नहीं, नीना ने अपने साथ अपनी बेटी को भी मजबूत बनाया और समाज का सामना करना सिखाया। नतीजतन, नीना गुप्ता की बेटी मसाबा गुप्ता आज एक सक्सेसफुल फैशन डिजाइनर हैं और शादी के बाद उनकी एक बेटी भी है। इसलिए नीना जैसी माओं से हर सिंगल मॉम इंस्पिरेशन ले सकती है कि कैसे अकेले भी अपने बच्चों को बेहतरीन परवरिश देकर उसको अपने पैरों पर खड़ा किया जा सकता है। 

नीना गुप्ता ने कई बार इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें अपनी बेटी को पालने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। वह अपने साथ अपने पिता और रिश्तेदार को भी रखना चाहती थी। लेकिन उनके साथ-साथ उनके खुद के परिवार की तरफ से भी सख्ती बहुत खराब थी। उनके पास कोई विलासिता नहीं थी, जिसकी वजह से उन्हें कभी आराम भी नहीं मिल पाता था। उन्होंने बताया कि कई बार वह अपने घर से सुबह के समय ही निकालकर सीधे रात में वापस आती थी। वह समय काफी मुश्किल भरा रहा ऐसा नहीं कि सभी महिलाएं ऐसा नहीं करती जो महिलाएं शादीशुदा होती हैं उनको भी इन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 

सिंगल पेरेंटिंग में सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि करियर और पर्सनल लाइफ में आखिर कैसे संतुलन रखा जाए? फिर भी अभिनेत्री ने इस मुकाम पर भी हार नहीं मानी। उन्होंने करियर और बेटी की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी और एक समय ऐसा आया जब नीना गुप्ता को कहीं से कोई काम नहीं मिल रहा था, तब उन्होंने इंटरनेट पर पोस्ट करके काम मांगना शुरू किया, जो उनके ईमानदारी और आत्म बल को शो करता है। सिंगल मदर के लिए नीना गुप्ता का यह सफर सीख देता है कि कैसे खुद को छोटा समझने की जगह अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए। हालात चाहे कितने भी बुरे और मुश्किल भरे क्यों ना हो, इरादा अगर मजबूत होता है तो रास्ता खुद ब खुद बन जाता है।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...