संगीत की दुनिया में नीति मोहन का नाम नया नहीं है। अपनी छोटी बहनों शक्ति, मुक्ति और कृति का मम्मी की तरह खयाल रखने वाली नीति से हुई एक मुलाकात हमारी मुंबई ब्यूरो चीफ गरिमा चंद्रा की। बातचीत का सिलसिला चला तो उन्होंने उन्होंने अपने करियर, बचपन, परिवार और पसंद-नापसंद के बारे में ढेर सारी बातें की-

क्या कारण है कि आपने ‘वॉइस इंडिया रियलिटी शो कैसे स्वीकार किया?
यह मेरा पहला टीवी शो है जिसने मैं प्रतिभागी नहीं बल्कि कोच या मेंटर बनकर आ रही हूं। मैं उन गिने चुने सिंगर में से हूं जिन्होंने अपने करियर की शुरूआत रियलिटी शो से की है। मना करने का सवाल ही नहीं था। 

वॉइस इंडिया किड्स में एक कोच के तौर पर आपको अपने आप में क्या विशेषताएं दिखती हैं?
मैं बच्चों से बहुत जल्दी रिलेट कर लेती हूं। बच्चों को भी मैं गर्ल नेक्स्ट डोर की तरह अपनी सी लगती हूं। शायद मुझे देखकर उन्हें यह आभास होता हो कि सपने पूरे होते हैं। मैं उनकी ही तरह एक कॉम्पटिशन जीत कर आई हूं। बचपन से ही अपनी चारों बहनों की छोटी मम्मी बन गई थी, इसलिए मेंटरिंग मुझे बचपन से ही आती है।

आप बचपन में कैसी स्टूडेंट थी?

मैं बचपन में ऑल राउंडर थी। डान्स, सिंगिंग, स्पोर्ट्स, स्कूल बैंड सब में एक्टिव थी। सीखने का बहुत शौक था, हर चीज़ कापी कर लेती थी। स्टेज पर परफॉर्म करना बहुत पसंद था। शो से पहले खूब प्रैक्टिस करती थी, रात भर नींद नहीं आती थी, लगता था, मैं सारे दर्शकों का दिल जीत लूं। आज भी वैसी ही हूं। मुझे खाना न मिले, म्यूजिक में कुछ भी करा लो। म्यूजिक रिहर्सल स्टेज, सब मुझे खुशी देते हैं।

कौन-कौन से सिंगर और किस किस्म का म्यूजि़क सुनकर आप बड़ी हुई हैं?
बचपन से लताजी और आशाजी को सुना है। आबिदा परवीन, फरीदा खनम और कौशिकी चक्रवर्ती से मुझे प्रेरणा मिली है। किशोर दा से मैंने सिर्फ गाना नहीं, बल्कि आवाज़ के साथ सर्कस और स्टेज पर परफॉर्म करना सीखा है। इंटरनेशनल सिंगर बीआंड से और वितनी मिसटन को बहुत सुना। मैंने इंडियन क्लासिकल, फोक वेस्टर्न सब तरह का गाना सीखा। आज सुनिधि और श्रेया घोषाल मेरे फेवरेट हैं।

आप चारों बहनों में किस तरह की बांडिंग या कम्पटीशन है?
हम चारों फ्रेंड्ज़ की तरह हैं। बचपन में मैं उनका खयाल रखती थी, लेकिन अब सब इंडिपेंडेंट हैं। हम सब एक दूसरे के फैन भी हैं और क्रिटिक भी। आपस में बैलेन्स रखते हैं, एड़वाइस भी देते हैं। छोटी-छोटी बातों पर नोक झोंक भी करते हैं। शक्ति को सफाई का जुनून है। मुक्ति सबसे अच्छे कपड़े और मेकअप ले लेती है।

जि़ंदगी में किसी बात का मलाल है या शिकायत?
नहीं बिलकुल नहीं। हम बहुत लकी हैं दिल्ली की एक नोर्मल हैपी मिडल क्लास फैमिली से जुड़े हैं। पेरेंटस ने हमेशा साथ दिया सपोर्ट किया। हां, बचपन में जब कोई कहता था की हम चारों बहनें हैं, भाई नहीं है तो बहुत गुस्सा आता था। लड़की होना क्यूं छोटा समझा जाता है या लड़का होना क्यूं ज़रूरी है। तब सोचती थी की मुझे ऐसा कुछ करना है कि लड़की-लड़का का फर्क खत्म हो जाए।

लाइफ का मोटो क्या है?
लाइफ में सीखने के लिए बहुत कुछ है, अपनी लाइफ के प्रति खुला नजरिया रखें, कान करना ही है इस बात को सीखें। लाइफ में जो भी मौके मिलें, उनका अनुभव करना चाहिए।

आपका फेवरेट खाना?
घर का बना सिम्पल खाना- दाल, खिचड़ी, सलाद, किनोवा फ्रूट  आदि। कह सकती हूं कि मुझे ज्यादातक हेल्दी खाना पसंद है।

फेवरेट प्लेस जहां घूमने जाना चाहें?
मुझे यूरोप जाने का मन है, वहां की हिस्ट्री, कल्चर और फूड सब मुझे आकर्षित करता है।